रविवार, 18 सितंबर 2011

ठंडा-ठंडा बर्फ है हर मर्ज का इलाज

अक्सर हम बर्फ का उपयोग गर्मी से राहत पाने के लिए करते हैं। लेकिन बर्फ के कई औषधीय गुण भी हैं। आइए जानते हैं इन्हीं गुणों के बारे में

- फांस चुभने पर बर्फ  लगाकर उतना हिस्सा सुन्न कर ले फांस आसानी से निकल जाएगी।

- अधिक खाने की वजह से अजीर्ण हो रहा हो तो बर्फ खाएं, खाना शीघ्र पच जाएगा।

- तेज बुखार में बर्फ का उपयोग शीघ्र राहत देता है।

- शरीर के घमौरियों से प्रभावित भाग पर बर्फ मलने से शीघ्र आराम मिलता है।

- लू लग जाने पर बर्फ के टुकड़े हाथ-पैरों पर मलने से तुरन्त लाभ मिलता है।

- रोजाना चेहरे पर बर्फ मलने से झुर्रिंयों का आगमन रुकता है और त्वचा भी कान्तिमय बनी रहती है।

-  पेट की गड़बड़ यानी जलन, उबकाई आदि परेशानी होने पर पेट पर बर्फ की पट्टी रखने से लाभ मिलता है।

- नवजात शिशु न रोए और न सांस लेता लगे तो उसके गुदाद्वार पर 10-20 सेकण्ड के लिए बर्फ का टुकड़ा रखने पर स्थिति बदल जाती है।

- बर्फ लगाने से बहता खून भी शीघ्र ही रूक जाता है।

- नाक से खून बहने की स्थिति में नाक के पास बर्फ र खकर सांस लेने या सूंघने से खून बहना बन्द हो जाता है।

- हैजा होने पर बर्फ का टुकड़ा चूसने से बार-बार उल्टी होना रुक जाता है।

- सूजन और दर्द की रोकथाम के लिए बर्फ फायदेमंद होता है।

जिद्दी डेंड्रफ शर्मिंदा कर रही है तो आजमाएं ये टिप्स

डेंड्रफ हमारे सिर की त्वचा में स्थित मृत कोशिकाओं से पैदा होती है। साथ ही वात संबंधी दोषों के कारण भी डेंड्रफ हो जाती है। इसकी वजह से सिर में खुजली रहती है और बाल गिरने लगते हैं। शैंपू, तेल आदि से डेंड्रफ तब तक ही दूर रहती है जब तक कि उन उत्पादकों का उपयोग किया जाता है लेकिन इनका उपयोग बंद करने के बाद डेंड्रफ  वापस हो जाती है। इससे निजात पाने की घरेलू टिप्स-

- ग्लिसरीन और गुलाब जल का एक तीन के अनुपात में मिश्रण बना कर एक शीशी में रख लें। नहाने के बाद रोज थोड़ा हथेली पर लेकर बालों की जड़ों में उंगलियों की मदद से लगाएं। इससे भी डेंड्रफ चली जाती है।

- नारियल के तेल में कपूर मिलाएं और यह तेल अच्छी तरह बालों में तथा सिर पर लगाएं। कुछ ही दिनों डेंड्रफ की समस्या से राहत मिलेगी।

- नींबू के रस को बालों में लगाएं। कुछ समय बाद सिर धो लें।

- नींबू का रस नारियल के तेल में मिलाकर लगाएं।

- दही से सिर धोएं, इससे भी डेंड्रफ  से निजात मिलेगी।

- डेंड्रफ  होने पर त्रिफला के स्थान पर नीम की पत्तियों का पावडर लें एवं उपरोक्त विधि से ही प्रयोग करें।

-आंवले का पेस्ट बालों में लगाकर 20 मिनट रखें फिर शैंपू कर दें। बालों में मजबूती आएगी।

