सोमवार, 28 मार्च 2011

कैसे बचें गर्मियों में डिहाइड्रेशन से

गर्मियां शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी आने लगती है। इस मौसम में हमारे शरीर को ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है। समय पर पानी न पीने और प्यास लगने पर भी काम की व्यस्तता के कारण ध्यान न दे पाने से बॉडी में डिहाइड्रेशन बडऩे लगता है। और शरीर में पानी की कमी के कारण कई समस्याऐं पैदा होने लगती है। अगर आपको कभी इस समस्या से ग्रसित होना पड़े तो नीचे दिए जा रहे नुस्खों को अपनाऐं आपको निश्चित ही जल्द फायदा होगा।

डिहाइड्रेशन के लक्षण- जबान का सूखना, सांस का असामान्य होना, चिढ़चिढापन, उल्टी आना, सामान्य से कम पेशाब होना।

बचने के उपाय
- अगर आपको डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लत हो रही हो तो तुरंत पानी में थोडा सा नमक और शक्कर मिलाकर घोल बनाऐं और पी लें।

- कच्चे दूध की लस्सी बनाकर पीने से भी डिहाइड्रेशन में लाभ होता है।

- छाछ तें नमक डालकर पीने से भी आपको इस समस्या से राहत मिलेगी।

- डिहाइडे्रश होने पर नारियल का पानी पिऐं।

रविवार, 27 मार्च 2011

सिर्फ दो मिनट में ही उतर जाएगा बिच्छू का जहर

गर्मियों के आते ही जहरीले कीड़े मकोड़े जमीन के अन्दर से निकल कर बाहर घूमने लगते हैं। उन्हें जहां भी अपने लिए सही वातावरण मिलता है वे वहीं पर अपना ठिकाना बना लेते है। कई जहरीले कीड़े ऐसे होते है जो अगर किसी को काट लें तो उनका जहर उतारना बड़ा ही मुश्किल होता है।

उन्हीं में से एक है बिच्छु, बिच्छु का जहर बहुत खतरनाक होता है।उसके काटने के बाद पूरे शरीर में जलन होने लगती है और उसका शिकार बुरी तरह से तड़पने लगता है। कुछ छोटे लेकिन बड़े काम के नुस्खे हैं जो आपको बिच्छु के जहर से बचा सकते हैं।

- एक पत्थर को अच्छे से साफ कर उस उस पर फिटकरी को अच्छे से घिसें। जहां पर बिच्छु ने काटा है उस जगह पर इस लेप को लगाऐं और आग से थोड़ा सेकें । कैसे भी बिच्छु का जहर हो इस विधि से जहर दो मिनिट में उतर जाएगा।

- बारीक पिसा सेंधा नमक और प्याज को मिलाकर बिच्छु के काटे हुए स्थान पर लगाने से जहर उतर जाता है।

- माचिस की पांच सात तीलियों का मसाला पानीमें घिसकर बिच्छु के डंक लगी जगह पर लगाऐं। इसे लगाते ही बिच्छु का जहर तुरंत उतर जाता है।

विशेष
- जब किसी को बिच्छु काट ले तो तुरंत उस जगह को करी चार उंगल ऊपर से किसी कपड़े से या रस्सी से बांध देना चाहिए। ताकि उसका जहर जल्दी न फैले। इसके बाद किसी साफ सेफ्टी पिन या चिमटी को गर्म करके त्वचा में घुसे ड़ंक को निकाल देन चाहिए।

अगर बचना है कब्ज से तो कभी न खाएं ये 'चीज'

एजेंसी। कब्ज बेहद आम समस्या है लेकिन इसकी अनदेखी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। सामान्यतया कुछ ऐसे कारण हैं जो इसे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं।

जैसे कि - एक्सरसाइज न करना, तनाव, अनियमित दिनचर्या और दवाओं का अधिक सेवन। इन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है गलत खाने का चुनाव और पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना। यहां हम आपको कुछ ऐसे खाने के बारे में बता रहे हैं जिन्हे कब्ज बढ़ाने वाला माना जाता है।

