रविवार, 16 नवंबर 2025

KP के 21 मुख्य सूत्र (MUKHYA SUTRA)

 

1️⃣ सबसे बड़ा सूत्र — Cuspal Sub-Lord ही फल देता है

ग्रह नहीं, नक्षत्र नहीं—CSL परिणाम तय करता है।

कैसे प्रयोग करें?

  • जिस घटना को देखना है उसी भाव का CSL देखें।

  • जैसे विवाह = 7th CSL, नौकरी = 6th CSL, संतान = 5th CSL

  • CSL किस घर को दर्शा रहा है → वही फल।


2️⃣ Star-Lord ग्रह से ज़्यादा शक्तिशाली

ग्रह agent है, परिणाम नक्षत्र स्वामी देता है।

प्रयोग:

  • Planet कौन-सा घर दर्शाता है?

  • फिर देखें वह किस नक्षत्र में है → result उसी का मिलेगा।


3️⃣ Significator (काकिनगर) ही असली निर्णयकर्ता

KP = Signification आधारित विद्या है।

प्रयोग:

  • ग्रह 3 तरह से फल देता है:

    1. उसके घर के स्वामी के हिसाब से

    2. उसके नक्षत्र स्वामी के हिसाब से

    3. जिसके घर में बैठा है उसके हिसाब से

जो strongest हो → वही फल।


4️⃣ 2-6-10-11 = सफलता के भाव

चाहे नौकरी हो, धन हो, प्रमोशन हो—इनका सक्रिय होना ज़रूरी।

प्रयोग:

  • किसी घटना को चेक करते समय देखें

    • क्या 2-6-10-11 जुड़े हैं?

    • If yes → घटना होगी।


5️⃣ 6th → Job, 7th → Business

व्यावसायिक निर्णय केवल इनसे।

प्रयोग:

  • 10th CSL 6th देता है → नौकरी

  • 10th CSL 7th देता है → व्यवसाय

  • दोनों → job + freelance दोनों


6️⃣ 5-11 संतान के विशेष भाव

संतान का वादा तभी पूरा जब 5 + 11 हों।

प्रयोग:

  • 5th CSL देखो

  • क्या वह 2-5-11 को activate कर रहा है?
    Yes → संतान।


7️⃣ 6-8-12 = बाधा, रुकावट, हानि

KP में ये 3 भाव negative clusters हैं।

प्रयोग:

  • Event देखो → यदि CSL 6-8-12 दिखाए → delay या denial।


8️⃣ Rahu/Ketu = हमेशा अपने नक्षत्र अधिपति के जैसे फल देते हैं

नोड्स surrogate planets हैं।

प्रयोग:

  • Rahu/Ketu = उसके starlord को treat करो

  • उसके sign lord को lightly treat करो


9️⃣ KP में भाव प्लैसिडस पद्धति से—Vedic से अलग

भाव बदलना = फल बदलना।

प्रयोग:

  • KP में bhav chalit नहीं

  • Placidus bhav always use

  • cusp degree = destiny cutting line


🔟 Dasha ≠ Event, Event = Dasha + Transit + CSL sync

दशा अकेली फल नहीं देती।

प्रयोग:

  • event तभी होगा जब:
    CSL house + starlord houses + transit तीनों match हों।


1️⃣1️⃣ Retro planets अपने starlord से फल देते हैं, खुद से कम

Retro = internalized result.

प्रयोग:

  • retro planet ignore नहीं

  • बस उसका फल starlord से आएगा, न कि खुद से।


1️⃣2️⃣ Moon = Event Trigger

Moon transit = daily activation energy.

प्रयोग:

  • Moon जिस नक्षत्र में जाता है → वही घटना active करता है।

  • शुभ/अशुभ दिन तय Moon से करें।


1️⃣3️⃣ KP में gemstones rarely—only strong planetary counselling

Remedy = subtle balancing.

प्रयोग:

  • KP remedy = mantra + breath + karma correction

  • gemstone तभी जब CSL block हो।


1️⃣4️⃣ Past-life karma संकेत = Ketu placement + CSL influence

प्रयोग:

  • Ketu किसके starlord में?

