शुक्रवार, 27 मार्च 2015

इमली या शहद का ऐसे उपयोग करने से चेहरा ग्लौ करने लगता है


फेयर और ग्लोइंग स्किन तो सभी चाहते हैं, लेकिन उसके लिए बहुत ज्यादा कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स यूज करना ठीक नहीं है। दरअसल, कई बार ज्यादा कॉस्मेटिक्स यूज करने से स्किन का कलर ज्यादा डार्क हो जाता है। ऐसे में रंगत निखारने के लिए कॉस्मेटिक्स की जगह घरेलू नुस्खों का उपयोग करेंगे तो सांवलापन कम हो जाएगा और चेहरा चमकने लगेगा। चलिए आज जानते हैं कुछ ऐसे ही घरेलू नुस्खों के बारे में जिन्हें अपनाने से रंग निखरने लगता है…..
1. इमली के गुदे को त्वचा पर लगाकर कुछ देर रखें और फिर चेहरा धो लें। रंग निखरने लगेगा।

2. एक छोटा चम्मच शहद लें उसमें उतना ही पानी मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाएं। पंद्रह मिनट बाद चेहरा धो लें।

3. पेट को हमेशा दुरुस्त रखें, कब्ज न रहने दें।

4. एक बाल्टी ठण्डे या गुनगुने पानी में दो नींबू का रस मिलाकर कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है। (इस विधि को करने से त्वचा से संबंधित कई रोग ठीक हो जाते हैं)।

5. आंवले का मुरब्बा रोज एक नग खाने से दो तीन महीने में ही रंग निखरने लगते है।
6. दो छोटे चम्मच बेसन में आधा छोटी चम्मच हल्दी मिलाएं। फिर इस लेप में दस बूंद गुलाब जल व दस बूंद नींबू मिलाकर खूब फेंटे। नहाने से पहले इस लेप को चेहरे पर मलें। आधे घंटे बाद चेहरा धो लें।

7. कोहनियों का कालापन साफ करने के लिए गुलाब जल व ग्लिसरीन में नींबू रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इस लोशन को पांच मिनट तक धूप में रखें। रोज इस मिश्रण को कोहनियों पर मलें।

8. आधा गिलास गाजर का रस सुबह खाली पेट लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।

9. मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर लगाने से रंगत निखरने लगती है।

10. एक चम्मच शहद व एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं। त्वचा निखर जाएगी।

11. एक चम्मच नींबू के रस में थोड़ा सा मूंगफली का तेल मिलाकर लगाएं। कुछ देर लगा रहने दें फिर साफ कर लें। रंग साफ होगा और चेहरा चमकने लगेगा।

नुस्खे: तरबूज और संतरे से भी होता है इन रोगों का इलाज


जिन फलों में पानी अधिक होता है, उन्हें गर्मी के मौसम में सेहत के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। तरबूज और संतर गर्मी केे मौसम में ज्यादा आता है। इनका सेवन भी इसी मौसम में अधिक लाभदायक माना जाता है।
गर्मी के ये दोनों ही मौसमी फल शरीर को चुस्त और दुरुस्त रखते हैं। आज हम जिक्र कर रहे हैं। इन दोनो फलों से जुड़े पारंपरिक नुस्खों के बारे में और जानेंगे किस तरह आदिवासी इन दोनों फलों का इस्तेमाल रोगों के उपचार के लिए करते हैं...
1. पातालकोट के हर्बल जानकारों की मानी जाए तो तरबूज के बीजों की गिरी और मिश्री की समान मात्रा (6 ग्राम) एक साथ चबाकर खाने से नपुंसकता दूर होती है। इन बीजों को खाने के बाद दूध जरूर पिएं।
2. तरबूज का रस मिट्टी के बर्तन में रातभर खुले आसमान के नीचे रख दें। सुबह इसमें चीनी मिलाकर पिएं। इससे मूत्र में जलन की समस्या खत्म हो जाती है।
3. संतरा बहुत एनर्जी देने वाला फल है। भोजन करने के बाद अगर आधा गिलास संतरे का रस रोज लिया जाए तो पेट का अल्सर ठीक हो जाता है।
4. छांव में सुखाए संतरे के छिलकों को बारीक पीस लें। इस चूर्ण को घी के साथ बराबर मात्रा में मिलाएं। 1-1 चम्मच दिन में 3 बार लें। बवासीर में आराम मिलेगा।
5. आधुनिक विज्ञान भी तरबूज को वियाग्रा से ज्यादा असरदार मानता है। रोज तरबूज का सेवन करने से सेक्स पावर बढ़ता है। रिसर्च के मुताबिक, तरबूज का जूस सेक्स की इच्छा बढ़ाने वाले हॉर्मोन टेस्टास्टेरॉन के स्तर को बढ़ाता है।

