रविवार, 16 नवंबर 2025

नक्षत्र के रंगों का प्रयोग करने के नियम

 

SituationUse Color Of
Daily RemedyMoon Nakshatra
Career / KarmaLagna Nakshatra
Soul PathAtmakaraka Nakshatra
Relationship7th lord nakshatra
Money Progress2nd & 11th lord nakshatra
Health Balance6th & 8th lord nakshatra
Mantra-SadhanaNakshatra deity color
Diseases CureNakshatra Tattva Color

देव गण = उजले/दिव्य रंग
 मानुष्य गण = मिट्टी/earthy नेचुरल रंग
 राक्षस गण = गहरे/तांत्रिक/occult रंग
 Fire signs = लाल/केसरिया
 Water signs = सफेद/नीला/मोती
 Air signs = हरा/हल्का नीला
 Earth signs = पीला/मिट्टी रंग

रंग नक्षत्र-ऊर्जा को ट्यून करते हैं, ग्रह दोष शांत करते हैं, चित्त शुद्ध करते हैं।

Nakshatra Color Table (Tattva + Devata + Graha )

 

NakshatraPlanetElementDevataColor
AshwiniKetuFireAshwini Kumars⚪ सफेद + 🔴 लाल
BharaniVenusEarthYama🟤 मिट्टी + 🔶 टेराकोटा
KrittikaSunFireAgni🔥 केसरिया + 🟡 सुनहरा
RohiniMoonEarthBrahma🌸 हल्का गुलाबी + 🤍 क्रीम
MrigashiraMarsAirSoma💚 हरा + 🌿 हर्ब ग्रीन
ArdraRahuWaterRudra🌧️ ग्रे + ⚫ काला + 🌩️ electric blue
PunarvasuJupiterAirAditi💛 पीला + 🤍 मोती सफेद
PushyaSaturnWaterBrihaspati🟦 नील + 🤍 दूधिया
AshleshaMercuryWaterNaga🟩 हरा + 🟣 नाग-बैंगनी
MaghaKetuFirePitru🔱 केसरिया + ⚪ सफेद
Purva PhalguniVenusFireBhaga💗 गुलाबी + 🟡 सोना
Uttara PhalguniSunFireAryaman🟧 केसरिया + 🤎 हल्का भूरा
HastaMoonWaterSavitur🟨 हल्का पीला + 🤍 मोती
ChitraMarsFireVishwakarma🔴 लाल + 🟣 रॉयल बैंगनी
SwatiRahuAirVayu🌬️ हल्का नीला + ⚪ सफेद
VishakhaJupiterFireIndra–Agni🟠 नारंगी + 🔴 रत्न लाल
AnuradhaSaturnWaterMitra⚫ काला + 🟦 नीला + 🤍 चाँदी
JyeshthaMercuryWaterIndra🟣 इंडिगो + ⚫ काला
MoolaKetuEarthNirriti🟥 गहरा लाल + 🟫 मिट्टी
Purva AshadhaVenusWaterApas🤍 सफेद + 💧 aqua blue
Uttara AshadhaSunEarthVishwadeva🟧 केसरिया + 🟫 earthy
ShravanaMoonWaterVishnu🤍 सफेद + 🟦 नीलकमल नीला
DhanishtaMarsFireAshta Vasus🔴 रॉयल रेड + 🌑 metallic grey
ShatabhishaRahuAirVaruna🟦 electric blue + ⚫ काला
Purva BhadrapadaJupiterFireAja Ekapada🔥 अग्नि लाल + 🟣 occult violet
Uttara BhadrapadaSaturnWaterAhirbudhnya🌊 deep blue + 🤎 earth brown
RevatiMercuryWaterPushan🤍 दूधिया सफेद + 🐚 मोती

नक्षत्र – मंदिर, स्थान और उद्देश्य Nakshatra – Temple, Location and Purpose

 

