सोमवार, 18 जून 2012

चमकदार त्‍वचा के लिये लगाइये कुकुम्‍बर मास्‍क मंगलवार, जून 19, 2012, 9:45 [IST]


तरह-तरह के कुकुम्‍बर फेस मास्‍क -
1. ओट, दही और शहद के साथ - आ‍धे खीरे को ले कर मिक्‍सी में अच्‍छे से पीस लें और उसमें एक चम्‍मच ओट, दही और शहद मिलाएं। इस पैक को अपने चेहरे और गर्दन पर 20 मिनट तक लगाएं रखें और फिर ठंडे पानी से धो लें।
2. नींबू और अंडे के साथ - खीरे का पेस्‍ट लें और उसमें नींबू का रस और अंडे का सफेद भाग मिला कर ड्राई स्‍किन पर लगाने से त्‍वचा मुलायम हो जाती है और पिंपल भी खतम हो जाते हैं। इस मिश्रण को त्‍वचा पर 20 से 25 मिनट तक के लिये रखें।
3. शहद, नींबू और मिन्‍ट के साथ - यह मिश्रण स्‍किन को अंदर से हाइड्रेट कर के ग्‍लो लाता है। इस पेस्‍ट को बनाने के लिये 4-5 चम्‍मच गाढा खीरे का पेस्‍ट लें और उसमें शहद और नींबू की कुछ बूंदे मिक्‍स कर दें। साथ ही पुदीने की कुछ पत्‍तियां लेकर उसे क्रश करें और उसके रस को भी इस पेस्‍ट में मिला दें। इस पेस्‍ट को अपने चेहरे पर 15-20 मिनट तक के लिये लगाए।
4. गुलाबजल और मुल्‍तानी मिट्टी के साथ - 3 चम्‍मच खीरे के रस में 12 बूंदे गुलाबजल की मिलाए और मुल्‍तानी मिट्टी भी डालें। इस पेस्‍ट को चेहरे और गर्दन पर 10-15 मिनट तक के लिये लगाएं और पानी से धो लें। इस पेस्‍ट से चेहरे के पिंपल कम हो जाते हैं।
5. एवोकाडो, टमाटर और शहद - इस फ्रूट फेस पैक से अपने चेहरे की थोड़ी देर के लिये मसाज करें। खीरा, एवोकाडो और टमाटर को अच्‍छे से चॉप करें और इसमें शहद की कुछ बूंदे मिलाएं। इस फ्रूट फेस मास्‍क को चेहरे पर लगा कर 20 मिनट तक के लिये छोड दें। जब यह फ्रूट मास्‍क चेहरे पर सूख जाए तब इसे रगड़ कर छुड़ा लीजिये। इससे चेहरे के दाग-धब्‍बे हटेगे और स्‍किन कोमल हो जाएगी।

रविवार, 17 जून 2012

सिगरेट छोड़ने के लिए इन बातों को आजमाएं


सिगरेट की तलब इतनी तेज होती है कि संबंधित शख्स खुद को रोक नहीं पाता। वह न पीने की इच्छा रखते हुए भी कश मार लेता है। लेकिन कुछ उपायों को ध्यान में रख इससे छुटकारा पा सकते हैं। 


ई-सिगरेट एक अच्छा विकल्प है। इसमें न तो तंबाकू होती है और न ही निकोटीन। इसके अंदर मेंथॉल और मिंट होता है, जो सिगरेट की तलब को दिमागी स्तर पर शांत करता है।


च्युइंग गम भी एक विकल्प है। लेकिन ज्यादा च्युइंग गम से स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। हालांकि शुगरलेस मिंट च्युइंग गम बेहतर रहता है।



मिंट गम स्वास्थ्यवर्धक और प्रभावी होती है। आप चाहें तो मिंट कैंडी भी खा सकते हैं।


डार्क चॉकलेट टेस्टी और स्वास्थ्यवर्धक होती है। जब आप सिगरेट छोड़ने की प्रक्रिया अपनाते हैं, तो भूख तेज लगती है। इस कारण आप कुछ भी खाने पर मजबूर हो सकते हैं। ऐसे में कई स्मोकर्स सिगरेट छोड़ने के लिए डार्क चॉकलेट का सहारा लेते हैं, जिसके स्वाद के आगे वह सिगरेट को भूल ही जाते हैं।