- बालों में सोने के पहले तेल लगाएं।

गुरुवार, 15 सितंबर 2011

सिरदर्द बन गया हो परेशानी का सबब तो आजमाएं नानी के नुस्खे

भागदौड़ भरी जिंदगी में सिरदर्द की आमतौर पर कोई गंभीर वजह नहीं होती। लाइफस्टाइल में बदलाव और रिलेक्सेशन न करने के कारण या अन्य कई वजहों से अक्सर सिरदर्द हो जाया करता है। ऐसे में ज्यादा पेन किलर खाने पर रिएक्शन का डर बना रहता है। इसीलिए अगर सिरदर्द दूर भगाने के लिए अपनाएं ये घरेलु टिप्स।

- सिरदर्द में नींबू, आलूबुखारा या इमली से बना शरबत पिलाने से काफी आराम मिलता है। सिर में ठंडे पानी की धार गिराने से भी दर्द में आराम मिलता है।

-नौशादर और बुझा चूना बराबर मात्रा में लेकर एक शीशी में भरकर रख लें। दर्द होने पर शीशी को हिलाकर सूघें। इससे दर्द में आराम मिलता है।

-सुबह खाली पेट प्रतिदिन एक सेब खाने से सिरदर्द की समस्या से छुटकारा मिलता है।

-अदरक एक दर्द निवारक दवा के रूप में भी काम करती है। यदि सिरदर्द हो रहा हो तो सूखी अदरक को पानी के साथ पीसकर उसका पेस्ट बना लें और इसे अपने माथे पर लगाएं। इसे लगाने पर हल्की जलन जरूर होगी लेकीन यह सिरदर्द दूर करने में मददगार होती है।

- एक चम्मच मेथी दाना में चुटकी भर पिसी हुई हींग मिलाकर पानी के साथ फांखने से पेटदर्द में आराम मिलता है। मेथी डायबिटीज में भी लाभदायक होती है। मेथी के लड्डू खाने से सिरदर्द में लाभ मिलता है।

- दालचीनी को पानी के साथ महीन पीसकर ललाट पर पतला-पतला लेप करना चाहिए। लेप - सूख जाए तो उसे हटाकर पुन: नया लेप तैयार कर ललाट पर लगाना चाहिए।

- पुष्कर मूल को चंदन की तरह घिसकर लेप को कपाल पर लगाने से सिर दर्द ठीक होता है।

बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम से पीछा छुड़ाएं अपनाएं ये रामबाण


बदलते मौसम में सर्दी-जकाम की समस्या होना एक आम बात है। इस मौसम में ये समस्या होना इस बात को दर्शाता है कि आपके शरीर का इम्यून सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है। इसीलिए सर्दी-जुकाम को रोकना तो मुश्किल होता है, सभी को हर मौसम में यह समस्या कभी न कभी जरूर होती है। अगर आप भी बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम के शिकार हो गए हैं तो ये घरेलु नुस्खे अजमाएं।

- सर्दी-जुकाम होने पर गर्म-गर्म चनों को सूंघने से भी दूर हो जाता है।

- काली मिर्च के साथ में थोड़े से बताशा डालकर गर्म-गर्म पीने से जुकाम दूर हो जाता है और मस्तक भी हल्का हो जाता है।

- शहद में अदरक का रस मिलाकर सेवन करने से खांसी ठीक हो जाती है।

- खांसी, जुकाम, सर्दी और सामान्य ज्वर में तुलसी व अदरक की चाय पीने से लाभ होता है।

- जुकाम होने पर गर्म दूध में छुहारा उबालकर इसमें थोड़ी सी इलायची एवं केशर मिलाकर सेवन करने से जुकाम के रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।

- गर्म देसी घी में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर रोटी के साथ सेवन करने से जुकाम ठीक हो जाता है।

- गुड़ और कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर, उबालकर चाय की तरह पीने से भी जुकाम दूर हो जाता है।

- सरसों के तेल को गुनगना करके छाती, पैर के दोनों तलवों और नाक के चारों तरफ  लगाने से भी जुकाम दूर हो जाता है।

- सौंफ  डेढ़ चम्मच की मात्रा में पानी के साथ खाकर ऊपर से गर्म दूध पीने से भी जुकाम होने की संभावना कम रहती है।

अमरूद हो सकता है आपके लिए अमृत जानिए कैसे?