नक्षत्र        देवता        प्रमुख मंदिर/स्थानस्थान (कहाँ)उद्देश्य / साधना का फल
1. अश्विनीअश्विनीकुमारवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंगझारखंडरोग-निवारण, स्वास्थ्य, तेज
2. भरणीयमयमधर्मराज मंदिरकेरळ (थिरुवनंतपुरम)पाप-विमोचन, आत्मबल
3. कृत्तिकाअग्निअन्नमलैयार (अरुणाचल)तिरुवन्नामलैक्रोध-शुद्धि, ऊर्जा, तप
4. रोहिणीब्रह्माब्रह्मा मंदिरपुष्करप्रतिष्ठा, वैभव, सौंदर्य
5. मृगशीर्षासोमसोमेश्वर मंदिरसोमनाथमन-शांति, यात्रा-सिद्धि
6. आर्द्रारुद्रनटराज मंदिरचिदंबरमशोक-शांति, गहरी साधना
7. पुनर्वसुअदितिअदिति माता पीठगुजरातपुनर्जन्म, नई शुरुआत
8. पुष्यबृहस्पतिबृहस्पति मंदिरकुडप्पागुरु-कृपा, शिक्षा, दया
9. अश्लेषानागनागदेवता मंदिरकणिपकमऋण-शांति, नकारात्मकता मुक्ति
10. मघापितरपितृतीर्थ – गयाबिहारपितर-दोष शांति
11. पूर्वा फाल्गुनीभग/शुक्रकामाख्याअसमआकर्षण, प्रेम, सृजन
12. उत्तर फाल्गुनीआर्यमाकाशी विश्वनाथवाराणसीविवाह, साझेदारी, प्रतिष्ठा
13. हस्तसविता (सूर्य)सूर्य नारायण मंदिरकोणार्ककौशल, हाथ का हुनर, सफलता
14. चित्राविश्वकर्माविश्वकर्मा देवालयकर्नाटकनिर्माण, कला, वास्तु
15. स्वातिवायुवायुपुराण मंदिरत्रिचूरस्वतंत्रता, यात्रा, व्यापार
16. विशाखाइंद्र-अग्निइंद्रेश्वर महादेवइंदौरलक्ष्य-सिद्धि, ऊर्जा
17. अनुराधामित्रपंढरपुर विठ्ठलमहाराष्ट्रमित्रता, सपोर्ट, सामंजस्य
18. ज्येष्ठाइंद्राणीश्री इंद्राणी पीठमहाराष्ट्रप्रतिष्ठा, सामाजिक शक्ति
19. मूलनिरृतिकालीघाट कालिकाकोलकाताकर्म-विनाश, पुराना उखाड़ना
20. पूर्वाषाढ़ाअप: (जल)वरुण देव मंदिरगुजरातविजय, आत्मविश्वास
21. उत्तराषाढ़ाविश्वदेवबेलूर-हल्बीडुकर्नाटकप्रतिष्ठा, समाज में नाम
22. श्रवणविष्णुतिरुमला बालाजीतिरुपतिश्रवण-शक्ति, करियर-उन्नति
23. धनिष्ठाअष्टवसुउडुपी कृष्णकर्नाटकधन, संगीत, नेटवर्क
24. शतभिषावरुणरमेेश्वरम सागर-अर्घ्यतमिलनाडुरोग-निवारण, डिटॉक्स, नशा मुक्ति
25. पूर्वाभाद्रपदअज-एकपादकालभैरव मंदिरउज्जैनसुरक्षा, राहु-शांति
26. उत्तराभाद्रपदअहिर्बुध्न्य (नाग)तिरुपति नागदोष निवारणतिरुमलागहराई, अध्यात्म
27. रेवतीपूषाजगन्नाथ पुरीओडिशायात्रा-सफलता, मार्गदर्शन

नक्षत्र मंदिर उपाय (Nakshtra and temple)

 

1. अश्विनी – अश्विनीकुमार

→ रेमेडी: राणिपेत / चेन्नई के अश्विनीकुमार मंदिर में तेल चढ़ाएँ।

🌟 2. भरणी – यम

→ रेमेडी: काशी विश्वनाथ या किसी भी यमधर्मराज मंदिर में पितृ-तर्पण करें।

🌟 3. कृतिका – अग्नि देव

→ रेमेडी: तिरुपुर / पलनी के अग्नि–कुण्ड / कार्तिकेय मंदिर में हवन कराएँ।

🌟 4. रोहिणी – ब्रह्मा

→ रेमेडी: पुष्कर, राजस्थान के ब्रह्मा मंदिर में दीपदान।

🌟 5. मृगशिरा – सोम

→ रेमेडी: सोमनाथ मंदिर (गुजरात) में अभिषेक करवाएँ।

🌟 6. आर्द्रा – रुद्र

→ रेमेडी: चिदंबरम के रुद्र नटराज मंदिर में दर्शन अनिवार्य। (आपका उदाहरण)