फ्लेवर्ड टूथपिक भी कई लोंगो के लिए सिगरेट छोड़ने में मददगार बनती है। यह बांस या फिर बिर्चवुड की बनी होती है, जो कि प्राकृतिक और जैविक पदार्थ हैं। इसका स्वाद मुंह में देर तक रहता है और सिगरेट पीने की तलब नहीं महसूस होती।

सौंफ या मेवे भी इसके अलावा सिगरेट छोड़ने के अच्छे विकल्प साबित हो सकते हैं। मेवे में बादाम को प्रमुखता से खाया जा सकता है।

केले में भी ऐसे तत्व होते हैं, जो सिगरेट की तलब शांत करते हैं। इससे शारीरिक लाभ भी मिलेगा।

योग उन लोगो को फायदा पहुंचाता है, जो स्ट्रेस या थकान की वजह से सिगरेट पीते हैं। योग में ऐसे कुछ आसन हैं, जो मन शांत रखेंगे और इससे वजन भी नियंत्रित रहेगा।

बिना इंजेक्शन डाइबिटीज को कंट्रोल में रखना है तो ये हैं कुछ घरेलू उपाय

डाइबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जिससे रक्त के भीतर शर्करा (ग्लूकोज) की मात्रा अधिक हो जाती है। नियमित योगाभ्यास और नियमित दिनचर्या से इस रोग से बचा जा सकता है। डायबिटीज में शिथिल पेंक्रियाज की स्त्राव क्षमता को धीरे-धीरे कई अभ्यासों से दुरूस्त किया जाना संभव है।



घरेलू उपचार- डाइबिटीज के इलाज के लिए प्रतिदिन करेले और आंवले का जूस।

- नीम और तुलसी की पत्तियों से डाइबिटीज का इलाज।

- डाइबिटीज के मरीज़ो के लिए सर्वोत्तम आहार है सोयाबीन।

- डाइबिटीज का इलाज आम और जामुन से।

- प्याज खाएं और डाइबिटीजका इलाज करें। 

- सौंफ के सेवन से भी डाइबिटीज पर नियंत्रण संभव है।

-  काले जामुन डाइबिटीज के मरीजों के लिए अचूक औषधि मानी जाती है।

-  शतावर रस और दूध समान मात्रा में लेने मसालों में थोड़ी सी दालचीनी डाल देने से आपको अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है ।

-  मेथी दाने को रात भर पानी में भिगाकर सुबह पानी फेंककर इसे सुखा लीजिए और पाउडर बनाकर फिर इसका इस्तेमाल करें या सब्जी की तरह खाएं ।

 डाइबिटीज की रोकथाम के लिए कुछ योगा

पश्चिमोत्तान आसन- दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं। सांस छोडते हुए दोनों हाथों से पैरों के अंगूठे को पकडें। जितना हो सके, सिर को घुटनों के पास लाएं। क्षमतानुसार रूकें, फिर धीरे-धीरे पहले की स्थिति में आ जाएं।

योग मुद्रा-पद्मासन में बैठकर आंखें बंद कर लें। पीठ के पीछे एक हाथ से दूसरे हाथ की कलाई पकड लें। कमर को आगे झुकाते हुए माथा जमीन पर रखें। इस स्थिति में कुछ देर रूककर फिर पहले वाली स्थिति में आ जाएं।

भुजंगासन-पेट के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं। सांस को सामान्य रखते हुए क्षमतानुसार रूकें।

नोट- समस्या अगर अधिक गंभीर है जो चिकित्सकीय परामर्श बहुत जरुरी है।

चिकनी स्किन व आकर्षक फिगर के लिए याद रखें खाने से जुड़ी इन बातों को

संतुलित भोजन स्वस्थ शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए भोजन में हरी सब्जियों को भी अधिक मात्रा में लेना चाहिए। फिर चाहे टमाटर हो पालक या करेला, सभी की अपनी खूबियां है। पिज्जा, बर्गर व अन्य फास्टफूड त्वचा के लिए अच्छे नहीं माने जाते हैं। सुंदर बनने के लिए अन्न कम खाएं, सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें, वह भी रसेदार बनाकर। इससे शरीर के भीतर के अंग पुष्ट होते हैं। 

