रविवार, 1 अप्रैल 2012

गर्मी में ध्यान रखें ये 6 बातें, स्वस्थ रहेंगे और मस्त रहेंगे

गर्मी के मौसम की सबसे बड़ी समस्या है धूप और पसीना। धूप और पसीने के कारण ही त्वचा संबंधी कई बीमारियां होती हैं। इसके साथ गर्मी के दिनों में पेट संबंधी रोग भी काफी लोगों को सताते हैं। इस मौसम में अपनाएं ये पांच बातें तो आप गर्मी में भी रहेंगे स्वस्थ-

- हमें गर्मी के दिनों में सर्वाधिक ध्यान खान-पान की ओर देना चाहिए। इस दौरान अधिक से अधिक ठंडी चीजें खाना-पीना चाहिए। ठंडी चीजें जैसे फलों को रस, मट्ठा, दही, लस्सी आदि।

- धूप में यदि कहीं बाहर जाना हो तो चेहरे की त्वचा को सूती कपड़े से ढंक लेना चाहिए। इससे धूप में आपकी त्वचा झुलसने का खतरा नहीं रहेगा।

- संभव हो तो दिन में कम से कम तीन बार अवश्य नहाएं। इससे आपकी ताजगी हमेशा बनी रहेगी।

- समय-समय पर चेहरा साफ और ठंडे पानी से धोते रहें। साबुन का उपयोग कम से कम करें।

- बाहर की चीजें न खाएं। अधिक से अधिक फलों का सेवन करें।

- गर्मी के दिनों सूती और हल्के रंगों के कपड़े पहनना चाहिए।

शुक्रवार, 30 मार्च 2012

असरदार इलाज: पाइल्स से रिलीफ के लिए ऐसे उपयोग करें अनार का छिलका

अनार एक ऐसा फल है जो खट्टा-मीठा और स्वाद से भरपूर होने के साथ ही अनार स्वरतंत्र, फेफड़े, यकृत, दिल, आमाशय तथा आंतों के रोगों पर बहुत फायदेमंद है। अनार में एंटीऑक्सिडेंट, एंटीवायरल और एंटी-ट्यूमर जैसे तत्व पाये जाते हैं। अनार विटामिन्स का एक अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन ए, सी और ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

अनार दिल के रोगों से लेकर पेट की गड़बड़ी और मधुमेह जैसे रोगों में फायदेमंद होता है। अनार का छिलका, छाल और पत्तियों को लेने से पेट दर्द में राहत मिलती है। पाचन तंत्र के सभी समस्याओं के निदान में अनार कारगर है। अनार की पत्तियों की चाय बनाकर पीने से पाचन संबंधी समस्याओं में भी बहुत आराम मिलता है। दस्त और कॉलरा जैसी बीमारियों में अनार का जूस पीने से राहत मिलती है। मधुमेह के रोगियों को अनार खाने की सलाह दी जाती है इससे कॉरोनरी रोगों का खतरा कम होता है।

अनार में लोहा की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त में आयरन की कमी को पूरा करता है। सूखे अनार के छिलकों का चूर्ण दिन में 2-3 बार एक-एक चम्मच ताजा पानी के साथ लेने से बार-बार पेशाब आने की समस्या ठीक हो जाती है। अनार के छिलकों को पानी में उबालकर, उससे कुल्ला करने से सांस की बदबू समाप्त हो जाती है। अनार के छिलकों के चूर्ण का सुबह-शाम एक-एक चम्मच सेवन करें या अनार के छिलकों को पानी में भिगो दें। फिर छिलकों को पानी से हटा दें जब भी प्यास लगे, इस पानी को पीने से बवासीर ठीक हो जाता है। खांसी में अनार के छिलके को मुंह में रखकर उसे धीरे धीरे चूसना शुरू कर दें।

दमदार नुस्खा...खून और कैल्सियम की कमी का नेचुरल इलाज

विश्व का सबसे मीठा फल अंजीर स्वाद में जितना मीठा और स्वादिष्ट है। शरीर के लिए भी उतना ही लाभदायक है।कैल्सियम, रेशों व विटामिन ए, बी, सी से युक्त होता है और एक अंजीर में लगभग 30 कैलोरी होती हैं। अंजीर में एंटीऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो संक्रमण और रोग से लडऩे की क्षमता को बढ़ाते हैं।  इसमें कैल्सियम और लौह तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह दिमाग को शांत रखता है और शरीर को आराम देता है। डायबिटीज में अंजीर बहुत उपयोगी होता है। अंजीर में आयरन और कैल्सियम प्रचुर मात्रा में पाए जाने के कारण यह एनीमिया में लाभप्रद होता है।