  • वही past-life energy अब active।


1️⃣5️⃣ Saturn delay नहीं, maturity देता है

Saturn = सही समय पर फल देगा।

प्रयोग:

  • Saturn का CSL = delay = maturity

  • Saturn दशा = life stabilization period


1️⃣6️⃣ Sun = status, ego, father blessings scene

प्रयोग:

  • Sun खराब → father connection heal करो

  • Surya mantra + morning sunlight


1️⃣7️⃣ Venus = marriage + comfort + refinement

प्रयोग:

  • Venus CSL marriage → calm, sweet behavior, art, perfumes


1️⃣8️⃣ Mercury = mind, nerves, communication

Mercury disturbed → conception delay, mental stress

प्रयोग:

  • बुध मंत्र, अनुलोम-विलोम, हरियाली


1️⃣9️⃣ Mars = action, surgery, anger control

प्रयोग:

  • Mars remedy -> slow exhalation breathing

  • masoor dal donation


2️⃣0️⃣ Jupiter = blessings; without it no major expansion

शिक्षा, संतान, विवाह, growth सब Jupiter से।

प्रयोग:

  • guru seva, wisdom donation

  • yellow vibrations


2️⃣1️⃣ CSL ही घटना का अंतिम निर्णय

KP हृदय यही है।

प्रयोग:

  • हर निर्णय से पहले → CSL देखो

  • न तिथी, न ग्रह, न राशि → CSL final


💡 **इन सूत्रों का वास्तविक उपयोग कैसे करें?

(किताब की शैली में Process)**

Step-1

Event चुनें (जैसे संतान)

Step-2

उस भाव का CSL देखें

Step-3

CSL किन भावों को दर्शा रहा है
(ownership + placement + starlord)

Step-4

क्या event चाहिए?
→ 2-5-11 मिल रहे हैं?
अगर शादी चाहिए → 2-7-11
नौकरी चाहिए → 2-6-10-11

Step-5

Dasha + Antardasha देखें
→ क्या वही planets active हैं?

Step-6

Moon transit देखें
→ क्या उस दिन 2-5-11 (या event) के starlord activate हैं?

Step-7

Event होता है।

NAKSHATRA COLOR MUKHYA SUTRA

 

Sutra 1 — Moon Nakshatra = Emotional Color

“चन्द्रमा का रंग प्रतिदिन के मन, भावनाओं और मानसिक स्थिति को नियंत्रित करता है।”

उपयोग:
रोज़ वही रंग पहनें जिससे मन शांत या स्थिर हो।


Sutra 2 — Lagna Nakshatra = Success Color

“लग्न नक्षत्र का रंग बाहर की दुनिया में सफलता और प्रभाव देता है।”

उपयोग:
जॉब, मीटिंग, इंटरव्यू में—लग्न का रंग पहने।


Sutra 3 — Sun Nakshatra = Authority Color

“सूर्य का रंग सम्मान, अधिकार और उच्च स्थिति दिलाता है।”

उपयोग:
जब भी आपको recognition चाहिए—सूर्य का रंग पहनें।


Sutra 4 — Nakshatra = Planet Frequency

हर नक्षत्र एक ग्रह का रंग amplify करता है।
उदाहरण:

  • अश्विनी → केतु रंग

  • विशाखा → बृहस्पति रंग

  • पूर्वा भाद्रपदा → गुरु+रुद्र रंग


Sutra 5 — Pada fine-tunes color

जीवन में किस उम्र में कौन-सा रंग ज्यादा काम करेगा = पाद से निकलता है।
उदाहरण:

  • Pada 1 = earthy tones

  • Pada 2 = fire tones

  • Pada 3 = airy tones

  • Pada 4 = watery tones


Sutra 6 — Devata decides color power

देवता किस रंग को शक्तिशाली (empowered) बनाते हैं।

  • अदि‍ति = white/yellow

  • रुद्र = black/blue

  • विश्वकर्मा = red/purple

  • पितृ = saffron/white


Sutra 7 — Tatva = color effect

  • अग्नि नक्षत्र → लाल/नारंगी

  • पृथ्वी नक्षत्र → भूरा/क्रीम

  • वायु नक्षत्र → नीला/हल्का ग्रे

  • जल नक्षत्र → चित्त-शांत रंग

  • आकाश नक्षत्र → बैंगनी/इंडिगो


Sutra 8 — Gana = color strength

  • देवगण के रंग → divine, healing

  • मानुषगण → practical, grounding

  • राक्षसगण → intense, transformative


Sutra 9 — Use the color of the ruling planet on its weekdays

उदा.

