मंगलवार, 8 नवंबर 2011

ये मिर्च है बड़े काम की चीज, होगा फायदा ही फायदा जानिए कैसे?

सामान्यत: मिर्च स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना गया है। हरी मिर्च और लाल मिर्च के बिना भारतीय भोजन का स्वाद अधूरा है। लेकिन लाल मिर्च पर किए गए शोधों और आयुर्वेद के अनुसार लाल मिर्च का सेवन नुकसानदायक नहीं बल्कि फायदेमंद भी है तो आइए आज हम आपको बताते हैं लाल मिर्च के कुछ ऐसे ही गुणों और आयुर्वेदिक उपयोगों के बारे में। लाल मिर्च कई तरह के उपयोगी तत्व भी पाएं जाते हैं। जैसे अमीनो एसिड, एस्कार्बिक एसिड, फोलिक एसिड, सिट्रीक एसिड, मैलिक एसिड, मैलोनिक एसिड, सक्सीनिक एसिड, शिकिमिक एसिड, आक्जेलिक एसिड, क्युनिक एसिड, कैरोटीन्स , क्रिप्तोकैप्सीन, बाई-फ्लेवोनाईड्स, कैप्सेंथीन, कैप्सोरूबीन डाईएस्टर, आल्फा-एमिरिन, कोलेस्टराल, फ़ाय्तोईन, फायटोफ्लू, कैप्सीडीना, कैप्सी-कोसीन,  आदि तत्व पाएं जाते हैं। 

- इसके सेवन से मल-मूत्र में आने वाली समस्याएं दूर हो जाती है।

- लाल मिर्च खाना मोटापा कम करने और भोजन के बाद अधिक कैलोरी जलाने में मददगार हो सकता है।

- लाल मिर्च पर किए गए वैज्ञानिक शोध से पता चला है कि इसमें से तत्व मौजूद हैं जो शरीर में उठने वाले दर्द के निवारण के लिए लाभदायक होती है।

- लाल मिर्च की लुगदी बना लें जिस ओर की आंख लाल हो या दर्द हो उसी पैर के अंगूठे पर व लुगदीका लेप करें, यदि दोनों आंख में हो रही हों तो दोनों में करें- 2 घंटे में आंख ठीक हो जायेगी।

- अशुद्ध पानी से पेट में होने वाली परेशानी है तो लाल मिर्च की चटनी को घी में छोंककर खाने से गंदे पानी का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है। 

 अगर किसी को सांप कांट ले तो मिर्च कड़वी नहीं लगती । मिर्च खिलाने से विष खत्म होगा।

-  विच्छू के काटने पर लाल मिर्च का लेप लगायें ठंडक पड़ जायेगी।

- गर्मी में हरी मिर्च खाने से इसके बीज अगर आपके पेट में हैं तो हैजा का डर नहीं होता है।

- हरी मिर्च खाने के साथ खायें। अचार खायें इसमें विटामिन सी पर्याप्त मात्रा में होता है।

- यदि गले में इन्फेंकशन हो गया हो या खांसी हो तो लाल मिर्च की चटनी अवश्य ग्रहण करें।

- आपको जिस तरह पसंद हो वैसे लाल मिर्च खायें। लाल मिर्च बेसन में डालकर पकोड़े बनाकर खाएं।

ऐसा एक ग्लास दूध बना देगा आपके वैवाहिक जीवन को खुशहाल

ठंड शुरू हो चूकी है और ठंड शुरू होते ही पिंडखजूर भी याद आने लगती है। पिंडखजूर का मीठा स्वाद और इसका दूध भी बहुत गुणकारी माना जाता है।गर्म पानी के साथ सोते समय पिंडखजूर का स्वाद ले ये आपके लिए चमत्कारी रूप से काम करेगी। कब्ज के लिए भी यही प्रयोग अपनाएं। एक कप दूध में दो छुहारे उबालकर खाना बलवर्धक होता है। उपर से वही दूध पी भी लेना चाहिए। अगर आपको अपनी कामशक्ति में कमी महसूस होती है तो पिंडखजूर के दूध का दस दिनों तक नियमित सेवन करें। पिंड खजूर गुणों का खजाना है पूरी ठंड आवश्यकतानुसार सेवन से चमत्कारिक असर दिखाई देने लगते हैं। इससे आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल  बनने लगेगा।