 अंजीर में विटामिन्स ए, बी1, बी2, कैल्सियम, आयरन, फास्फोरस, मैगनीज, सोडियम, पोटैशियम और क्लोरीन पाया जाता है। इसका सेवन करने से डायबिटीज, सर्दी-जुकाम, अस्थमा और अपच जैसी तमाम व्याधियां दूर हो जाती हैं। घरेलू उपचार में ऐसा माना जाता है कि स्थाई रुप से रहने वाली कब्ज अंजीर खाने से दूर हो जाती है। जुकाम, फेफड़े के रोगों में पांच अंजीर पानी में उबाल कर छानकर यह पानी सुबह-शाम पीना चाहिए। दमा जिसमे कफ (बलगम) निकलता हो उसमें अंजीर खाना लाभकारी है इससे कफ  बाहर आ जाता है। सूखे अंजीर को उबालकर अच्छी तरह पीसकर गले की सूजन या गांठ पर बांधा जाए तो शीघ्र ही लाभ होता है।

साधारण कब्ज की अवस्था में गरम दूध में सूखे अंजीर उबालकर सेवन करने से प्रात:काल दस्त साफ आता है। ताजे अंजीर खाकर ऊपर से दूध पीना बहुत शक्ति देने वाले होते हैं।खून की खराबी में सूखे अंजीर को दूध एवं मिश्री के साथ लगातार एक सप्ताह सेवन करने से खून के विकार नष्ट हो जाते हैं। मधुमेह रोग में अन्य फलों की तुलना में अंजीर का सेवन विशेष लाभकारी होता है। अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करना उपयोगी होता है।अस्थमा की बीमारी में सुबह सूखे अंजीर का सेवन अच्छा माना गया है। टी.बी. के मरीज को ताजे अंजीर खाना फायदेमंद है।श्वेत प्रदर में भी इसका उपयोग गुणकारी है।

खूबसूरत और मजबूत मुस्कान के लिए...तीन आयुर्वेदिक सूत्र

चेहरे की सुंदरता में सबसे पहले नयन और नक्क्ष यानी आंख व नाक की सुंदरता के बाद दांतों की बनावट को अहम् माना जाता है।  अगर अच्छे नयन नक्क्ष के साथ ही दांत साफ  व सफेद ओर मजबूत दांत किसी भी चेहरे की खूबसूरती में चार चांद लगा सकते हैं।

आयुर्वेद के 3 कीमती सूत्र:

1. आजकल के बच्चों के दांत सफ़ेद-सुन्दर नहीं होते क्योंकि टूथपेस्ट में डले हुए फ्लोराईड से दांत और हमारे शरीर की हड्डियां गलने, खराब होने लगती हैं। इस पर अनेक शोध हो चुके हैं। अत: पेस्ट के स्थान पर किसी आयुर्वेदिक या प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से बने हुए मन्जन का प्रयोग करना चाहिये।

2. कभी-कभी अवसर मिलने पर नीम, बबूल, बिल्व आदि पेड़ों से प्राप्त दांतुन भी करते रहना चाहिये।

3. मल-मूत्र त्याग के समय दांत दबाकर बैठें और बाद में कुल्ला कर लें। इससे भी दांत मजबूत बनते हैं। असल में मल-मूत्र त्याग के समय हमारे दांतों की जडों में कुछ तेजाबी पदार्थ एकत्रित होकर उनकी जडों को कमजोर बना देते हैं। कुल्ला करने से ये तेजाबी तत्व निकल जाते हैं। हमारे पूर्वज तभी तो मल-मूत्र त्याग के बाद सदा कुल्ला किया करते थे।

कैसे भी मुंहासे हों, घर पर बने इस आयुर्वेदिक तेल से साफ हो जाएंगे

आयुर्वेद में मुहांसों को यौवन पीडि़का भी कहा जाता है। यौवन पीडि़का यानी यौवन में पीड़ा देने वाली यह समस्या तकलीफ तो देती ही है साथ ही चेहरे भी भद्दा दिखाई देता है। इस उम्र में जिन्हें मुंहासों की समस्या हो उन युवाओं को अपने खाने में तेज मिर्च मसाले वाले, खट्टे तीखे पदार्थों को शामिल नहीं करना चाहिए।

दोनों वक्त, सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले पेट साफ होना आवश्यक है। भोजन करते समय खाना ठीक से चबाना चाहिए। इतना करते हुए, मुहांसे ठीक करने के लिए, निम्रलिखित दवाई का सेवन करना चाहिए।



सामग्री-पलाश के फूल, लाल चंदन, लाख, मजीठ, मुलहठी, कुसुम, खस, पदमाख, नील, कमल,बड़ की जटा, पाकड़ की मूल, कमल केशर, मेंहदी, हल्दी, दारुहल्दी और अनन्तमूल-सभी 16 द्रव्य 50-50 ग्राम। तिल का तैल 200ml बकरी का दूध 200 ml और पानी 3 लीटर।



