BCP क्या है?
BCP =
“किस उम्र में जीवन का कौन-सा भाव (House) खुलेगा”
जिस भाव का समय आएगा,
उसी भाव से जीवन की घटनाएँ घटेंगी।
🔑 सूत्र 1 — Running Year
सबसे पहला सूत्र:
Running Year = वर्तमान वर्ष – जन्म वर्ष
उदाहरण:
1987 जन्म
2025 चल रहा
2025 – 1987 = 38
🔑 सूत्र 2 — 12 House Cycle
भाव 12 हैं
तो हर 12 साल में चक्र दोहरता है।
| Running Year | House |
|---|---|
| 1 | 1st |
| 2 | 2nd |
| 3 | 3rd |
| … | … |
| 12 | 12th |
| 13 | 1st |
| 14 | 2nd |
| 25 | 1st |
| 26 | 2nd |
| 37 | 1st |
| 38 | 2nd |
| 39 | 3rd |
👉 सूत्र:
🔑 सूत्र 3 — Birthday Rule
BCP Calendar Year से नहीं
Birthday to Birthday चलता है।
अगर कोई 38वाँ Running Year है तो:
उसके Birthday से लेकर अगले Birthday तक
2nd House चलेगा।
🔑 सूत्र 4 — Event = House
कौन-सी घटना आएगी = कौन-सा House एक्टिव है
| House | घटना |
|---|---|
| 1 | शरीर, पहचान |
| 2 | परिवार, शादी की नींव |
| 3 | प्रयास |
| 4 | घर |
| 5 | प्रेम, संतान |
| 6 | रोग |
| 7 | शादी |
| 8 | संकट, डिलीवरी |
| 9 | भाग्य |
| 10 | करियर |
| 11 | लाभ |
| 12 | अस्पताल, विदेश |
🔑 सूत्र 5 — House Lord Rule
सिर्फ हाउस नहीं,
उस हाउस का स्वामी भी देखना होता है।
जिस भाव का स्वामी जिस भाव में बैठा है
वही तय करता है – अच्छा या बुरा
उदाहरण:
-
7th House active
-
उसका स्वामी 8th में → शादी में परेशानी
-
उसका स्वामी 11th में → खुशहाल शादी
🔑 सूत्र 6 — Planet in Active House
अगर Active House में कोई ग्रह बैठा है
तो वही घटना का रंग देगा।
| ग्रह | असर |
|---|---|
| Venus | शादी, प्रेम |
| Jupiter | संतान |
| Saturn | देरी |
| Rahu | अचानक |
| Ketu | टूटना |
| Moon | जनता, भावना |
🔑 सूत्र 7 — Monthly BCP
पूरा साल = 12 महीने = 12 भाव
अगर साल का House = 2nd
तो महीने ऐसे चलेंगे:
| महीना | हाउस |
|---|---|
| 1 | 2nd |
| 2 | 3rd |
| 3 | 4th |
| 4 | 5th |
| 5 | 6th |
| 6 | 7th |
| … | … |
जिस महीने 5th आए → गर्भ
जिस महीने 7th आए → शादी
जिस महीने 10th आए → जॉब
🔑 सूत्र 8 — Age Filter (देश-काल-पात्र)
BCP कभी उम्र से बाहर नहीं बोलेगा।
| उम्र | शादी? |
|---|---|
| 6 साल | ❌ |
| 18 साल | संभव |
| 60 साल | शादी नहीं, पार्टनर इवेंट |
🔑 सूत्र 9 — Bad Houses
| House | क्या देगा |
|---|---|
| 6 | बीमारी |
| 8 | संकट |
| 12 | हॉस्पिटल, खर्च |
🔑 सूत्र 10 — BCP ≠ दशा
BCP समय बताता है
दशा बताती है कैसा होगा
इसलिए:
पहले BCP
फिर दशा
फिर गोचर
🧿 अंतिम सत्य
BCP =
“कब घटना होगी”
Dasha =
“कैसी होगी”
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