गुरुवार, 9 जुलाई 2020

WHICH ENGINEERING IS BEST FOR YOU ?


Sun is the life of all creatures. Sun is the ruler of farming, crop, vegetables, fruits, spices and all. Also sometime Sun gives electrical knowhow due to his fire element.

If Mars has the strong connection with Sun Agriculture Engineering or Electrical Engineering is the best line.

Saturn is the planet of all industries on earth. All mechanism and technical knowhow is the portfolio of Saturn. Saturn is the ruler of all infrastructure. All land on earth is in control of Saturn. All crude oil is under the control of Saturn.

(A) If Aries or Scorpio is Lagna and Mars is joined with Saturn or Mars and Saturn are aspecting each other in 4th and 10th aspect or if Mars and Saturn are in mutual exchange... OR

(B) If Capricorn or Aquarius is Lagna and Saturn is joined with Mars, or Saturn and Mars are aspecting each other or in mutual sign exchange then.....

Civil Engineering, Mechanical Engineering, Instrumental Engineering, Mechatronics Engineering, Building and Construction Engineering are the best options.

All water and liquid on earth are under the control of Moon and Gas Crude oil is under the control of Saturn so...

If Cancer is the Lagna and Moon is joined with Saturn or If Capricorn or Aquarius is Lagna and Saturn joins Moon or Both planets are joined in 10th then....
Petrochemical Engineering, Plastic Engineering is the best choice.

( I remember I had advised one client to choose Petrochemical Engineering for his son who had come to show me his son's chart after 12th result. Moon and Saturn were in Capricorn in 10th house. The boy is now Engineer at Kuwait and earning a lot )

Each child is born with special pattern and liking. We have to find out his successful line from the chart so that he can build his career the best way.

To be continued

Ashwin Rawal 10.07.2020

Some important things for farmers किसानों के लिए फसल से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण कहावतें

आज हम आपके लिए खेती से जुड़ीं हुई किसानों के कुछ घाघ भड्डरी की कहावत लेकर आये है. यह कहावते आपको फसल आने वाले समय की जानकारी देगी. जो खेती के लिए उपयोगी है. अगर समय रहते इन बातों पर ध्यान दिया गया तो आप ज्योतिष के हिसाब से फसल बोकर लाभ ले सकते हैं.  

कन्या धान मीनै जौ। जहां चाहै तहंवै लौ।।

कन्या की संक्रान्ति होने पर धान (कुमारी) और मीन की संक्रान्ति होने पर जौ की फसल काटनी चाहिए।

कुलिहर भदई बोओ यार। तब चिउरा की होय बहार।।

कुलिहर (पूस-माघ में जोते हुए) खेत में भादों में पकने वाला धान बोने से चिउड़े का आनन्द आता है-अर्थात् वह धान उपजता है।

आंक से कोदो, नीम जवा। गाड़र गेहूं बेर चना।।

यदि मदार खूब फूलता है तो कोदो की फसल अच्छी है। नीम के पेड़ में अधिक फूल-फल लगते है तो जौ की फसल, यदि गाड़र (एक घास जिसे खस भी कहते हैं) की वृद्धि होती है तो गेहूं बेर और चने की फसल अच्छी होती है।

आद्रा में जौ बोवै साठी। दु:खै मारि निकारै लाठी।।

जो किसान आद्रा में धान बोता है वह दु:ख को लाठी मारकर भगा देता है।

आद्रा बरसे पुनर्वसुजाय, दीन अन्न कोऊ न खाय।।

यदि आर्द्रा नक्षत्र में वर्षा हो और पुनर्वसु नक्षत्र में पानी न बरसे तो ऐसी फसल होगी कि कोई दिया हुआ अन्न भी नहीं खाएगा।

आस-पास रबी बीच में खरीफ। नोन-मिर्च डाल के, खा गया हरीफ।।

खरीफ की फसल के बीच में रबी की फसल अच्छी नहीं होती।

सोमवार, 6 जनवरी 2020

pisces Zodic : 12 जनवरी 2020 से 8 अप्रैल 2022 मीन राशि वालों का भविष्यफल

मीन चन्द्रराशि वाले व्यक्तियों के लिए #शनि का एकादश भाव से गोचर (12 जनवरी 2020 04:18:48 से 8 अप्रैल 2022 23:22:09)

इस अवधि में शनि चन्द्रमा से आपके ग्यारहवें भाव में होते हुए गोचर करेगा । यह आपके लिए शुभ समय है । वित्तीय रुप से समय बहुत अच्छा है । चाहे आप व्यापार में हों या किसी व्यवसाय में, आपको अप्रत्याशित लाभ होने की संभावना है । यह धन लाभ आपके लिए आनन्द व और अधिक लाभ प्राप्त करने के अवसर लेकर आएगा । आपके हर प्रकार के प्रयास सफल होंगे व परियोजना के मनवांछित परिणाम प्राप्त होंगे । इस समय विशेष में जायदाद प्राप्त होने की भी संभावना है ।

