एक ऐसा उपाय जो कार्य सिद्धि के लिए श्रेष्ठ ही नही बल्कि सर्वश्रेष्ठ है, आपकी कोई भी समस्या हो तंत्र का यह सात्विक और बेहद चमत्कारी प्रयोग आपके कार्य और मनोकामना में सिद्धि दिलवाएगा । प्रयोग इस प्रकार है:
गुरुवार, 25 जुलाई 2024
कार्य सिद्धि के लिए श्रेष्ठ ही नही बल्कि सर्वश्रेष्ठ उपाय
लोग बेवजह दुश्मन बने हुए तो करें काजल का यह प्रयोग
लेखक - पी. ए. बाला
कभी कभी हमारे घर में या कार्यस्थल पर कुछ लोग बेवजह हमारे दुश्मन बने हुए होते हैं , जो बात बात में हमारी काट करते हैं , शिकायतें करते हैं , बदनामी करते हैं, अफवाह फैलाते हैं, और हमसे जलन व ईर्ष्या करने लगते हैं । कई बार स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि कार्यस्थल पर कार्य करना मुश्किल हो जाता है, व्यापार में भी हमारे प्रतिद्वंद्वी कई प्रकार के जतन करके हमें परेशान करते हैं । नवविवाहित लड़के/लड़की को उसके ससुराल में भी ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें घर में क्लेश होता है , लाख जतन करने के बावजूद भी अपने ही घर के लोग हमसे खुश नही होते और शिकायतें करने प्रतिस्पर्धा करने में पूरे रहते हैं । ऐसी विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए एक सरल सात्विक तांत्रिक उपाय आज आपको बताता हूँ , जिसके करने से आप ऐसी समस्या से कुछ ही दिन में मुक्त हो जाएंगे । उपाय इस प्रकार है :
जीवन के क्लेश दूर करने वाला एक सुंदर उपाय
दुःख निवारण 7 रविवार करने वाला प्रयोग
, सुगमता के रास्ते खुल जाएंगे ।
पितृ दोष निवारण उपाय
लेखक - पी. ए. बाला
कुंडली के मुख्य दोष में एक दोष पितृ दोष की समस्या है । जिनके कुल के पितृ नाराज हैं, अतृप्त हैं उस कुल में सर्वाधिक समस्या देखने को मिलती है , यहाँ हम लक्षणों की बात नही करेंगे क्योंकि सभी लोग जानते हैं कि पितृ दोष के लक्षण क्या होते हैं । पितृ दोष कुंडली जनित होने के साथ आपके कुल के पूर्वजों का अंतिम क्रियाक्रम सही न होने से व पितरों की उपेक्षा से भी होता है । इसमें मुख्य समस्या यह है कि कई लोगों को पता भी नही होता कि उनको पितृ दोष की समस्या है, दूसरी बात अगर पता हो तो इसकी शांति बेहद महंगी और खर्चीली प्रक्रिया है । यह सब करने के बाद भी इस बात की गारंटी नही है कि यह सब करवाने के बाद भी पितृ तृप्त और संतुष्ट हुए भी हैं या नही ... ऐसी स्थिति में आपको पितरों को संतुष्ट करने और प्रसन्न करने के लिए एक दिव्य और अद्भुत मंत्र बता रहा हूँ (साथ दिए चित्र में संलग्न है) , जो करने में सरल है , इसे आप पितृ पक्ष में , अमावस्या तिथि में ज्यादा से ज्यादा जप करें व नित्य स्नानादि के बाद 21 बार जप करें व रात्रि को सोने से पहले भी इसका 21 बार जप कर सकते हैं । यह तीन मन्त्र का एक कॉम्बिनेशन है, जिसे आप एक साथ पूरे एक मंत्र की तरह जप करें । आप कुछ ही दिन में अद्भुत और चमत्कारी सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे ।
सफल और अनुभूत सिद्ध प्रयोग है, जो कभी खाली नही जाता
लेखक - पी. ए. बाला
यह योगिनी प्रयोग है, इसमें आपकी समस्या का समाधान स्त्री अथवा पुरुष कोई भी किसी भी रूप में आकर कर जाएगा, अब इस प्रयोग के कई प्रारूप सोशल मीडिया पर अपने अपने तरीके से बताये जाते हैं, कोई अपनी तरफ से कुछ बोलता है कोई अपनी तरफ से कुछ..पर इसका सरल और प्रामाणिक प्रयोग इस प्रकार से है :
100% सफल होने वाला प्रयोग
लेखक - पी. ए. बाला
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