१. रेड मीट यानि सुअर या गोमांस : माना जाता है कि मांस न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है बल्कि, इसमें प्रोटीन की भी प्रचुर मात्रा होती है। लेकिन आपको जानकर दु:ख होगा कि पके हुए मीट में प्रोटीन की मात्रा शून्य हो जाती है। पके हुए मांस को पचाने में शरीर को नब्बे घंटे से भी ज्यादा का वक्त लगता है।
२. शुगर प्रोडक्ट्स : केक, चॉकलेट, पेस्ट्रीज जैसे शुगर प्रोडक्ट्स में फाइबर की मात्रा भले ही कम होती है लेकिन इसमें फैट और सुगर की मात्रा बेहद अधिक होती है। इस तरह के खाने से कब्ज की शिकायत बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
३. डेयरी प्रोडक्ट्स : अमेरिकन क्रॉनिकल के मुताबिक दूध,मक्खन, पनीर और आइसक्रीम जैसे उत्पादों में फाइबर की मात्रा बेहद कम लेकिन फैट अधिक होता है। इन उत्पादों का सेवन न सिर्फ कब्ज बल्कि दिल से संबंधित बीमारियांे का खतरा बढ़ाता है।
४. प्रोसेस्ड फूड : पिज्जा, बर्गर, पास्ता, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसी खाने की चीजों का सेवन सीधे कब्ज की समस्या को बढ़ाने वाला है।
५. कैफीन : चाय, कॉफी का सेवन भी इस समस्या के लिए गंभीर साबित हो सकता है। अधिक मात्रा में चाय के सेवन से अनिद्रा, डिप्रेशन जैसी बीमारियों के बढ़ने का रिस्क होता है।

शुक्रवार, 25 मार्च 2011

त्‍वचा को दें प्राकृतिक खूबसूरती

बदलते मौसम का सबसे ज्‍यादा असर त्‍वचा पर पड़ता है। क्‍योंकि त्‍वचा सबसे पहले धूप के संपर्क में आती है। इसलिए इस मौसम में त्वचा की ख़ूबसूरती को बनाए रखने के लिए करें कुछ प्राकृतिक उपाय

तैलीय त्वचा के लिए

कच्चे अंडे की सफेदी का चेहरे पर लेप लगाने से वह सारे रोम खोल देता है। यह प्राकृतिक उपाय धूल और गंदगी से हमारी त्वचा को बचाए रखता है। अंडे के पीले भाग को भी चेहरे पर लगाया जा सकता है। इसे लगाने के बाद अगले बीस मिनट के लिए छोड़ दें, फिर धीरे-धीरे पानी से चेहरे को साफ करें। ऐसा करने से ताजगी आएगी और त्वचा में कसाव पैदा होगा।

सूखी त्वचा के लिए

सूखी त्वचा के लिए जौ का आटा काफी कारगर होता है। जौ का आटा, अंडे का पीला भाग और शहद को मिला कर चेहरे पर लगाना फायदेमंद होता है। यह त्वचा को प्रदूषण से बचाता है। इस मिश्रण को लगाने के 15 मिनट बाद पानी से धो लें। ऐसा करने से कोमलता के साथ चेहरे की ताजगी में निखार आता है।

सामान्य त्वचा के लिए

बनाना मास्क सामान्य त्वचा वालों के लिए सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है। ताजी मलाई को केले के साथ मिलाकर चेहरे पर 30 मिनट तक लगाएं। विशेषज्ञ मानते हैं कि चेहरे की नमी लौटाने और पोषण देने के लिए यह पैक काफी कारगर है।


ऐसे दूर करें अपनी झुर्रियों को

भागदौड़ वाली इस जिदंगी में महिलाऐं अपने आप को ज्यादा समय नहीं दे पाती है। कभी परिवार की टेंशन तो कभी काम की इन दोनो में वो इस तरह उलझ जाती है कि अपने स्वास्थ्य और अपनी त्वचा की देखरेख नहीं कर पाती और नतीजा कि उनके चेहरे पर झुर्रियां पडऩे लगती हैं।लेकिन कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर आप अपनी उम्र को बचा सकती हैं।

1. दूध की ठण्डी मलाई में नींबू की के रस की चार पांच बूंदें मिलाकर झुर्रियों पर सोते समय अच्छी से मसाज करें।

2. जैतून के तेल से चेहरे पर मालिश करने से झुर्रियां दूर हो जाती हैं।

3. पके हुए पपीते को मसल कर चेहरे पर घिसें कुछ दिन ऐसा लगातार करने से चेहरे के दाग धब्बे-झाईंयां आदि सभी ठीक हो जाते हैं।

विशेष- जिस तरफ झुर्रियां पड़ी हों मसाज हमेशा उसकी विपरीत दिशा में करनी चाहिए। झुर्रियों से बचने के लिए कुछ दिनों तक रोजाना गाजर का रस पीऐं।

याद्दाश्त करना है तेज तो रोज खाएं सात बादाम

आजकल अच्छा खान पान न होने की वजह से याददाश्त का कमजोर होना एक आम समस्या बन गई है।हर आदमी अपनी भूलने की आदत से परेशान है लेकिन अब आपको परेशान हो की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आयुर्वेद में इस बीमारी को दूर करने के सरलतम उपाय बताए हैं।