जो व्यक्ति गृह निर्माण सामग्री, कोयला, चमड़े आदि का व्यवसाय करते हैं, वे अपने - अपने व्यापार में और भी अधिक मुनाफे की आशा रख सकते हैं । यदि आप सेवारत हैं तो पदोन्नति की संभावना है । उच्च शिक्षा हेतु यह समय शुभ है । यह आपके सोच को और भी उद्यमशील बनाने का समय है । सामाजिक जीवन भी संतोष प्रद रहेगा । समाज में आपका मान, स्तर व प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना है । आपमें से कुछ को समाज द्वारा विशिष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया जा सकता है ।

यदि आप विवाहेच्छुक हैं तो आपको मनपसन्द साथी मिल सकता है व विवाह हो सकता है । यदि आप एकल हैं तो विपरीत लिंग वाले मनोहारी व्यक्ति का साथ मिल सकता है । आपके मित्र आपके सहायक होंगे व नए मित्र बन सकते हैं । आपके मालिक व सहयोगियों का आपके प्रति व्यवहार सकारात्मक होगा । पत्नी / पति व बच्चे सुख प्राप्ति के स्त्रोत होंगे । आप परिवार की मनोकामना पूर्ण करने वाली वस्तुएँ प्राप्त करेंगे । स्वास्थ्य अच्छा रहेगा ।


यह लेख विश्वजीत बब्बल वैदिक काउंसलर के फेसबुक पोस्ट से लिया गया है. वे वास्तु और ज्योतिष की बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं. उन्होंने अपनी जानकारी के आधार पर कई लोगों के परेशानिया दूर की है. यह अपने अनुभव को भी समय समय पर लोगों से शेयर करते हैं. आप इनसे सशुल्क परामर्श ले. सकते हैं. आप उनसे फेसबुक के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं. इस सेवा का लाभ जरुर लें.

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Square Plots are Auspicious A Myth

Many people delay in making their own house, because they are in search of a square plot. In practice, we have found square plots only in villages, where there is relatively plenty of land and you can make a square plot.

This myth has no relevance as people living in perfectly square plots have never grown well. We worked on the reason why people in square plots did not do too well. In the detailed study of the effect of spaces on human consciousness, we have found that “any perfect space symbolizes death; imperfection causes the world to exist.

As per Pauranic (पौराणिक ) symbolization, The Earth is carried by Shesh Naag (शेषनाग , a very powerful and revered serpent). This symbolic representation depicts that the survival and evolution of life is on “residue” (Shesh) and the “serpent energy” (Naag). Further, when we decode the symbolism, this serpent energy is also inside the human body in the form of Kundalini (कुण्डलिनी ), which pushes the residues (the seed and ovum) to create life on the planet.

Life is created out of desires to achieve the Anandamaya kosh (आनंदमय कोष ). Those who took their consciousness to a different state of completion lost interest in creating more life. Only meditation centers and religious practices are recommended in perfect square-shaped buildings----not homes and businesses. So, it is always better to have rectangular plots to fulfill your purpose on this planet.


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सोमवार, 22 जुलाई 2019

खुद की संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो

Spouse की कुण्डली में 12th lord व 6th lord में यदि किसी भी प्रकार का सम्बन्ध है, तो उनका चरित्र संदेहास्पद हो सकता है. निगाह रखिये।
अगर आप अपनी खुद की संपत्ति खरीदना चाहते हैं. दक्षिण-पश्चिम के पश्चिम में ब्लैक फ्रेम में विलेज सीन पेंटिंग लटकाएं।
मंगल-शुक्र युति दशम भाव में पुत्र-शोक का सूचक है. या तो जन्मता नहीं और जन्म हो जाये तो जीवित रहने की संभावना अत्यंत क्षीण होती है.
NW में अशोक स्तम्भ और श्वेत अश्व युगल रखें. अनुकूल होरा में लोन एप्लीकेशन सबमिट करें. आपकी उम्मीद से पहले डिस्बर्समेंट हो जायेगा.
मेष लग्न में शनिदेव लग्नस्थ हों और सूर्यदेव, षष्ठ भावस्थ हों तो व्यक्ति आजन्म रोगी ही रहता है.
North-West एंट्रेंस में यदि नार्थ portion ज्यादा है तो क़त्ल हो सकता है आपका. डर लगे, तो इसी अकालमृत्यु पढ़ लीजिये.