🌟 7. पुनर्वसु – अदिति

→ रेमेडी: अदिति माता मंदिर (केरल/तमिलनाडु क्षेत्र) में हल्दी चढ़ाएँ।

🌟 8. पुष्य – बृहस्पति

→ रेमेडी: त्र्यंबकेश्वर / नासिक में गुरु अभिषेक कराएँ।

🌟 9. आश्लेषा – नाग देवता

→ रेमेडी: नागनाथ मंदिर (कर्नाटक) या किसी भी नागदर्शन स्थल पर दूध चढ़ाएँ।


🔱 10. मघा – पितृ

→ रेमेडी: गया में पितृ-तर्पण या काशी में पितृ श्राद्ध अवश्य करें।

🔱 11. पूर्वाफाल्गुनी – भग

→ रेमेडी: भगवान सूर्य मंदिर (कोणार्क/मोडेरा) में जल अर्पित करें।

🔱 12. उत्तराफाल्गुनी – अर्यमन

→ रेमेडी: अर्यमन देवता मंदिर (दक्षिण भारत) में नारियल चढ़ाएँ।


🌕 13. हस्त – सवितृ

→ रेमेडी: कोणार्क या किसी भी सूर्य मंदिर में चंदन अर्पित करें।

🌕 14. चित्रा – विश्वकर्मा

→ रेमेडी: विश्वकर्मा मंदिर में औजार (tool) दान करें।

🌕 15. स्वाति – वातु/वायु

→ रेमेडी: वायु देव मंदिर (कर्नाटक – मुकुर्ती/गोकर्ण) में ध्वज चढ़ाएँ।

🌕 16. विशाखा – इन्द्र–अग्नि

→ रेमेडी: इन्द्र मंदिर (त्रिची/कांची) में केसर/कपूर चढ़ाएँ।


🔥 17. अनुराधा – मित्र (सूर्य मित्र देवता)

→ रेमेडी: सूर्य मित्र पूजा – किसी भी सूर्य स्थल पर गुड़ दान।

🔥 18. ज्येष्ठा – इन्द्र

→ रेमेडी: इन्द्रेश्वर मंदिर (कांची/त्रिची) में लाल चावल अर्पित करें।

🔥 19. मूल – निरृति

→ रेमेडी: निरृति देवी पीठ (तमिलनाडु) या किसी शक्ति पीठ में लाल वस्त्र दान।


🌳 20. पूर्वाषाढ़ा – अपः (जल देवता)

→ रेमेडी: किसी जल तीर्थ (गंगा, गोदावरी, कावेरी) में दीपदान।

🌳 21. उत्तराषाढ़ा – विश्वदेव

→ रेमेडी: विश्वेश्वर महादेव मंदिर, वाराणसी में पूजा।

🌳 22. श्रवण – विष्णु

→ रेमेडी: तिरुपति / बद्रीनाथ / जगन्नाथ — किसी भी विष्णु मंदिर में दर्शन।


🌙 23. धनिष्ठा – वसु

→ रेमेडी: वसु देवालय या किसी भी शिव-ध्वनि वाले मंदिर में ढोल/नगाड़ा चढ़ाएँ।

🌙 24. शतभिषा – वरुण

→ रेमेडी: वरुण देव मंदिर (सोमनाथ क्षेत्र / मुंबई तट) में जल कलश अर्पित करें।

🌙 25. पूर्वाभाद्रपदा – अज एकपाद

→ रेमेडी: अज-एकपाद शिवालय (कर्नाटक) में हवन।


🔱 26. उत्तराभाद्रपदा – अहिर्बुधन्य (नाग-रूप शिव)

→ रेमेडी: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में अभिषेक।

🔱 27. रेवती – पूषा (पोषण)

