बुधवार, 21 सितंबर 2011

पेट में गड़बड, खाना नहीं पचता तो ऐसे खाएं फल-सब्जी फिर देखें जादू

अपच या खाना न पचने पर भारीपन, जी -मचलाना, बैचेनी, वमन आदि सभी समस्याएं पेट गड़बड़ होने पर होती ही हंै। ऐसे में हमारे खाने-पीने की कुछ चीजों का सेवन सही ढ़ंग से करके इसका उपचार कर सकते हैं।

नींबू- अपच होने पर नींबु की फंाक पर नमक डालकर गर्म करके चुसने से भोजन सरलता से पच जाता है।

अमरूद- अपच या आफरा होने पर खाने के बाद 250 ग्राम अमरूद खाना चाहिए।

जीरा- जीरा, सौंठ, सेंधा नमक, पीपल, काली मिर्च,  समान मात्रा में मिलाकर

पीसकर उसमें एक चम्मच रोज दिन में तीन बार गर्म पानी से फांकी लें। 

अनन्नास- अनन्नास की फांक  पर नमक और काली मिर्च डालकर खाएं तो अजीर्ण दूर होता है।

पपीता- खाना न पचने पर पपीता खाना अच्छा है। लगातार पीपता के सेवन से यह समस्या दूर होती हैं।

गाजर- गाजर के रस में पालक का रस मिलाकर पीने से अपच दूर होती है।

टमाटर- टमाटर पर काला नमक और काली मिर्च डालकर खाने से अजीर्ण दूर होती है।

 मूली- अपच होने पर भोजन के साथ मूली नमक, काली मिर्च डालकर दो माह तक खाएं।

उड़ रहें हैं बाल... 25 की उम्र में दिखने लगे 50 के तो ये करें

कई लोगों के बाल बहुत तेजी से झडऩे लगते हैं। झड़े हुए बालों की जगह नए बाल नहीं आते हैं। इसका मुख्यकारण रोमकुप का बंद होकर सिर की त्वचा सपाट हो जाना है।  इस बीमारी का कोई विशेष कारण नहीं होते हैं। इस रोग होने के कोई विशेष कारण नहीं होते हैं। फि र भी रक्त विकार, किसी विष का सेवन कर लेने, उपदंश, दाद, एक्जिमा आदि  के हो जाने के कारण ऐसा होना संभव हो जाता है।

 - नमक का अधिक सेवन करने से गंजापन आ जाता है। पिसा हुआ नमक, काली मिर्च एक-एक चम्मच नारियल का तेल पांच चम्मच मिलाकर बाल उड़ें, गिरे स्थान पर लगाने से बाल आ जाते हैं।



 -अगर बालों का गुच्छा किसी स्थान से उड़ जाए तो  गंजे के स्थान पर नींबु रगड़ते रहने से बाल दुबारा आने लगती है।

 - जहां से बाल उड़ जाएं तो प्याज का रस रगड़ते रहने से बाल आने लगते हैं।

- बालों में नीम का तेल लगाने से भी राहत मिलती है।

- लहसुन का खाने में अधिक प्रयोग करें।

- उड़द की दाल उबाल कर पीस लें। इसका सोते समय सिर पर गंजेपन की जगह लेप करें।

- हरे धनिए का लेप करने से भी बाल आने लगते हैं।

- केले के गूदे को नींबू के रस में पीस लें और लगाएं, इससे लाभ होता है।

- अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर होता है।

मंगलवार, 20 सितंबर 2011

अचूक उपाय: कोलेस्ट्रोल रहेगा हमेशा कंट्रोल

कोलेस्ट्रोल, एक ऐसी समस्या है जो अब आम बनती जा रही है। कोलेस्ट्रोल कम करने का अर्थ है हृदय रोग का सही उपचार। आईये, कोलेस्ट्रोल को कम करने के कुछ घरेलू नुस्खो पर एक नजर डालते है।

- कच्ची लहसुन रोज सुबह खाली पेट खाने से कोलेस्ट्रोल कम होता है।

- रोज 50 ग्राम कच्चा ग्वारपाठा खाली पेट खाने से खून में कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है।

- अंकुरित दालें भी खानी आरंभ करें।

- सोयाबीन का तेल अवश्य प्रयोग करें यह भी उपचार है।

- लहसुन, प्याज, इसके रस उपयोगी हैं।

- नींबू, आंवला जैसे भी ठीक लगे, प्रतिदिन लें।

- शराब या कोई नशा मत करें, बचें।

- इसबगोल के बीजों का तेल आधा चम्मच दिन में दो बार।

- दूध पीते हैं तो उसमे जरा सी दालचीनी) डाल दो, कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल होगा।

