शुक्रवार, 26 अगस्त 2011

प्रकृति के दोहे



 

ले वानस्पतिक औषधि, रहिये सदा प्रसन्न।
जड़ी-बूटियों की फसल, करती धन-संपन्न।।

पादप-औषध के बिना, जीवन रुग्ण-विपन्न।
दूर प्रकृति से यदि 'सलिल', लगे मौत आसन्न।।

पाल केंचुआ बना ले, उत्तम जैविक खाद।
हरी-भरी वसुधा रहे, भूले मनुज विषाद।।

सेवन ईसबगोल का, करे कब्ज़ को दूर।
नित्य परत जल पीजिये, चेहरे पर हो नूर।।

जवाइन से दूर हो, उदर शूल, कृमि-पित्त।
मिटता वायु-विकार भी, खुश रहता है चित्त।।

ब्राम्ही तुलसी पिचौली, लौंग नीम जासौन।
जहाँ रहें आरोग्य दें, मिटता रोग न कौन?

मधुमक्खी पालें 'सलिल', है उत्तम उद्योग।
शहद मिटाता व्याधियाँ, करता बदन निरोग।।

सदा सुहागन मोहती, मन फूलों से मीत।
हर कैंसर मधुमेह को, कहे गाइए गीत।।

कस्तूरी भिन्डी फले, चहके लैमनग्रास।
अदरक हल्दी धतूरा, लाये समृद्धि पास।।
बंजर भी फूले-फले, दें यदि बर्मी खाद।
पाल केंचुए, धन कमा, हों किसान आबाद।।

भवन कहता घर 'सलिल', पौधें हों दो-चार।
नीम आँवला बेल संग, अमलतास कचनार।।

मधुमक्खी काटे अगर, चुभे डंक दे पीर।
गेंदा की पाती मलें, धरकर मन में धीर।।

पथरचटा का रस पियें, पथरी से हो मुक्ति।
'सलिल' आजमा देखिये, अद्भुत है यह युक्ति।।

घमरा-रस सिर पर मलें, उगें-घनें हों केश।
गंजापन भी दूर हो, मन में रहे न क्लेश।।

प्रकृति-पुत्र बनकर 'सलिल', पायें-दें आनंद।
श्वास-श्वास मधुमास हो, पल-पल गायें छंद।


गुरुवार, 25 अगस्त 2011

चुटकियों में फुर्ररर हो जाएगी सब टेंशन, बस झपकी लें कुछ इस तरह!

वर्तमान समय में कोई भी क्षेत्र हो काम्पीटिशन बहुत बढ़ गया है। ऐसे में टेंशन यानी तनावग्रस्त हो जाना या छोटी सी असफलता से डिप्रेस्ड हो जाना भी आम है। इसका एक मुख्य कारण दिनभर की भागदौड़ के कारण अपने हर काम में शत-प्रतिशत न दे पाना भी है। तनाव का एक कारण अत्याधिक काम का दबाव और चंचल मन के कारण एकाग्रता की कमी भी है। यह समस्या ऐसी है कि जिससे दवाईयों से निजात नहीं मिल सकती। इस समस्या को सिर्फ योग की मदद से ही जड़ से मिटाया जा सकता है। टेंशन को मिटाने के लिए योगनिद्रा सबसे अच्छा उपाय है। कहा जाता है योग निद्रा से दिल और दिमाग दोनों तरोताजा हो जाते हैं। इसका एकमात्र उपाय योगनिद्रा युवा मन को तरोताजा और तेज बनाए रखने के लिए कारगर सिद्ध हो सकती है। योगनिद्रा से आप कम समय नींद लेकर भी तरोताजा रह सकते हैं।

 कैसे लें योग निद्रा- शरीर को ढिला छोड़कर शवासन में लेट जाएं। गहरी सांस ले।  फिर अपने मन को दाहिने पैर के अँगूठे पर ले जाइए। पाँव की सभी अँगुलियाँ कम से कम पाँव का तलवा, एड़ी, पिंडली, घुटना, जाँघ, नितंब, कमर, कंधा शिथिल होता जा रहा है। इसी तरह बायां पैर भी शिथिल करें। सहज साँस लें व छोड़ें। अब लेटे-लेटे पांच बार पूरी साँस लें व छोड़ें। इसमें पेट व छाती चलेगी। पेट ऊपर-नीचे होगा। योगनिद्रा का प्रयोग अनिद्रा ,रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, सिरदर्द, तनाव, पेट में घाव, दमे की बीमारी, गर्दन दर्द, कमर दर्द, घुटनों, जोड़ों का दर्द, साइटिका, थकान आदि दूर करने के लिए किया जाता है।