→ रेमेडी: पूषा देवता मंदिर (तमिलनाडु/केरल) में घी-दीप जलाएँ।

सोमवार, 31 मार्च 2025

इस फ़ार्मूले के हिसाब से पता कर सकती हैं अपनी शुभ दिशाऐं

महिलाएँ ...इस फ़ार्मूले के हिसाब से पता कर सकती हैं अपनी शुभ दिशाऐं।  



तो ये है इस फ़ार्मूले का राज... 👇


जन्म वर्ष के केवल आख़री दो अंकों का योग कीजिये उदाहरण के लिए किसी की date of birth 7-6-1971 है आपको सिर्फ़ वर्ष के आख़री दो अंक यानि 7 और 1 का ही योग करना है  

अगर योग करने पर 4, 5, 7, या 8 आये तो आप ईस्ट ग्रुप के व्यक्ति हैं और यदि 1, 2, ,3, 6, या 9 आये तो आपका ग्रुप वेस्ट होगा। 


अभी कुछ दिन पहले की बात है एक महिला मेरे आफिस में अपनी जन्मपत्री दिखाने आयी ... वह एक गंभीर रोग से पीड़ित थी उन्हौने बताया की डाक्टर ने मुझे तुरन्त आँपरेशन करवाने की सलाह दी है। 

मैने उनको समझाया की आपको इसमें जल्दबाज़ी नही करनी चाहिए आपके ग्रहों के हिसाब से ...आपका आने वाला समय ...ज़्यादा ख़राब है और अगर आपरेशन करवाना ज़्यादा ज़रूरी हो तो ...क्योंकि आपका ग्रुप वेस्ट है इसलिए आपके घर से जो डाक्टर ईशान, वायव्य, पश्चिम या नैऋत्य दिशा में रहता हो या उसका अस्पताल इस दिशा में हो .आपको उसी से इलाज करवाना चाहिए। 

उन्हौने जिस अस्पताल के बारे में बताया वो उनके घर से अग्निकोण में था। 

मैने उनको समझाया की आपके घर से ...उत्तर, पुर्व, अग्निकोण व दक्षिण दिशा से ...आपको लाभ होने की संभावना कम है इसलिए मेरी राय में आपको इस दिशा में रहने वाले किसी भी डाक्टर से आपरेशन नही करवाना चाहिए क्योंकि आपका केस पहले से काफ़ी बिगड़ा हुआ है और हम जो भी प्रयास कर सकते हैं हमको ज़रूर करने चाहिए। 


उस समय तो उन्हौने मेरी बात मान ली और चली गयी ...पर घर पहुँचने के बाद रिश्तेदार व परिवार के लोगो के दबाव में आकर उसी अस्पताल में आपरेशन करवा लिया जिसके लिए मैने मना कर दिया था।

और रिज़ल्ट ये निकला की आपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ती ही चली गयी और आज वह इस दुनिया में नही है।  


इस फ़ार्मूले से ...किसी व्यक्ति के साथ उसका सबसे बुरा किस किस दिशा में रहने वाले लोग कर सकते हैं इसका पता बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है और 99 प्रतिशत मामलों में ये सही सिद्ध होता है। 


नोट - मेरा उदेश्य सिर्फ आप सभी मित्रों का ज्ञानवर्धन करना है  किसी भी व्यक्ति के मन में भय या अंधविश्वास उत्पन्न करना नही है 

इस फ़ार्मूले का उपयोग ...चिकित्सक से परामर्श लेते समय केस की गंभीरता को देखते हुए किया गया है 

सामान्य परिस्थितियों में भी इसका उपयोग करना अनिवार्य हो ऐसा ज़रूरी नही है। 

शिक्षा, व्यापार,नौकरी, इन्वेस्टमेंट और विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय इस फ़ार्मूले का ध्यान रखा जाये तो ज़्यादा लाभदायक सिध्द होता है।  


एस के मेहता 

अध्यक्ष - वास्तु परामर्श एवं अनुसंधान केन्द्र जयपुर।

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तो ये है इस फ़ार्मूले का राज... 