6. तरबूज में बीटा-कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसीलिए इसके सेवन से शरीर हमेशा जवान बना रहता है। साथ ही, त्वचा से झुर्रियां हमेशा दूर रहती हैं।

मंगलवार, 24 मार्च 2015

पैरों के दर्द और खिंचाव का प्राकृतिक घरेलू उपाय



    बर्फ या फ्रीज़िंग पैक को उस जगह पर लगायें जहाँ पर पैरों में दर्द है। बर्फ उस जगह को सुन्न करने के द्वारा आराम पहुंचाता है।
    स्नान करते समय पैरों पर गुनगुने पानि को डालना वास्तविक्ता में आराम पहुंचायेगा।
    बहुत सारा पानी पियें और पोषक फलों का उपभोग करें जिसमे कैल्शियम और पोटैशियम तत्व पाया जाता है।
    पैरों के व्यायाम करने की भी सलाहा दी जाती है जो अपके शरीर में खून के परिसंचरण को बढ़ाकर आपके पैर के दर्द को आराम पहुंचायेगा।
    हल्दी पाउडर, नीम्बू रस और नमक को मिलाकर एक चिकना लेप बनायें। इस लेप को प्रभावित क्षेत्र पर लगायें। यह आपको दर्द से तुरंत आराम देगा और पैरों के दर्द को खत्म भी करेगा।
    ऊंची एड़ियों वाले जूतों/चप्पलों से बचिये इनसे गिरने की सम्भावना रहती हैं और इसी प्रकार पैरों को लपेट कर न बैठें।
    अपने पैरों की नियमित मसाज करें, यह निश्चित रूप से आपके पैरों के दर्द को दूर करने में सहायता करेगा।
    अपने पैरों को ठण्ड से बचायें और ऐसे कपड़े का चुनाव करें जो ठण्ड के दिनों में आपके पैरों का न खोले रहे।

सोमवार, 23 मार्च 2015

संतरे का रोज़ाना सेवन करने से होते हैं ये 10 Health Benefits


: संतरा गर्मियों के मौसम में बड़े चाव से खाया जाने वाला फल है। इसे खाकर आप अपनी भूख और इसका जूस पीकर कुछ देर तक के लिए अपनी प्यास भी शांत कर सकते हैं। एक पूरे संतरे में लगभग 85 प्रतिशत कैलोरी, कोलेस्ट्रॉल, सोडियम और फैट बिल्कुल ना के बराबर होता है। सेन डियागो की आहार विशेषज्ञ ने इस बात को प्रमाणित किया है कि संतरा विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत है। यूएस के कृषि विभाग के अनुसार सामान्य संतरे में 86 प्रतिशत कैलोरी, 98 मिग्री विटामिन सी और 163 प्रतिशत न्यूट्रीशन्स पाए जाते हैं।
संतरा ना केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, बल्कि त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। दिल की बीमारियों से लड़ने के साथ ही कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल करता है। इसके साथ ही सांस से संबंधित बीमारियों, कैंसर, गठिया रोग, पथरी की समस्या और मुंह तथा पेट के छालों से भी निजात दिलाता है।
फाइबर के अलावा संतरे के जूस में भी ये सारे तत्व मौजूद होते हैं। संतरे में पाए जाने वाले सफेद रेशे फाइबर का सबसे अच्छा स्रोत होते हैं। ये कई प्रकार की बीमारियों से छुटकारा दिलाते हैं।
संतरे से होने वाले स्वास्थ्य लाभ
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
ज्यादातर साइट्रस फल विटामिन सी से भरपूर होते हैं और संतरा भी उनमें से ही एक है। साल 2010 में छपे मेडिकल जर्नल फार्माकॉग्नोसी के अनुसार विटामिन सी सेल्स की रक्षा करने के साथ ही त्वचा की जड़ों से सफाई कर उसे भरपूर पोषण प्रदान करता है। ये कैंसर और दिल की बीमारियों से बचाता है। साथ ही रोजाना इसे खाने से कई प्रकार के संक्रमण जैसे सर्दी, जुकाम से भी छुटकारा मिलता है। और-तो-और, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी हद तक बढ़ जाती है।
त्वचा
विटामिन सी के साथ ही इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले कारकों जैसे सूरज की गर्मी और प्रदूषण से बचाकर आपकी त्वचा को सुंदर बनाए रखते हैं। इससे समय से पहले त्वचा पर पड़ने वाली झुर्रियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। साथ ही इसके रस और छिलकों से निकलने वाले रस को त्वचा पर लगाकर दाग-धब्बे, पिंपल्स भी दूर किए जा सकते हैं।
Other benefits: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है, मधुमेह रोग में फायदेमंद है, पाचन तंत्र को सही करने के साथ ही वजन भी कम करता है, आंखों की रोशनी बढ़ाता है, कैंसर बीमारी से बचाता है।