मंगलवार, 15 जनवरी 2019

व्यापार में हो रहा है नुकसान तो करें यह उपाय


अपरिहार्य परिस्थितिवश यदि ऋण लेना ही है तो बुद्धवार को बुद्ध की होरा में ले सकते हैं. बहुत ही जल्दी उतर भी जायेगा.

किसी भी मंगलवार से मंगल की होरा में अपने कर्ज़े उतारने के शुरुआत कीजिये. आपको पता भी नहीं चलेगा कि कैसे और कब आप ऋणमुक्त हो भी गये.

गुरु अकेला द्वितीय, पंचम और सप्तम भावस्थ हो तो धन, पुत्र और स्त्री के लिए सर्वदा अनिष्टकारक होता है. जिस भाव का जो ग्रह माना गया है, यदि वह अकेला उस भाव में हो तो उस भाव को बिगाड़ता है.

निवासकर्ता की नाम राशि से गांव की राशि यदि 2, 5, 9, 10, 11वीं हो तो उत्तम तथा 1, 3, 4, 7वीं हो तो सम तथा 6, 8 व 12वीं हो तो निषिद्ध समझना चाहिए। इसी तरह काकिणी, नराकृति आदि विचारों के द्वारा भी शुभकारक गांव का चयन करना चाहिए।

यदि किसी व्यक्ति का व्यापार न चल रहा हो, या घाटे-नुकसान में घिसट रहा हो, तो यह उपाय शुक्लपक्ष के किसी भी शुक्रवार को सूर्योदय से दो घन्टे चौबीस मिनट के भीतर कर सकते हैं. प्रातः स्नान से निवृत होकर अपने इष्ट्देव अथवा देवी माँ की विधिवत पूजा करे और खोये के पेड़ों का भोग लगाये. इसके पश्चात् खोये के पेड़ों का प्रसाद स्वयं न खाकर, अपने कर्मचारिओं को एक रूपए के सिक्के सहित बांटे. प्रसाद, व्यक्ति की धर्मपत्नी अथवा माता जी बांटे. इस दिन घर के अन्य सदस्य अपना आहार-विहार पूर्णतयः सात्विक रखें. कैसा और कितना जल्द काया-कल्प होगा।

लग्न में राहु और सप्तम भाव में केतु हो और अन्य ग्रह इन दोनों के मध्य भावस्थ हों तो इसके कारण व्यक्ति निरन्तर मानसिक रूप से अशान्त रहता है. जीवन में अस्थिरता, कपट-बुद्धि, प्रतिष्ठा-हानि, वैवाहिक जीवन का दुःखमय होना, इत्यादि प्रभाव देखने को मिलते हैं. व्यक्ति को कामयाबी हासिल करने के लिए काफी स्ट्रगल करना पड़ता है.
उपाय : गले में हमेशा चांदी का चौकोर टुकड़ा अपने क्षेम नक्षत्रानुसार पूर्ण विधि-विधान एवं अनुकूल मुहूर्त में अपने दैवज्ञ ज्योतिषी के निर्देशानुसार धारण करें. समय तो लगेगा, लेकिन इन दुश्वारियों से छुटकारा निश्चित ही मिल जायेगा.

जान जोखिम में न डालें तो बेहतर

इस बात का हमेशा ख्याल रखें कि नवमी और चतुर्दशी (कृष्ण और शुक्ल - दोनों पक्ष की) तिथि को, अमावस्या और पूर्णिमा को, सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण वाले दिन से एक दिन पूर्व और एक दिन बाद तक के तीन दिवस, मंगल जिस दिन राशि-परिवर्तन कर रहे हों, शनि जिस दिन वक्री हो रहे हों अथवा मार्गी हो रहे हों, जिस दिन मंगल-शनि की युति हो रही हो अथवा एक-दूजे को सप्तम दृष्टि से देख रहे हों, चन्द्र्मा अष्टम भावस्थ हो - इन दिनों को हमेशा के लिये किसी भी प्रकार की यात्रा हेतु ब्लैक-लिस्टेड कर दीजिये.



यह लेख विश्वजीत बब्बल वैदिक काउंसलर के फेसबुक पोस्ट से लिया गया है. वे वास्तु और ज्योतिष की बहुत अच्छी जानकारी रखते हैं. उन्होंने अपनी जानकारी के आधार पर कई लोगों के परेशानिया दूर की है. यह अपने अनुभव को भी समय समय पर लोगों से शेयर करते हैं. आप इनसे सशुल्क परामर्श ले. सकते हैं. आप उनसे फेसबुक के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं. इस सेवा का लाभ जरुर लें. 
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