पेट से जुड़ी हर प्राब्लम का यह है रामबाण इलाज

अगर आप भोजन न पचता हो, देर तक पेट और दिमाग में भारीपन लगे। कई-कई घंटे तक खाया-पीया हजम न हो, खट्टे डकार आते हों तो यह आसन पेट की बीमारी जैसे अपच, गैसे बनना, भुख ना लगना, खाना हजम ना होना, कब्ज, पेट में दर्द, आदि समस्त रोगों को दूर करता है साथ ही वजन भी कम होता है।

इस आसन को श्वास, प्रश्वास करने से एकाग्रता बढ़ती है। मन शांत और स्थिर होता है। अत: हम कह सकते हैं कि इस आसन के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य उत्तम होता है।

विधि: एकांत स्थान पर समतल जमीन पर आसन बिछाएं। पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। दोनों हाथों को शरीर के बगल में रखें। अपनी आंखें खुली रखें तथा श्वांस को अंदर खींचते हुए दोनों पैरों को एक साथ लगभग एक फिट ऊंचा उठाएं।


अपने सिर को जमीन पर टिकाये रखें। अपनी क्षमता के अनुसार श्वास रोककर कुछ देर इसी अवस्था में रहें। अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को एक साथ जमीन पर रखें और कुछ देर विश्राम करें। अभ्यास होने के बाद इस क्रिया को नियमित 5 बार करें।

सावधानी- आसन का अभ्यास धैर्य पूर्वक करें। जल्दबाजी और हड़बड़ाहट में शरीर पर अधिक जोर ना दें। 

सफेद बाल भी हो जाएगें काले, अपनाएं यह घरेलू नुस्खा


भाग दौड़ भरी जिंदगी, बालों की ठीक से देखभाल न हो पाने और प्रदूषण के कारण बालों का सफेद हो जाते है। बाल डाई करना या कलर करना इस समस्या का एकमात्र विकल्प नहीं। कुछ घरेलू उपचार आजमा कर भी सफेद बालों को काला किया जा सकता है।

- बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। फायदा होगा।

- दस मिनट का कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। बाल नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ  भी नहीं होगी।

- आंवले के पावडर में नींबु मिलाकर नियमित रूप से लगाएं सफेद बाल काले हो जाते है

- रोजाना सिर में प्याज का पेस्ट लगाएं। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

- तिल खाएं। इसका तेल भी बालों को काला करने में कारगर है।

- आधा कप दही में चुटकी भर काली मिर्च और चम्मच भर नींबू रस मिलाकर बालों में लगाए।

मिनट बाद बाल धो लें। बाल सफेद से काले होने लगेंगे।

- रोज घी से सिर की मालिश करके भी बालों के सफेद होने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

बुधवार, 24 अगस्त 2011

इस चमत्कारी दवा से खत्म हो जाएगी भूलने की बीमारी


आमतौर पर हम सभी के घरों में किचन में पाई जाने वाली हल्दी अपने आप में किसी डॉक्टर से कम नहीं है। तभी तो आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा से संबंधित ग्रंथों में घरेलू हल्दी को चमत्कारी औषधि का दर्जा दिया गया है। जिस बात को आयुर्वेद में हजारों साल पहले कह दिया

था, उसकी सच्चाई और प्रामाणिकता पर आज विज्ञान जगत भी मुहर लगा रहा है।




हल्दी के औषधीय गुणों पर किये जा रहे शोध बताते हैं कि हल्दी में कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है। भारतीय लोग तो हल्दी के फायदों से परिचित हैं ही लेकिन अब वैज्ञानिकों ने भी साबित कर दिया है कि हल्दी में न केवल कैंसर कोशिकाओं को मारने की क्षमता होती है, बल्कि डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी जिसमें रोगी को मतिभ्रम हो जाता है और वह जरूरी बातें भी भूल जाता है, को भी नियंत्रित करने की क्षमता होती है।

डिमेंशिया में भी अचूक:


हल्दी में पाए जाने वाले रसायन 'करक्यूमिन' में रोगहारी शक्ति होती है, जो गठिया और मनोभ्रंश या डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी जैसी बीमारियों के इलाज में प्रभावी सिद्ध हो चुकी है।


कैंसर की रोकथाम:

ब्रिटेन के कॉर्क कैंसर रिसर्च सेंटर में किए गए परीक्षण दिखाते हैं कि प्रयोगशाला में जब करक्यूमिन का प्रयोग किया गया तो उसने गले की कैंसर कोशिकाओं को नष्ट कर दिया।