जन्म वर्ष के केवल आख़री दो अंकों का योग कीजिये उदाहरण के लिए किसी की date of birth 7-6-1981 है आपको सिर्फ़ वर्ष के आख़री दो अंक यानि 8 और 1 का ही योग करना है  

अगर योग करने पर 1 , 6, 7 , या 9 आये तो आप ईस्ट ग्रुप के व्यक्ति हैं और यदि 2 ,3, 4 , 5 या 8 आये तो आपका ग्रुप वेस्ट होगा। 


कई साल पहले की बात है जयपुर शहर के एक बहुत बडे व्यवसायी का अपहरण हो गया था 

मुख्यमंत्री व गवर्नर तक पीड़ित परिवार के घर ढाँढस बँधाने गये थे। 

उस समय इलाक़े के SP को मैने बताया की सर जिस व्यक्ति का अपहरण हुआ है वह वेस्ट ग्रुप का व्यक्ति है इसलिए उसका अपहरण करके उसको  (उसकी सबसे अशुभ दिशा यानी) अग्निकोण में ले जाने की संभावना है। 

पुलिस उसको शहर के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम इलाक़े में तलाश कर रही थी पर संयोग से वो अग्निकोण में ही मिला था। 


इस फ़ार्मूले से ...किसी व्यक्ति के साथ उसका सबसे बुरा किस किस दिशा में रहने वाले लोग कर सकते हैं इसका पता बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है और 99 प्रतिशत मामलों में ये सही सिद्ध होता है। 


नोट - फ़िलहाल ये फ़ार्मूला मैने सिर्फ़ पुरुष मित्रों के लिए बताया है महिलाओं का गणित अलग है इसलिए वो अपना ग्रुप जानने के लिए मेरी अगली पोस्ट का इंतज़ार करें।

मेरे पास जो भी ज्ञान है उस पर आप सभी मित्रों का पूरा अधिकार है 😍इसलिए आपके समक्ष …प्रस्तुत कर रहा हूँ इस आशा के साथ की आप इसे अधिक से अधिक संख्या में शेयर करके जन कल्याण की भावना से सभी लोगों तक पहुँचाने में मेरी मदद करेंगे।

सोमवार, 23 दिसंबर 2024

PCOD की समस्या

 🌻 *मासिक की अनियमितता, मासिक में देरी, PCOD की समस्या* 🌻


ऐलोपैथी चिकित्सा पद्ध्यति में इस रोग के लिए कोई उपचार नही है, किन्तु आयुर्वेद की प्राचीन परंपरा के द्वारा इस रोग का निदान बहुत आसानी से किया जा सकता है।


🕉 रात में एक कांच के गिलास में 1/4 चम्मच चूना मिक्स कर दें, सुबह इस पानी को अलग करके तली में बैठा चूना फेंक दें, इस पानी को सुबह खाली पेट पीना है।


🕉 *महा योगराज गुग्गल*

🕉 *चंद्रप्रभावटी*

🕉 *रज प्रवर्तिनी वटी*


सुबह शाम एक एक गोली गुनगुने दूध से लेनी है।


🕉 *स्त्री रसायन वटी* 

2 -2 गोली सुबह शाम सादा पानी से लेनी है।


🕉 *अशोकारिष्ट*

4 चम्मच दवा आधा कप पानी में मिला कर सुबह शाम भोजन के बाद लेनी है।


ये इलाज 3 से 4 महीने करना है।


।। जय श्री हरि ।।

शनिवार, 16 नवंबर 2024

गुरु पुष्य नक्षत्र उपाय

 नजूमी जी की कलम से - 

पीले मीठे चावल चावल में घी चीनी तथा हल्दी या फिर केसर द्वारा बने हुए पीले मीठे चावल जिसे जिसे हम मालवा पंजाबी में जर्दा भी कहते हैं या चने की दाल तथा चावल मिलाकर जो खिचड़ी बनाई जाती है मीठे के रूप में या नमकीन के रूप में दोनों रूप में किसी भी रूप में बनाकर इस देव श्री हरि को भोग रूप समर्पित करके पूरे परिवार में ग्रहण करना गुरु पुष्य नक्षत्र पर अत्यंत सुखदाई है 

  श्री हरि के लिए भोग को समर्पित किए हुए निकले हुए भोजन को गौ ग्रास के रूप में या किसी भी प्राकृतिक जीव या जल में रहने वाले जीवों को श्री हरि के मत्स्य स्वरूप स्मरण करते हुए जल प्रवाहित करना भी सर्वोत्तम है तथा बाकी भोजन स्वापरिवार ग्रहण कर लेना चाहिए।

  यूनिवर्सल उपाय है ग्रह नक्षत्र अनुसार ही है परंतु ग्रह नक्षत्र से कुछ परे है.


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