सर्दियों में यह प्रयोग ज्यादा लाभ देता है। यूं तो सर्दियों में खजूर का सेवन सबसे ठीक रहता है फिर भी गर्मियों में सूखे खजूरों को भिगोकर खाया जा सकता है। जिस पानी में ये भिगोए गए हों उसे पेय के रूप में लेना अच्छा माना जाता है। भीगा खजूर गर्मी नहीं करता उसे गाय के कच्चे दूध के साथ लिया जाना चाहिए। परन्तु ध्यान रखें कि इस दूध का सेवन भोजन के साथ न करें अन्यथा लाभ नहीं मिल पाता। 

 

पिंड खजूर में  प्रोटीन,  वसा और शर्करा पर्याप्त मात्रा पाया जाता है।  कैल्शियम, लोहा भी पाया जाता है साथ विटामिन ए, बी और सी भी पाए जाते हैं। पूरी तरह से पके हुए खजूर में शर्करा की मात्रा 85 प्रतिशत तक हो जाती है। प्रति 100 ग्राम खजूर के सेवन से 283 कैलोरी उर्जा मिलती है। खजूर के साथ-साथ इसके पेड़ से निकाले गए रस और गुठली को भी उपयोग में लाया जाता है। कमजोरी, दुबलापन, मूत्र की रूकावट तथा जलन दूर करने में उपयोगी होता है। इसके रस से गुड़ भी बनाया जाता है। इसका प्रयोग गैसरूप में किया जाता है। छोटे-मोटे घाव होने पर खजूर की जली गुठली का चूर्ण लगाएं। 

नींबू के रस में खजूर की चटनी बनाकर खाने से भोजन के प्रति अरूचि मिटती है। शहद के साथ खजूर के चूर्ण का तीन बार सेवन रक्त पित्त की अवस्था में लाभदायक होता है। अतिसार रोग में दही के साथ खजूर के चूर्ण का उपयोग लाभदायक होता है। इसका उपयोग करते समय एक चीज का ध्यान जरूर रखें पिंड खजूर का उपयोग हमेशा धो कर करें।

एक रामबाण उपाय जो आपको कभी बूढ़ा नहीं होने देगा

ज्यूस शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। लेकिन चुकंदर का ज्यूस

 सिर्फ एनर्जी ही नहीं देता बल्कि इसमें बुढ़े को जवान बनाने की चमत्कारी ताकत होती है। चुकंदर का रस रक्त वाहिनियों को फैला देता है और इससे शारीरिक सक्रियता के दौरान मांसपेशियों की ऑक्सीजन की आवश्यकता कम हो जाती है।

लोगों की उम्र बढऩे या उनमें ह्वदय परिसंचरण तंत्र को प्रभावित करने वाली स्थितियां निर्मित होने पर उनमें व्यायाम के दौरान अंदर ली जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में नाटकीय रूप से कमी आ जाती है। अगर उम्र बढऩे के साथ आपकी सक्रियता में कमी आ रही है तो आपकी इस समस्या का इलाज है रोज एक ग्लास चुकंदर का ज्यूस। ज्यूस बढ़ती उम्र के लोगों की सिकुड़ती हुई धमनियों को फैलाए रखने में मदद करता है।चुकंदर के जूस में पाया जाने वाला नाइट्रेट ब्लडप्रेशर को कम करता है। हाइब्लडप्रेशर के मरीजों के लिए चुकंदर वरदान है।

इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को रोगों से लडऩे की क्षमता प्रदान करते हैं। यह प्राकृतिक शर्करा का स्त्रोत होता है। इसमें सोडियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, क्लोरीन, आयोडीन, और अन्य महत्वपूर्ण विटामिन पाए जाते हैं। चुकंदर में गुर्दे और पित्ताशय को साफ करने के प्राकृतिक गुण हैं।रात में सोने से पहले एक गिलास या आधा गिलास ज्यूस दवा के तौर पर पीना फायदेमंद होता है। 

किडनी और पित्ताशय विकार में चुकंदर के रस में गाजर और खीरे के ज्यूस को मिलाकर पीना उपयोगी होता है। सफेद चुकंदर को पानी में उबाल कर छान लें। यह पानी फोड़े, जलन और मुहांसों के लिए काफी उपयोगी होता है। खसरा और बुखार में भी त्वचा को सा करने में इसका उपयोग किया जा सकता है। इसलिए हमेशा जवान रहना चाहते हैं तो अनार के साथ मिलाकर चुकंदर का ज्यूस बनाएं और उसका नियमित रूप से सेवन करें।