  • बृहस्पति नक्षत्र → गुरुवार yellow

  • सूर्य नक्षत्र → रविवार saffron


Sutra 10 — Color activates the Nakshatra Mantra

मनत्र तभी काम करते हैं जब सही रंग धारण किया जाए।


Sutra 11 — Color can neutralize dosha

  • राहु/केतु → white, grey

  • मंगल → light red

  • शनि → dark blue/black


🚩 SECTION 2 — उपयोग के सूत्र (How to Use Color Blueprint)

अब “कैसे” प्रयोग करना है—ये असली रहस्य है।


🌟 Sutra 12 — Daily Color = Moon Color

आज कैसा feel करेंगे?
काम कैसा होगा?
mood कैसा रहेगा?

→ चंद्र नक्षत्र का रंग पहनकर दिन stabilize करें।


🌟 Sutra 13 — Weekly Success Color = Lagna Color

हर सप्ताह एक दिन लग्न वाला रंग पहनें
→ life direction सेट हो जाती है।


🌟 Sutra 14 — Only 3 main colors should dominate your wardrobe

हर व्यक्ति के 3 रंग होते हैं:

  1. Lagna color

  2. Moon color

  3. Planetary nakshatra color (Sun/Mars/etc.)

बाकी सब color optional।


🌟 Sutra 15 — Important Work = Sun Color

interview, meeting, exam
→ सूर्य नक्षत्र का रंग = सफलता


🌟 Sutra 16 — Remedy day = Planet color

ग्रह का उपाय करते समय—उसका रंग पहनें।
उदाहरण:
गुरु उपाय → yellow cloth
केतु उपाय → white cloth


🌟 Sutra 17 — Sleep colors = Moon Nakshatra colors

कमरे की चादर / तकिया / कंबल
→ चंद्र नक्षत्र के रंग में रखें।

नींद 40% सुधर जाती है।


🌟 Sutra 18 — Health issues = opposite color balancing

जिन रंगों से conflict हो रहा है → उनसे दूरी
उदाहरण:

  • मंगल बढ़ा = bright red avoid

  • राहु बढ़ा = black avoid


🌟 Sutra 19 — Kids = Moon Nakshatra color only

बच्चों पर रंग का प्रभाव 5× ज्यादा होता है।


🌟 Sutra 20 — Couples = harmonizing colors

पति-पत्नी के Moon colors match करें:
→ fights 50% कम
→ bonding बढ़ती है


🌟 Sutra 21 — Bad day? → Wear Moon + Sun colors together

ये combination instantly aura stabilize करता है।

उदाहरण
White + saffron
Yellow + red

नक्षत्र के रंगों का प्रयोग करने के नियम

 

SituationUse Color Of
Daily RemedyMoon Nakshatra
Career / KarmaLagna Nakshatra
Soul PathAtmakaraka Nakshatra
Relationship7th lord nakshatra
Money Progress2nd & 11th lord nakshatra
Health Balance6th & 8th lord nakshatra
Mantra-SadhanaNakshatra deity color
Diseases CureNakshatra Tattva Color

देव गण = उजले/दिव्य रंग
 मानुष्य गण = मिट्टी/earthy नेचुरल रंग
 राक्षस गण = गहरे/तांत्रिक/occult रंग
 Fire signs = लाल/केसरिया
 Water signs = सफेद/नीला/मोती
 Air signs = हरा/हल्का नीला
 Earth signs = पीला/मिट्टी रंग

रंग नक्षत्र-ऊर्जा को ट्यून करते हैं, ग्रह दोष शांत करते हैं, चित्त शुद्ध करते हैं।

Nakshatra Color Table (Tattva + Devata + Graha )

 