कुछ सब्जियां और फल तो बहुत उपयोगी हैं, जैसे करेला पेट के कीड़े नष्ट करता है। टमाटर रक्त बढ़ाता है एवं त्वचा निखारता है। नींबू शरीर के पाचक रसों को बढ़ाता है। पालक हड्डियों को कैल्शियम से सुदृढ़ करता है। पत्तेदार सब्जी लौह तत्व से भरपूर होती है, अत: इन सबका उचित रूप से प्रयोग करें। खीरा रक्तकणों का शोधन करता है व इसका प्रवाह बढ़ाता है। लहसुन खून का थक्का जमने नहीं देता, अत: ये ह्रदय रोग में लाभकारी है। परवल शरीर को ऊर्जा देती है, जबकि फास्टफूड हमारे शरीर के लिए चरस की तरह है जिसकी शरीर को आदत हो जाती है। इससे न सिर्फ मोटापा तेजी से बढ़ता है बल्कि ज्यादा ऑयली भोजन त्वचा को भी नुकसान पहुंचा सकता है। 

कमरदर्द से तुरंत राहत चाहिए... तो ये हैं कुछ छोटे-छोटे टिप्स कमरदर्द से तुरंत राहत चाहिए... तो ये हैं कुछ छोटे-छोटे टिप्स

1. अजवाइन को तवे के ऊपर थोड़ी धीमी आंच पर सेंक लें तथा ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। लगातार 7 दिनों तक यह प्रयोग किया जाए तो आठवे दिन से कमर दर्द में 100 फीसदी लाभ होता है।

2. जहां दर्द हो, वहाँ 5 मिनट तक गरम सेंक और दो मिनट ठंडा सेंक देने से तत्काल लाभ पहुंचता है। 

3. सुबह सूर्योदय के समय 2-3 मील लंबी सैर पर जाने वालों को कमर दर्द की शिकायत कभी नहीं होगी।

4. नियमित रूप से चक्रासन करें।

सावधानियां- नीचे लिखी बातों का भी जरुर ध्यान रखें।

- नियमित रूप से पैदल चलें। यह सर्वोत्तम व्यायाम है।

- अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें।

- शारीरिक श्रम से जी न चुराएँ। शारीरिक श्रम से मांसपेशियां पुष्ट होती हैं।

- एक सी मुद्रा में न तो अधिक देर तक बैठे रहें और न ही खड़े रहें।

- किसी भी सामान को उठाने या रखने में जल्दबाजी न करें।

- भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेल कर रखना चाहिए।

एक आसान योगासन इससे खत्म हो जाती है पेट की सारी प्रॉब्लम्स

पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसीडिटी और कब्ज। यह बीमारियां अधिकांश लोगों को परेशान करती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए कूर्मासन का नियमित अभ्यास काफी फायदेमंद है।

कूर्मासन की विधि

किसी समतल स्थान पर कंबल या दरी बिछाकर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब दोनों कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाएं। हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए हाथ को मिलाकर सीधा रखें। सांस बाहर निकालते हुए सामने झुकें। ठोड़ी का हथेलियों से स्पर्श करें। दृष्टि सामने रखें। सांस लेते हुए वापस आएं या सांस की स्थिति सामान्य रखते हुए कुछ देर नीचे ही झुके रहें।

कूर्मासन के लाभ

इस आसन के नियमित अभ्यास से अग्न्याशय (पेन्क्रियाज) को सक्रिय करता है। जिससे डायबिटीज की बीमारी में काफी हद तक रोक लग जाती है। पेट संबंधी कई छोटे-छोटे रोग सदैव दूर ही रहते हैं। साथ ही यह आसन हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद करता है।

एक आसान योगासन इससे खत्म हो जाती है पेट की सारी प्रॉब्लम्स

पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसीडिटी और कब्ज। यह बीमारियां अधिकांश लोगों को परेशान करती हैं। इनसे छुटकारा पाने के लिए कूर्मासन का नियमित अभ्यास काफी फायदेमंद है।

कूर्मासन की विधि

किसी समतल स्थान पर कंबल या दरी बिछाकर वज्रासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब दोनों कोहनियों को नाभि के दोनों ओर लगाएं। हथेलियों को ऊपर की ओर रखते हुए हाथ को मिलाकर सीधा रखें। सांस बाहर निकालते हुए सामने झुकें। ठोड़ी का हथेलियों से स्पर्श करें। दृष्टि सामने रखें। सांस लेते हुए वापस आएं या सांस की स्थिति सामान्य रखते हुए कुछ देर नीचे ही झुके रहें।

कूर्मासन के लाभ

इस आसन के नियमित अभ्यास से अग्न्याशय (पेन्क्रियाज) को सक्रिय करता है। जिससे डायबिटीज की बीमारी में काफी हद तक रोक लग जाती है। पेट संबंधी कई छोटे-छोटे रोग सदैव दूर ही रहते हैं। साथ ही यह आसन हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद करता है।

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