इन खतरनाक बीमारियों को उखाड़ फेकेंगा ये चमत्कारी पौधा

एलोवेरा ऐसा पौधा है जिसमें अनेक रोगों का निदान छिपा है। इसीलिए पहले के समय में एलोवेरा का उपयोग साधारण लोगों ज्यादा बहुत अधिक नहीं किया जाता था। लेकिन अब इसका उपयोग सबसे अधिक औषधी निर्माण किया जा रहा है।माना जाता है कि इसके औषधीय गुणों के कारण व्यक्ति को फिट रखने में एलोवेरा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता हैं।एलोवेरा के पौधे को घृतकुमारी, कुमारी, घी-ग्वार भी कहा जाता है। एलोवेरा का जीवन देने वाली यानी संजीवनी आयुर्वेदिक औषधी भी मानी जाती है। घी ग्वार को पेट के लिए अमृत माना गया है। जिन लोगों को अक्सर कब्ज की समस्या रहती है उन्हें नियमित रुप से इसका सेवन करना चाहिए। 

ऐलोवेरा में बहुत तरह के खनिज तत्व और अमीनो अम्ल भी मिलता है।ये दोनों ही शरीर के लिए जरूरी है इन तत्वों को निरंतर शरीर की जरूरत रहती है जिसे पूरी करना भी जरूरी है। एलोवेरा बढिय़ा एंटीबायोटिक और एंटीसेप्टिक के रूप में काम करता है। दिल से जुड़ी कोई बीमारी या मधुमेह हो तो ये इन दोनों ही रोगों के रोगियों के लिए बहुत अच्छा माना गया है। जोड़ों का दर्द भी गायब हो जाता है एलोवेरा दवाई के रूप में हर उम्र के लोग इस्तेमाल कर सकते है और यह शरीर में जाकर खराब सिस्टम को ठीक करता है। इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। यह बैक्टीरिया नाशक है साथ ही मेटाबॉलिक क्रिया को ठीक करता है। त्वचा की देखभाल और बालों की मजबूती व बालों की समस्या से निजात पाने के लिए एलोवेरा एक संजीवनी का काम करती है। इसके प्रयोग से बीमारियों से मुक्त रहकर लंबी उम्र तक स्वस्थ और  रहा जा सकता है।

ये फ्रूट खाएं तो बुढ़ापा आसपास भी नहीं फटकेगा

अगर आपकी उम्र कम है लेकिन आप अपनी त्वचा के कारण उम्र से अधिक दिखाई देते हैं। आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र थम जाए तो इसके लिए सही पोषण जरूरी है। प्रकृति की अद्भुत उपहारों में से एक है फल। शहतूत एक ऐसा ही फल है। जो वैसे तो लोगों के द्वारा कम ही सेवन किया जाता है। लेकिन जो लोग इसका सेवन करते हैं उन्हें चमत्कारिक रूप से फायदे होते हैं। शहतूत का ऐसा ही एक गुण ताजा रिसर्च के अनुसार सामने आया है। हाल ही में हुई एक शोध में शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि शहतूत में एंटी एज यानी उम्र को रोकने वाला गुण होता है।

अध्ययन में यह पाया गया कि शहतूत बालों के लिये भी बेहद लाभदायक होता है। परीक्षण के दौरान देखा गया कि शहतूत में दूसरे लाभदायक फ लों की तुलना में 79 प्रतिशत ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। डेली एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अध्ययन में पाया गया कि शहतूत के जूस में एंटीऑक्सीडेंट संतरे से दोगुना होता है।

इसके अलावा शहतूत में रेजवर्टेरोल पाया जाता है जिसमें स्वास्थ को लाभ पहुंचाने वाला गुण पाया जाता है। रेजवर्टेरोल के बारे में माना जाता है कि यह शरीर में फैले प्रदूषण को साफ करता है और संक्रमित चीजों को बाहर निकालता है।परीक्षण में पाया गया कि शहतूत में ऐसे गुण पाए जाते हैं जिससे आंखों की गड़बड़ी ठीक हो सकती है। यहां तक कि लंग कैंसर का जोखिम कम हो सकता है और कोलोन और प्रोस्टेट कैंसर से बचा जा सकता है।