NakshatraPlanetElementDevataColor
AshwiniKetuFireAshwini Kumars⚪ सफेद + 🔴 लाल
BharaniVenusEarthYama🟤 मिट्टी + 🔶 टेराकोटा
KrittikaSunFireAgni🔥 केसरिया + 🟡 सुनहरा
RohiniMoonEarthBrahma🌸 हल्का गुलाबी + 🤍 क्रीम
MrigashiraMarsAirSoma💚 हरा + 🌿 हर्ब ग्रीन
ArdraRahuWaterRudra🌧️ ग्रे + ⚫ काला + 🌩️ electric blue
PunarvasuJupiterAirAditi💛 पीला + 🤍 मोती सफेद
PushyaSaturnWaterBrihaspati🟦 नील + 🤍 दूधिया
AshleshaMercuryWaterNaga🟩 हरा + 🟣 नाग-बैंगनी
MaghaKetuFirePitru🔱 केसरिया + ⚪ सफेद
Purva PhalguniVenusFireBhaga💗 गुलाबी + 🟡 सोना
Uttara PhalguniSunFireAryaman🟧 केसरिया + 🤎 हल्का भूरा
HastaMoonWaterSavitur🟨 हल्का पीला + 🤍 मोती
ChitraMarsFireVishwakarma🔴 लाल + 🟣 रॉयल बैंगनी
SwatiRahuAirVayu🌬️ हल्का नीला + ⚪ सफेद
VishakhaJupiterFireIndra–Agni🟠 नारंगी + 🔴 रत्न लाल
AnuradhaSaturnWaterMitra⚫ काला + 🟦 नीला + 🤍 चाँदी
JyeshthaMercuryWaterIndra🟣 इंडिगो + ⚫ काला
MoolaKetuEarthNirriti🟥 गहरा लाल + 🟫 मिट्टी
Purva AshadhaVenusWaterApas🤍 सफेद + 💧 aqua blue
Uttara AshadhaSunEarthVishwadeva🟧 केसरिया + 🟫 earthy
ShravanaMoonWaterVishnu🤍 सफेद + 🟦 नीलकमल नीला
DhanishtaMarsFireAshta Vasus🔴 रॉयल रेड + 🌑 metallic grey
ShatabhishaRahuAirVaruna🟦 electric blue + ⚫ काला
Purva BhadrapadaJupiterFireAja Ekapada🔥 अग्नि लाल + 🟣 occult violet
Uttara BhadrapadaSaturnWaterAhirbudhnya🌊 deep blue + 🤎 earth brown
RevatiMercuryWaterPushan🤍 दूधिया सफेद + 🐚 मोती

नक्षत्र – मंदिर, स्थान और उद्देश्य Nakshatra – Temple, Location and Purpose

 

नक्षत्र        देवता        प्रमुख मंदिर/स्थानस्थान (कहाँ)उद्देश्य / साधना का फल
1. अश्विनीअश्विनीकुमारवैद्यनाथ ज्योतिर्लिंगझारखंडरोग-निवारण, स्वास्थ्य, तेज
2. भरणीयमयमधर्मराज मंदिरकेरळ (थिरुवनंतपुरम)पाप-विमोचन, आत्मबल
3. कृत्तिकाअग्निअन्नमलैयार (अरुणाचल)तिरुवन्नामलैक्रोध-शुद्धि, ऊर्जा, तप
4. रोहिणीब्रह्माब्रह्मा मंदिरपुष्करप्रतिष्ठा, वैभव, सौंदर्य
5. मृगशीर्षासोमसोमेश्वर मंदिरसोमनाथमन-शांति, यात्रा-सिद्धि
6. आर्द्रारुद्रनटराज मंदिरचिदंबरमशोक-शांति, गहरी साधना
7. पुनर्वसुअदितिअदिति माता पीठगुजरातपुनर्जन्म, नई शुरुआत
8. पुष्यबृहस्पतिबृहस्पति मंदिरकुडप्पागुरु-कृपा, शिक्षा, दया
9. अश्लेषानागनागदेवता मंदिरकणिपकमऋण-शांति, नकारात्मकता मुक्ति
10. मघापितरपितृतीर्थ – गयाबिहारपितर-दोष शांति
11. पूर्वा फाल्गुनीभग/शुक्रकामाख्याअसमआकर्षण, प्रेम, सृजन
12. उत्तर फाल्गुनीआर्यमाकाशी विश्वनाथवाराणसीविवाह, साझेदारी, प्रतिष्ठा
13. हस्तसविता (सूर्य)सूर्य नारायण मंदिरकोणार्ककौशल, हाथ का हुनर, सफलता
14. चित्राविश्वकर्माविश्वकर्मा देवालयकर्नाटकनिर्माण, कला, वास्तु
15. स्वातिवायुवायुपुराण मंदिरत्रिचूरस्वतंत्रता, यात्रा, व्यापार
16. विशाखाइंद्र-अग्निइंद्रेश्वर महादेवइंदौरलक्ष्य-सिद्धि, ऊर्जा
17. अनुराधामित्रपंढरपुर विठ्ठलमहाराष्ट्रमित्रता, सपोर्ट, सामंजस्य
18. ज्येष्ठाइंद्राणीश्री इंद्राणी पीठमहाराष्ट्रप्रतिष्ठा, सामाजिक शक्ति
19. मूलनिरृतिकालीघाट कालिकाकोलकाताकर्म-विनाश, पुराना उखाड़ना
20. पूर्वाषाढ़ाअप: (जल)वरुण देव मंदिरगुजरातविजय, आत्मविश्वास
21. उत्तराषाढ़ाविश्वदेवबेलूर-हल्बीडुकर्नाटकप्रतिष्ठा, समाज में नाम
22. श्रवणविष्णुतिरुमला बालाजीतिरुपतिश्रवण-शक्ति, करियर-उन्नति
23. धनिष्ठाअष्टवसुउडुपी कृष्णकर्नाटकधन, संगीत, नेटवर्क
24. शतभिषावरुणरमेेश्वरम सागर-अर्घ्यतमिलनाडुरोग-निवारण, डिटॉक्स, नशा मुक्ति
25. पूर्वाभाद्रपदअज-एकपादकालभैरव मंदिरउज्जैनसुरक्षा, राहु-शांति
26. उत्तराभाद्रपदअहिर्बुध्न्य (नाग)तिरुपति नागदोष निवारणतिरुमलागहराई, अध्यात्म
27. रेवतीपूषाजगन्नाथ पुरीओडिशायात्रा-सफलता, मार्गदर्शन