अमरूद बहुत स्वादभरा फल है। अमरूद सिर्फ स्वाद का खजाना ही नहीं है बल्कि गुणों का भी खजाना है। लेकिन अक्सर ये देखा जाता है कि लोग अमरूद की बजाए अन्य फलों के सेवन को अधिक महत्व देते हैं जबकि अमरूद भी अनेक गुणों से भरपुर है। अमरूद में विटामिन ए, बी और सी के साथ पोटैशियम की भी मात्र पायी जाती है, इसलिये ये स्किन के लिये फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी भरपुर मात्रा में होता है।

- अमरूद स्किन पर निखार लाता है और स्किन के दाग- धब्बे दूर करता है। न केवल खाने से, बल्कि अगर अमरूद को चेहरे पर लगाया जाये तो भी त्वचा निखरती है।

- अमरूद के कोमल पत्तों का काढ़ा बनाकर काली मिर्च डालकर उसे पीते रहने से बुखार दूर हो जाता है।

- इसके ताजे पत्तों का रस 10 ग्राम तथा पिसी मिश्री 10 ग्राम मिलाकर 21 दिन प्रात: खाली पेट सेवन करने से भूख खुलकर लगती है और शरीर सौंदर्य में भी वृद्धि होती है।अमरूद खाने या अमरूद के पत्तों का रस पिलाने से भाँग का नशा कम हो जाता है।

- ताजे अमरूद के 100 ग्राम बीजरहित टुकड़े लेकर उसे ठंडे पानी में 4 घंटे भीगने दीजिए। इसके बाद अमरूद के टुकड़े निकालकर फेंक दें। इस पानी को मधुमेह के रोगी को पिलाने से लाभ होता है।

- अमरूद के ताजा पत्ते में एक छोटा-सा टुकड़ा कत्था लपेटकर पान की तरह चबाने से मुँह के छाले ठीक हो जाते हैं।

- सर्दी या पुराना जुकाम होने पर पके हुए अमरूद को इच्छानुसार भरपेट खा कर बिना पानी पीये रात भर बिता देने पर सुबह होते-होते काफी राहत मिलता है।

- कब्ज के रोगी कुछ दिनों तक सलाद में सिर्फ पका अमरूद, मूली, गाजर एवं पुदीने की पत्तियों का ही इस्तेमाल करें तो कब्ज की शिकायत प्राय: दूर हो जाती है।

- अमरूद को चबाकर खाने या भरपूर मात्रा में रस पीने से बहुत लाभ होता है।

बुधवार, 14 सितंबर 2011

ऐसे करें केले का उपयोग यह स्कीन को जवां बनाए रखेगा

त्वचा को खूबसूरत बनाने और झुर्रियों से बचाव के लिए लोग कॉस्मेटिक सर्जरी तक करवाते हैं, लेकिन अब ऐसा प्राकृतिक उपचार भी उपलब्ध है जिससे आप आसानी से झुर्रियों से निजात पा सकते हैं।त्वचा पर झुर्रियां पडऩा आज एक आम समस्या हो गई है, लेकिन चेहरे पर पडऩे वाली झुर्रियों को रोकना इतना मुश्किल भी नहीं।

अब ऐसे तरीके खोज लिए गए हैं, जिनसे झुर्रियां नहीं पड़ती। कैल्शियम और दूसरे खनिज तत्वों के इस्तेमाल से आप झुर्रियों को दूर करने के साथ-साथ अन्य रोगों को भी दूर कर सकते हैं और  अपनी स्कीन को हमेशा जवां बनाए रख सकते हैं। आजकल ब्युटी पार्लर में फ्रुट फेशियल देने का प्रचलन बढ़ गया है। इसमें मुख्य रूप से केला और पपीता उपयोग किया जाता है। लेकिन आप घर में भी नीचे लिखे तरीके से केले का उपयोग करके अपनी त्वचा को झुर्रियों से बचा सकते हैं।