पानी पीने के इस तरीके को अपनाकर मोटापे से छुटकारा पाएं हमेशा के लिए

कहते हैं ज्यादा पानी पीने के ढेरों फायदें हैं। चिकित्सक भी ये मानते हैं कि ज्यादा पानी पीने से कई बीमारियां अपने आप ही समाप्त हो जाती हैं। लेकिन पानी को अगर सही तरीके से पीया जाए तो आपको मोटापा कंट्रोल करने में भी अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। खाना खाने से पहले दो गिलास पानी पीने की आदत न सिर्फ आपके वजन को नियंत्रित करती है, बल्कि लंबे समय तक आपको फिट बनाने के लिए भी कारगर है। 

एक शोध के अनुसार जिन डाइटर्स ने कैलोरी काउंट के तहत आधार लेने पर ध्यान दिया उनके मुकाबले वैसे डाइटर्स का वजन तेजी से घटा, जिन्होंने खाने से पहले दो गिलास पानी पीने का फंडा अपनाया उनका वजन आसानी से घट गया। पानी वजन घटाने का सबसे सस्ता उपाय है। पानी को कैलोरी फ्री आहार भी माना जा सकता है। पानी कम मात्रा में पानी पीने से शरीर में वसा ऊर्जा के रूप में जलने के बजाय एकत्रित होनी शुरू हो जाती है। 

इसका कारण है शरीर में मौजूद वसा का ऊर्जा में परिवर्तन आपके शरीर में मौजूद पानी की मात्रा पर निर्भर करता है।

जितना अधिक पानी आप पीएंगे, उतनी ही अधिक वसा आप खर्च कर पाएंगे। वह के समय एक गिलास गुनगुने पानी में दो टीस्पून शहद डालकर पीने से वजन नियंत्रित रहता है। यदि इसमें एक टी स्पून नींबू का ताजा रस डाल दिया जाए तो कहना ही क्या। आप चाहे तो दिन में कई बार इसका सेवन कर सकती है।हर एक घंटे में एक गिलास पानी का सेवन आपके शरीर के लिए चमत्कार कर सकता है । यह आपको भूख का एहसास न कराते हुए कम खाने में आपकी मदद करता है । अधिक मात्रा में ग्रहण किया हुआ पानी शरीर से अवांछित अवशेषों को बाहर निकालता है और पाचन प्रक्रिया में अपना सहयोग देता है।

सोमवार, 7 नवंबर 2011

आंखों में पैदा हो जाएगा जादूई सम्मोहन इन आसान नुस्खों से

आंखों पर वैसे तो कई कहावतें और फिल्मी गाने बनाए गए हैं। अक्सर फिल्मों के गानों में आंखों का जिक्र सबसे ज्यादा होता है क्योंकि माना जाता है कि आंखे दिल का आइना होती है। आंखें देखकर आप किसी भी व्यक्ति के मन के भाव और उसकी सोच जान सकते हो। इसलिए आंखें इंसान के व्यक्तित्व को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। आंखें और चेहरा दोनों ही व्यक्तित्व के सर्वाधिक संवेदनशील केन्द्र होते हैं।

सामान्य कद-काठी वाले व्यक्ति में भी कई बार गजब का आकर्षण देखा गया है। यह अद्भुत आकर्षण उनकी आंखों के कारण ही होता है। आंखो की इसी चमत्कारी सम्मोहन शक्ति के दम पर अकेला व्यक्ति हजारों-लाखों की भीड़ को प्रभावित ही नहीं अपनी मर्जी के मुताबिक चला भी सकता है। 



नीचे दिये जा रहे इन नुस्खों से आंखों में जादूई चमक पैदा कर सकते हैं

-  त्राटक या दीप त्राटक का अभ्यास  करें।



- किसी मार्गदर्शक के सहयोग से शीर्षासन या सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करें।



- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, दिन में कई बार आंखों पर ठंडे पानी के छींटे मारें।



- शुद्ध और प्राकृतिक आहार-विहार करें। बाजारू खाने से यथा संभव बचें।



- आंखों का काम करते समय बीच-बीच में कुछ समय के लिये आंखें बंद करके खोई हुई ऊर्जा को फिर से प्राप्त करें।



- किसी योग विशेषज्ञ से सीखकर या मार्गदर्शन में प्रतिदिन रात्रि के प्रथम और अंतिम पहर में 25 से 30 मिनिट तक बिन्दु पर ध्यान केंद्रित करें।



- सम्मोहन मंत्र ऊं शं सम्मोहनाय फट् का जप आज्ञाचक्र यानी दोनों भौंहों के बीच ध्यान केंद्रित करते हुए जपें।

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