डॉ शैरन मैक्केना और उनके दल ने पाया कि करक्यूमिन ने 24 घंटों के भीतर कैंसर की कोशिकाओं को मारना शुरु कर दिया। कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटिश जरनल ऑफ़  कैंसर में प्रकाशित यह खोज कैंसर के नए इलाज विकसित करने में सहायक हो सकती है

मुफ्त में घर बैठें पाएं मासूम खूबसूरती


अगर आप भी अपनी त्वचा को फूलों की तरह तरोताजा व खिला-खिला रखना चाहते हैं तो ठंडे पानी से चेहरे पर छींटे मारें। क्योंकि ठंडा पानी रक्तवाहनियों में संकुचन और फैलाव लाता है, जिससे स्किन कोमल और मृदु बनती है। बिस्तर छोडऩे के साथ ही साथ इस लाजवाब प्रयोग को कीजिये।

ऐसा करने के बाद भी यदि चेहरा निस्तेज लग रहा हो, तो दूध और आइस क्यूबस का उपयोग कीजिए। नैपकिन को इसके मिश्रण में डुबोकर चेहरे पर कुछ मिनट लगाइए।

देर से सोने के कारण आंखों में सूजन आ जाती है। बहुत से लोग रात में सोते समय आई क्रीम लगाते हैं। लेकिन यह असरदायक नहीं होता।

इसकी बजाय नारियल तेल की कुछ बूंदे लेकर हल्के-हल्के मसाज करें। सूजन और काला घेरा दोनों में तत्काल राहत मिलेगी।

नींद पूरी नहीं होने के कारण आंखों के नीचे काले घेरे हो जाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो आंखों के उपर खीरा रखें और 8 से 10 घंटे की नींद लें।

कैसे भी मुंहासे हों...यह रामबाण सदा अचूक रहा है


सबकुछ नया और फटाफट की चाहत में हम कई बार खर्चे के साथ-साथ मुसीबत भी मोल ले लेते हैं। चेहरे की खूबसूरती के लिये आधुनिक कोस्मेटिक्स का प्रयोग करना खुद समस्याओं को न्योता देने के समान जोखिम भरा होता है।



इसीलिये अनुभवियों और जानकारों का सीख होती है कि किसी को सिर्फ इसलिये गले मत लगाओ कि वह नया है, और पुराना सोचकर ही किसी को ठुकरा देना भी जायज नहीं है।




हमारे यहां घर-परिवारों में परंपरागत रूप से कई कार्य होते रहें हैं जिनमें से कुछ वाकई आज भी बेहद कारगर और कीमती होते हैं। यहां हम कुछ ऐसे ही बहुत काम के नुस्खों को बता रहें हैं, जो प्रयोग करने पर आपको भी यकीनन पसंद आएंगे...




मुहांसों से मुक्ति- नारंगी और चारोली के छिलकों को दूध के साथ पीस कर इसका लेप तैयार कर लें और चेहरे पर लगाए। इसे अच्छी तरह सूखने दें और फिर खूब मसल कर चेहरे को धो लें। इससे चेहरे के मुहंासे गायब हो जाएंगे। अगर एक हफ्ते तक प्रयोग के बाद भी असर न दिखाई दे तो लाभ होने तक इसका प्रयोग जारी रखें।




चमकता चेहरा- चारोली को गुलाब जल के साथ सिलबट्टे पर या मिक्सर में बारीक पीस कर लेप तैयार कर चेहरे पर लगाएं। लेप जब सूखने लगे तब उसे अच्छी तरह मसलें और बाद में चेहरा धो लें। इससे आपका चेहरा चिकना, सुंदर और चमकदार हो जाएगा। इसे एक सप्ताह तक हर रोज प्रयोग में लाए। बाद में सप्ताह में दो बार लगाते रहें। इससे आपका चेहरा लगेगा हमेशा चमकदार व खिला-खिला और हरदम ताजातरीन भी।




खुजली का सफाया- अगर आप गीली खुजली की बीमारी से पीडि़त हैं तो 10 ग्राम सुहागा पिसा हुआ, 100 ग्राम चारोली, 10 ग्राम गुलाब जल इन तीनों को साथ में पीसकर इसका पतला लेप तैयार करें और खुजली वाले सभी स्थानों पर लगाते रहें। ऐसा करीबन 4-5 दिन करें। इससे खुजली में काफी आराम मिलेगा व आप ठीक हो जाएंगे।

Featured post

बीमारी क्यों आती है?

 हर वस्तु, हर विचार, हर #व्यापार, हर #रिश्ता – सब कुछ #पंचतत्व से बना है। नाम बदले, रूप बदले, स्वाद बदले – लेकिन #तत्व नहीं बदलता। चावल व...