रोज़ाना वर्कआउट के बावजूद इन 23 आदतों की वजह से बढ़ सकता है मोटापा


 उच्च रक्तचाप, डाइबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों में मोटापा भी शामिल हो चुका है। या यूं कहें कि इन दोनों बीमारियों की जड़ ही मोटापा है। दुनिया का हर दूसरा या तीसरा व्यक्ति इस बीमारी से जूझ रहा है, लेकिन इस समस्या का उचित समाधान नहीं मिल पा रहा। कोई वजन घटाने के लिए डाइटिंग कर रहा है तो कोई रोजाना एक्सरसाइज। इस बात से अंजान होकर कि खान-पान में थोड़ा-सा बदलाव करके हम इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। साथ ही मोटापे के कारण होने वाली कई प्रकार की बीमारियों से भी। आइए जानते हैं क्या है ये आदतें जो जाने-अंजाने हमारा वजन बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभा रही हैं।

1. ओवर इटिंग

आपके पास फैट बढ़ाने वाले खाने-पीने की चीज़ों की लंबी लिस्ट होगी। इन फूड्स को आप खाने से बचते भी हैं। लेकिन उसे खाने की अपनी इच्छा को नहीं मार पाते जो ओवर इटिंग का कारण भी बन जाती है। इसके लिए जरूरी है कि फैट बढ़ाने वाली अपनी मनपसंद चीज़ें कभी-कभार खा लें जिससे आपका मन भरा रहे और आप ओवर इटिंग से बचे रहें।

2. ज्यादा तनाव

तनाव हमारी सेहत का सबसे बड़ा शत्रु है। तनाव से हमारे शरीर में कॉरटिसोल का स्तर बढ़ जाता है। साथ ही वसा और कार्बोहाइड्रेट का भी। तनाव के कारण हम कई बार अपनी भूख को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन फिर जब भूख लगती है तो हम जरूरत से ज्यादा खा भी लेते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हम तनाव कम करने वाली एक्सरसाइज़ और योगासन करें।

Other Reasons: जंक फूड खाना, भूखा रहना, घूमना-फिरना, Genes (जीन), केमिकल इम्बैलेंस, गलत धारणा बना लेना, खड़े होकर खाना, इच्छानुसार खाना-पीना, हेल्दी खाने की अधिकता, नाश्ता ना करना, हर किसी की सलाह लेना, कैल्शियम की कम मात्रा, बैठकर-लेटकर खाना, कम सोना, देर से खाना, जल्दीबाजी में खाना, ऊंची हील पहनना, भावुक होकर खाना, हरी सब्ज़ियां नहीं खाना, खाली पेट एक्सरसाइज करना, एक्सरसाइज से पहले गलत खान-पान।

शुक्रवार, 20 मार्च 2015

मुंह के छाले ठीक करने से लेकर HIV कंट्रोल करने में सक्षम है BANANA


  
 केले के बारे में दुनिया जानती है। किसी शहर या कस्बे का कोई भी बाजार ऐसा नहीं जहां केला बिकते हुए ना मिलें। घर-घर में पसंद किया जाने वाला केला 10 हजार साल से हमारे जीवन का हिस्सा है और आने वाले सैकड़ों हजारों सालों तक इस फल को हम सराहते रहेंगे। महज एक फल के तौर पर जाने वाले केले के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं कि इसके पौधे में औषधीय गुणों का खज़ाना है। चलिए आज जानते हैं आधुनिक औषधि विज्ञान जगत ने केले के किन-किन गुणों को क्लिनिकल तौर पर प्रमाणित किया है। क्या सिर्फ स्टार्च से भरपूर होने के अलावा केले में और भी कुछ है जो आम तौर पर ज्यादा लोगों को नहीं पता?
मुंह के छाले ठीक करता है
कई आर्टिफिसल और केमिकल्स वाली दवाएं जैसे एस्पिरिन, इण्डोमेथासिन, सिस्टियामाइन, हिस्टामाइन आदि के सेवन के बाद कई लोगों को मुंह में छाले आ जाते हैं। आधुनिक शोधों से जानकारी मिलती है कि कच्चे केले को सुखाकर चूर्ण बना लिया जाए और इस चूर्ण को चाटा जाए, तो मुंह के छालों को ठीक कर देता है।