- रात के समय धनिया के दो चम्मच एक गिलास पानी में भिगो दें। प्रात: हिलाकर पानी पी लें। धनिया भी चबाकर निगल जाएं।

- 30 पत्ते तुलसी के, उसका रस निकाल दिया, नहीं तो 30 पत्ते तुलसी के और 1 नींबू निचोड़ लिया। तुलसी के पत्तों का रस मिले ऐसे चबाते गए और नींबू का पानी (1गिलास) पीते गए।

रविवार, 18 सितंबर 2011

बिस्तर ऐसे छोड़े तो कभी नहीं होगी कब्ज

स्वस्थ रहने के नियमों में सबसे पहला स्थान नींद का रहा है। इंसानी शरीर की यही खासियत है कि दिनभर की शारीरिक थकान की भरपाई रातभर की नींद में पूरी हो जाती है। जो लोग रात में नहीं सोते उन्हें किसी न किसी तरह दिन में इसकी भरपाई करना जरूरी होता है। लेकिन सिर्फ नींद लेने के बाद ही नहीं बल्कि उठने से पहले भी कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो शरीर लंबी उम्र तक स्वस्थ बना रहता है।

नींद पूरी होने के बाद बिस्तर छोडऩे से पूर्व सभी को सीधे बिस्तर नहीं छोडऩा चाहिए। बिस्तर छोडऩे से पहले सभी को अपने शरीर को पूरी तरह फैलाकर कुछ समय लेटे रहें। उसके बाद सारे शरीर पर धीरे-धीरे दोनों हाथ मालिश करने के ढंग से घुमाने चाहिए। इससे रक्तसंचार बढऩे में सहायता मिलती है। उठने से पहले कुछ देर व्यक्ति को बिस्तर पर पेट के बल लेटना चाहिए क्योंकि रात्रि के समय व्यक्ति दायीं या बायीं करवट सोता है। पेट के बल लेटने से पेट खुलकर साफ होता है। शरीर को भी आराम मिलता है। रीढ़ की हड्डी भी सीधी रहती है।

पेट के बल लेटने के बाद व्यक्ति पुन: बिस्तर पर लेटकर अपने दोनों पांव सिकोड़कर घुटने छाती तक ले जाने चाहिए। दोनों हाथों से घुटने पकड़कर धीरे-धीरे नीचे के दबाने चाहिए। इससे भी पेट साफ रहता है। बिस्तर छोडऩे से पहले यह जरूरी है कि हम अपने हाथ पैर हवा में घुमाते हुए हल्का व्यायाम करें। पैरों को इस प्रकार चलाये जैसे साइकिल चला रहे हों। इन उपायों से शरीर में और अधिक स्फूर्ति और चेतना का संचार होगा साथ ही स्वस्थ रहने में विशेष सहायता मिलेगी।

चश्में के नंबर बढ़ रहे हैं, तो ये करों फिर देखो कमाल

कम्प्यूटर वर्किंग के दौरान जो लोग अपनी आंखों का ध्यान नहीं रखते उन्हें बहुत जल्द चश्मा लग जाता है और जिन लोगों को चश्मा लगा होता है उनके नंबर बढ़ जाते हैं या आंखों संबंधी और कई अन्य समस्याएं उन्हें घेर लेती हैं। ऐसे में आंखों की सुरक्षा के लिए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। यहां हम कुछ टिप्स बता रहे हैं जिनसे आपकी आंखों की रोशनी तेज रहेगी और आंखे थकेगी नहीं।



- सबसे पहले यह ध्यान रखें कि लगातार स्क्रीन की ओर ना देखे। ज्यादा से ज्यादा 10 मिनिट में कुछ क्षण के लिए आंखें स्क्रीन से हटा लें।



- हर दस मिनिट में कुछ पल आंखों को बंद रखें।



- दिन में कम से कम 5-10 बार आंखों को ठंडे साफ पानी से अवश्य धोएं।



- हर दस मिनिट में स्क्रीन से नजर हटाकर दस फीट दूर तक दस सेकंड तक देखें।



- प्रतिदिन सुबह आंखों की एक्सरसाइज करें।



- प्रतिदिन सुबह आंखें बंद करके ध्यान लगाएं।



- हरी पत्तेवाली सब्जियां अधिक से अधिक खाएं।



- प्रतिदिन सुबह नंगे पैर घास पर चलें इससे आपकी आंखों की रोशनी बहुत तेज होगी।



- स्क्रीन और आंखों के मध्य कम से कम दो ट की दूरी अवश्य रखें। स्क्रीन आंखों से एकदम करीब भी ना हो ता ज्यादा दूर भी न रखें।

केले में होती हैं इतनी सारी खुबियां की आप सोच भी नहीं सकते!