कैसे बनाएं-सब द्रव्यों को खूब कूट पीस कर महीन कपड़ छन चूर्ण कर लें। फिर तीन लीटर पानी में इन्हें इतनी देर तक उबालें कि पानी एक चौथाई बचे। इसे छान लें। अलग से केशर, मजीठ, मुलहठी, लाख व पतंग 10-10 ग्राम ले कर लुगदी बनाकर इसमें डाल दें। फिर तैल व बकरी का दूध डाल कर मंदी आंच पर पकाएं। जब पानी व दूध जल जाए, सिर्फ तैल बचे, तब उतार कर ठंड कर लें और छान कर बाटल में भर लें।



 मात्रा और सेवन विधि- अनामिका अंगुली से तैल मुहांसों पर लगा कर चेहरे को मलना चाहिए। एक बार सुबह स्नान करने से आधा घंटा पहले और दूसरी बार रात को सोने से आधा घंटा पहले इस तैल लगा कर मसाज करें। 

इन पर गौर करें तो कम उम्र में बाल न झड़ेंगे न सफेद होंगे


कम उम्र में बालों का झडऩा या बालों का सफेद होना आजकल युवाओं में एक आम समस्या बनती जा रही हैं। अधिकतर लोगों के बालों के झडऩे या सफेद होने के पीछे सिर्फ शारीरिक कारणों का ही हाथ नहीं होता है बल्कि मानसिक परेशानियां जैसे तनाव आदि की भी अहम् भूमिका होती है।

असल में बालों की समस्या के पीछे कई कारण होते हैं, अत: सभी कारणों पर काम किये बगैर समस्या का हल नहीं निकल सकता। लेकिन हमने यहां कुछ ऐसे सौ-प्रतिशत कारगर तरीके बताए हैं जो हर हाल में बालों की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। तो आइये देखें कि वे उपाय क्या हैं-



- किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में क्षमतानुसार नियमित रूप से शीर्षासन का अभ्यास करें।
- प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर तक मोर्निग वॉक पर अवश्य जाएं।

- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, चाय, कॉफी जैसी चीजों यथा संभव दूर रहें।

- रात को सोते समय नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।

- भोजन में सलाद और फलों का सेवन अवश्य करें।

- तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें, ध्यान आदि का सहारा लें।

जो लोग खूबसूरत दिखना चाहते हैं वो

खूबसूरती किसे अच्छी नहीं लगती ...चाहे खूबसूरत समा हो या हो खूबसूरत मौसम...या आपके भीतर और बाहरी खूबसूरती ..ये आपकी सोच सहित जीवन को खूबसूरत बनाने में अपना योगदान देती हैं ..ऐसे ही प्रकृति ने भी अपनी कारीगरी से जहाँ को खूबसूरत बनाने में कसर नहीं छोड़ी है। खूबसूरत फूल,फल और सब्जियां इसके जीते-जागते उदाहरण नहीं तो और क्या हैं ....अब इनकी खूबसूरती हमारी सुन्दरता के लिए भी जरूरी है..चौंक गए ना आप ...जी नहीं चौंकिए मत ये बिल्कुल सत्य है, फलों और सब्जियों का सीधा ताल्लुक आपकी और हमारी खूबसूरती से है। संत एंड्रीयू विश्वविद्यालय में 35 लोगों पर फल और सब्जियों को खिलाकर किया गया एक शोध यह साबित कर रहा है, कि अधिक से अधिक ताजे और प्रदूषण   मुक्त फलों और सब्जियों के सेवन से आप क्यूट दिखेंगे  और आपकी त्वचा में गजब की चमक और दमक आ जाएगी ..एक दिन में 2.9 प्रतिशत तक फलों और सब्जियों का सेवन आपको औरों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ चुस्त और दुरुस्त रखता है ..। 

यदि यह भोजन का 3.3 वां हिस्सा हो, तो आपकी खूबसूरती में और  भी चार चाँद लगा देता है।  फल एवं सब्जियां 'केरेटीनओइड्स' से भरपूर होते हैं और ये हमारे त्वचा को बाह्य प्रदूषण,पराबैगनी किरणों से कोशिकाओं क़ी मृत्यु आदि को रोकने में मददगार होते  हैं इनके सेवन से हमें उम्रजनित रोग जैसे : हृदय,मधुमेह,गठिया आदि के साथ-साथ एवं कैंसर  जैसे रोगों की  संभावनाएं  भी कम हो जाती  हैं ..।पहले यह माना जाता था कि़ गाजर जैसी सब्जियां त्वचा   में  हल्की नारंगी सा  रंग देती हैं , शायद त्वचा में इन्ही नारंगी और पीले पिगमेंट की बढ़ोत्तरी औरों को खूबसूरती का अपील करती हों  ...इस शोध में यह पाया गया कि जो लोग भोजन में पर्याप्त मात्रा में फलों और सब्जियों का सेवन कर रहे थे,वे अधिक फोटोजेनिक और खूबसूरत देखे गए ...तो हों जाएं तैयार बस...आपकी खूबसूरती का राज छिपा है,फल और सब्जियों में ....बस ध्यान रहे फल और सब्जियां ताजी और प्रदुषणमुक्त और खूबसूरत हों ...!

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