केले का पेस्ट बनाने के लिए एक पका केला लें। उसमें एक चम्मच शहद मिला लें। मसलकर चेहरे और गर्दन पर तकरीबन 15 मिनट के लिए लगा लें। फिर टिश्यू पेपर से पोंछकर फ्रेश वाटर से धो लें। यही नहीं , केले के गूदे में कुछ बूंदें जैतून के तेल की मिलाकर लगाने से रिंकल्स कम होते हैं।पके केले का गूदा व नारियल का तेल मिलाकर हाथों के स्किन पर मलें तो हाथों पर रिंकल्स नहीं आएंगे। साथ ही केले को खाने में भी उपयोग लाएं क्योंकि केले में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जिससे यह पाचन क्रिया में मदद करता है। साथ ही केला तनाव को कम करने में भी मदद करता है। केले में ट्राइप्टोफान नामक एमिनो एसिड होता है, जो मूड को रिलैक्स करता है। 

सौन्दर्य निखारने के सबसे असरदार आयुर्वेदिक नुस्खे

अगर आप महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट, शैम्पू, ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल करते हुए थक चुकी हैं, फिर भी आपको कोई फायदा नहीं हुआ है तो एक बार मुल्तानी मिट्टी जरूर इस्तेमाल करके देखें। कहा जाता है कि मुल्तानी मिट्टी सौन्दर्य का खजाना है। ये नेचुरल कंडीशनर भी है और ब्लीच भी। ये सौन्दर्य निखारने का सबसे सस्ता और आयुर्वेदिक नुस्खा है।





- आधा चम्मच संतरे का रस लेकर उसमें 4-5 बूंद निंबू का रस, आधा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, आधा चम्मच चंदन पाउडर और कुछ बूंदें गुलाब जल की। इन सबको मिलाकर कर थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें। इसे लगा कर 15-20 मिनट तक रखें। इसके बाद पानी से इसे धो दें। यह तैलीय त्वचा का सबसे अच्छा उपाय है।

- अगर आपकी त्वचा ड्राई है, तो काजू को रात भर दूध में भिगो दें और सुबह बारीक पीसकर इसमें मुल्तानी मिट्टी और शहद की कुछ बूंदें मिलाकर स्क्रब करें।

- मुहांसों की समस्या से परेशान लोगों के लिए तो मुल्तानी मिट्टी सबसे कारगर इलाज है, क्योंकि मुल्तानी मिट्टी चेहरे का तेल सोख लेती है, जिससे मुहांसे सूख जाते हैं।

- तैलीय त्वचा के लिए मुल्तानी मिप्ती में दही और पुदीने की पत्तियों का पाउडर मिला कर उसे आधे घंटे तक रखा रहने दें, फिर अच्छे से मिलाकर चेहरे और गर्दन पर लगाएं। सूखने पर हल्के गर्म पानी से धो दें। ये तैलीय त्वचा को चिकनाई रहित रखने का कारगर नुस्खा है

- मुल्तानी मिट्टी को एक कटोरे पानी में भिगो दें। दो घन्टे बाद जब मुल्तानी मिट्टी पूरी तरह घुल जाए तो इस घोल को सूखे बालों में लगा कर हल्के हाथ से बालों को रगड़े। पाँच मिनट तक ऐसा ही करें। अगर सर्दियां हैं तो गुनगुने पानी में और अगर गर्मियाँ हैं तो ठन्डे पानी से सिर को धो लें। अगर बालों मे ज्यादा गंदगी मौजूद है इसलिए यह काम दोबारा न करें। 

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