केला विश्च के लोकप्रिय फलों में से एक है। केले का नियमित सेवन कई रोगों से बचाकर रखता है। केले में मैग्नीशियम की काफी मात्रा होती है जिससे शरीर की धमनियों में खून पतला रहने के कारण खून का बहाव सही रहता है। इसके अलावा पूर्ण मात्रा में मैग्नीशियम लेने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।दिमागी ताकत तथा कामशक्ति बढ़ती है, स्त्रियों का प्रदर रोग ठीक होता है। यदि दो केले दो चम्मच शहद के साथ रोज सुबह खाए तो दिल को ताकत मिलती है, हाई ब्लड प्रेशर में सुधार होता है। मूत्र समस्या हो तो ठीक होती है।केले में विटामिन बी पाया जाता है जो की शरीर की नसों को स्वस्थ रखता है। केले में लौह तत्व की प्रचुर मात्रा होती है जो रक्त निर्माण में सहायक होती हैं। जिन लोगों के शरीर में रक्त की कमी होती है उन्हें केला नियमित रूप से खाना चाहिए।

- दस्त लग जाने पर दही में एक केला मिलाकर खाये, लाभ होगा।

-पीलिया में भी केला लाभदायक है। पीलिया पीडि़त मरीज को दो पके हुए केलों में एक चम्मच शहद मिला कर अच्छी तरह फेंट कर दें।

- अल्सर के रोगियों के लिए तो केला बहुत ही अच्छा होता है।

- केले को खाने से शरीर का तनाव कम होता है।

- एक पका केला छिलके सहित सेंकें। इसके बाद इसका छिलका हटा दें व केले के टुकड़े कर लें। इस पर 15 काली मिर्च पीसकर बुरक दें व गरम-गरम ही दमा रोगी को खिलाए।

-  एक पके केले में आठ साबुत काली मिर्च भर दें, वापस छिलका लगाकर खुले स्थान पर रख दें। शौच जाने के पूर्व प्रातः काली मिर्च निकालकर खा जाएँ , फिर ऊपर से केला भी खा जाएँ। इस प्रकार कुछ दिन करने से हर तरह की खाँसी ठीक हो जाती है।

फीट रहने का आसान फंडा जैसी बीमारी हो बजाएं वैसी ताली

अच्छी सेहत का मालिक होना करोडों की दौलत से ज्यादा मूल्यवान होता है। तभी तो इंसान बेहतर स्वास्थ्य पाने के लिये तमात तरह की कोशिशें करता है। आप इतना कुछ कर ही रहे हैं तो क्यों न आजमाएं इस बेहद कारगर तालीयोग को, जो पूरी तरह से सुरक्षित और बेहद आसान भी है।

गैस, कब्ज, अपच, मानसिक तनाव, एकाग्रता में कमी, चिड़चिड़ापन से पीडि़त हैं तो दायें हाथ की चार अंगुलियों को बाएं हाथ की हथेलियों पर जोर-से मारना चाहिए और इस अभ्यास को सुबह-शाम कम-से-कम 5 मिनट करना चाहिए। धीरे-धीरे हम इन रोगों से मुक्त हो जाएंगे।



निम्न रक्तचाप यानी लो बीपी के रोगियों को खड़े होकर दोनों हाथों को सामने लाकर ताली बजाते हुए नीचे से ऊपर की ओर गोलाकार घुमाएं और दिशा नीचे से ऊपर की ओर होनी चाहिए। यह निम्न रक्तचाप को सामान्य करने में बहुत ही लाभदायक तरीका है। ताली योग के द्वारा हृदय रोग, कमर दर्द, सरवाइकल जैसे रोग भी दूर होते हैं।कैसे करें ताली योग दोनों हाथों की दसों अंगुलियों और हथेली को जोर-जोर से मारते हुए एक साथ एक ही जैसी आवाज में ताली योग का अभ्यास करें।शुरू-शुरू में इसका अभ्यास कम-से-कम 2 मिनट अवश्य करना चाहिए और फि र इसको बढ़ाते हुए लगभग रोज 10 मिनट तक अभ्यास करना चाहिए।

Featured post

बीमारी क्यों आती है?

 हर वस्तु, हर विचार, हर #व्यापार, हर #रिश्ता – सब कुछ #पंचतत्व से बना है। नाम बदले, रूप बदले, स्वाद बदले – लेकिन #तत्व नहीं बदलता। चावल व...