1. सात दाने बादाम के रात को भिगोकर सुबह छिलका उतार कर बारीक पीस लें । इस पेस्ट को करीब 250 ग्राम दूध में डालकर तीन उबाल लगाऐं। इसके बाद इसे नीचे उतार कर एक चम्मच घी और दो चम्मच शक्कर मिलाकर ठंडाकर पीऐं। 15 से 20 दिन तक इस विधि को करने से याददाश्त तेज होती है।

2. भीगे हुए बादाम को काली मिर्च के साथ पीस लें या ऐसे ही खूब चबाचबाकर खाऐं और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें।

3. एक चाय का चम्मच शंखपुष्पी का चूर्ण दूध या मिश्री के साथ रोजाना तीन से चार हफ्ते तक लें ।

विशेष: सिर का दर्द, आंखों की कमजोरी, आंखों से पानी आना, आंखों में दर्द होने जैसे कई रोगों में यह विधि लाभदायक है। आजकल अच्छा खान पान न होने की वजह से याददाश्त का कमजोर होना एक आम समस्या बन गई है।हर आदमी अपनी भूलने की आदत से परेशान है लेकिन अब आपको परेशान हो की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आयुर्वेद में इस बीमारी को दूर करने के सरलतम उपाय बताए हैं।


1. सात दाने बादाम के रात को भिगोकर सुबह छिलका उतार कर बारीक पीस लें । इस पेस्ट को करीब 250 ग्राम दूध में डालकर तीन उबाल लगाऐं। इसके बाद इसे नीचे उतार कर एक चम्मच घी और दो चम्मच शक्कर मिलाकर ठंडाकर पीऐं। 15 से 20 दिन तक इस विधि को करने से याददाश्त तेज होती है।

2. भीगे हुए बादाम को काली मिर्च के साथ पीस लें या ऐसे ही खूब चबाचबाकर खाऐं और ऊपर से गुनगुना दूध पी लें।

3. एक चाय का चम्मच शंखपुष्पी का चूर्ण दूध या मिश्री के साथ रोजाना तीन से चार हफ्ते तक लें ।

विशेष: सिर का दर्द, आंखों की कमजोरी, आंखों से पानी आना, आंखों में दर्द होने जैसे कई रोगों में यह विधि लाभदायक

बुधवार, 23 मार्च 2011

स्वप्नदोष से परेशान हैं?

ब्रह्मचर्यासन एक ऐसा आसन है जो खाने के बाद और सोने से पहले किया जाए तो स्वप्नदोष होना जैसी समस्या पर विराम लग जाता है। इस आसन से ब्रह्मचर्य का पालन करने में काफी मदद मिलती है। इसलिए इसे ब्रह्मचर्यासन कहा जाता है।

साधारणतया योगासन भोजन के बाद नहीं किये जाते परंतु कुछ ऐसे आसन हैं जो भोजन के बाद भी किये जाते हैं। उन्हीं आसनों में से एक है ब्रह्मचर्यासन। यह आसन रात्रि-भोजन के बाद सोने से पहले करने से विशेष लाभ होता है।

ब्रह्मचर्यासन के नियमित अभ्यास से ब्रह्मचर्य-पालन में खूब सहायता मिलती है अर्थात् इसके अभ्यास से अखंड ब्रह्मचर्य की सिद्धि होती है। इसलिए योगियों ने इसका नाम ब्रह्मचर्यासन रखा है।

ब्रह्मचर्यासन की विधि

समतल स्थान पर कंबल बिछाकर घुटनों के बल बैठ जायें। तत्पश्चात् दोनों पैरों को अपनी-अपनी दिशा में इस तरह फैला दें कि नितम्ब और गुदा का भाग जमीन से लगा रहे। हाथों को घुटनों पर रख के शांत चित्त से बैठे रहें।

ब्रह्मचर्यासन के लाभ

इस आसन के अभ्यास से वीर्यवाहिनी नाड़ी का प्रवाह शीघ्र ही ऊध्र्वगामी हो जाता है और सिवनी नाड़ी की उष्णता कम हो जाती है, जिससे यह आसन स्वप्नदोषादि बीमारियों को दूर करने में परम लाभकारी सिद्ध हुआ है।

जिन व्यक्तियों को बार-बार स्वप्नदोष होता है, उन्हें सोने से पहले पांच से दस मिनट तक इस आसन का अभ्यास अवश्य करना चाहिए। इससे उपस्थ इन्द्रिय में काफी शक्ति आती है और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

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