पथरी बाहर निकालता है
केले के तने का रस पथरी में बेहद कारगर है। एक शोध के अनुसार केले के तने का रस किडनी में होने वाली पथरी, खास तौर से ओक्सालेट की बनी पथरी को तोड़कर पेशाब मार्ग से बाहर निकाल देता है।
एचआईवी कंट्रोल करता है
अनेक शोधों के परिणामों पर नजर डाली जाए, तो जानकारी मिलती है कि केले में वायरस नियंत्रण के जबरदस्त गुण होते हैं। कुछ शोध तो इसे MRSA और HIV के नियंत्रण तक के लिए उपयोगी मानते हैं।

हेल्थ, त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद है Mango, इसमें छिपे हैं ये गुण


 गर्मियां अपने साथ आमों का सीज़न भी लेकर आती है। फलों का राजा आम शायद ही किसी को नापसंद हो और जब ये पता चले कि आम ना सिर्फ स्वाद, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है, तो भला कौन इसे नहीं चखेगा। हमारे यहां आम के कई प्रकार पाए जाते हैं। इसी के चलते अलग-अलग आम के आकार और स्वाद में भी अंतर पाया जाता है। हापुस, बादाम, तोतापरी, लंगड़ा, सिंदूरी, नीलम, रत्नागिरी, लालपत्ता आदि आम की ही कुछ प्रजातियों के नाम हैं। आम कच्चे और पके दोनों ही रूपों में बड़ा उपयोगी है।
आम में अमिनो एसिड, विटामिन ए, सी और ई, नियासिन और बीटा-कैरोटीन, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, विभिन्न प्रकार के एन्जाइम अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं। विटामिन ए बाहरी वातावरण और कई प्रकार के जीवाणुओं के प्रभाव को रोकता है, तो वहीं विटामिन सी त्वचा के रोगों से बचाता है। विटामिन डी दांतों और हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
कोलेस्ट्रॉल कम करता है
रोजाना आम खाने से इसमें मौजूद एडिपोनेक्टिन एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल का लेवल धीरे-धीरे कम करता है। और इंसुलिन बनने की प्रक्रिया को बढ़ाता है जिससे एक्स्ट्रा कोलेस्ट्रॉल अपने आप ऊर्जा में बदल जाता है। आम में लेप्टिन नामक केमिकल होता है जिससे भूख कम लगती है। इससे एक्स्ट्रा कैलोरी भी बर्न हो जाती है। पोटैशियम की भरपूर मात्रा हृदय गति और ब्लड प्रेशर दोनों को सुचारू रूप से चलाते हुए हार्ट अटैक के खतरे को कम करती है।
त्वचा निखारे
आम वाला फेस मास्क स्क्रबिंग के लिए भी काफी उपयोगी माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स खासतौर पर विटामिन सी त्वचा को स्वस्थ रखने के साथ ही उसकी चमक को भी बनाए रखते हैं। आम में मौजूद फ्लेवोनॉयड्स त्वचा के रोम छिद्र (ओपन पोर्स) खोलकर मुहांसों को कम करते हैं। आम में पाया जाने वाला बीटा- कैरोटीन नामक तत्व विटामिन ए को कई तत्वों में बांट देता है, जो त्वचा को चमकदार बनाने के साथ ही उसे स्वस्थ भी रखते हैं। साथ ही विटामिन ई फ्री रेडिकल्स को खत्म करता है, जो समय से पहले बुढ़ापे को कम करता है और त्वचा की सफाई कर दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाता है।
उपाय- खूबसूरत त्वचा पाने के लिए आम को खाने के बाद उसके छिलकों को फेंकने के बजाय उसके गूदे को अपनी त्वचा पर लगाकर 10-15 मिनट सूखने दें। उसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। इतने आसान से तरीके को अपनाकर आप पा सकती हैं चंद मिनटों में दमकती त्वचा।
अन्य लाभ:- लू से बचाता है, आंखों के लिए फायदेमंद, पाचन क्रिया सही रखता है,किडनी की बीमारियां दूर करता है, कैंसर से बचाव, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, याददाश्त बढ़ाता है, लव लाइफ सुधारता है, आम से पाएं दमकती त्वचा, ब्लैकहेड्स दूर करता है, उम्र कम करता है, रंग निखारता है, काले धब्बे दूर करे, कील-मुहांसे दूर करे, क्लींजर का काम करता है, फेसवॉश का काम करे, पपड़ी की परत उतारे, सेंसिटिव स्किन के लिए भी फायदेमंद, रूसी की समस्या दूर करे, बालों को झड़ने और सफेद होने से रोके।

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