नक्षत्र मंदिर उपाय (Nakshtra and temple)

 

1. अश्विनी – अश्विनीकुमार

→ रेमेडी: राणिपेत / चेन्नई के अश्विनीकुमार मंदिर में तेल चढ़ाएँ।

🌟 2. भरणी – यम

→ रेमेडी: काशी विश्वनाथ या किसी भी यमधर्मराज मंदिर में पितृ-तर्पण करें।

🌟 3. कृतिका – अग्नि देव

→ रेमेडी: तिरुपुर / पलनी के अग्नि–कुण्ड / कार्तिकेय मंदिर में हवन कराएँ।

🌟 4. रोहिणी – ब्रह्मा

→ रेमेडी: पुष्कर, राजस्थान के ब्रह्मा मंदिर में दीपदान।

🌟 5. मृगशिरा – सोम

→ रेमेडी: सोमनाथ मंदिर (गुजरात) में अभिषेक करवाएँ।

🌟 6. आर्द्रा – रुद्र

→ रेमेडी: चिदंबरम के रुद्र नटराज मंदिर में दर्शन अनिवार्य। (आपका उदाहरण)

🌟 7. पुनर्वसु – अदिति

→ रेमेडी: अदिति माता मंदिर (केरल/तमिलनाडु क्षेत्र) में हल्दी चढ़ाएँ।

🌟 8. पुष्य – बृहस्पति

→ रेमेडी: त्र्यंबकेश्वर / नासिक में गुरु अभिषेक कराएँ।

🌟 9. आश्लेषा – नाग देवता

→ रेमेडी: नागनाथ मंदिर (कर्नाटक) या किसी भी नागदर्शन स्थल पर दूध चढ़ाएँ।


🔱 10. मघा – पितृ

→ रेमेडी: गया में पितृ-तर्पण या काशी में पितृ श्राद्ध अवश्य करें।

🔱 11. पूर्वाफाल्गुनी – भग

→ रेमेडी: भगवान सूर्य मंदिर (कोणार्क/मोडेरा) में जल अर्पित करें।

🔱 12. उत्तराफाल्गुनी – अर्यमन

→ रेमेडी: अर्यमन देवता मंदिर (दक्षिण भारत) में नारियल चढ़ाएँ।


🌕 13. हस्त – सवितृ

→ रेमेडी: कोणार्क या किसी भी सूर्य मंदिर में चंदन अर्पित करें।

🌕 14. चित्रा – विश्वकर्मा

→ रेमेडी: विश्वकर्मा मंदिर में औजार (tool) दान करें।

🌕 15. स्वाति – वातु/वायु

→ रेमेडी: वायु देव मंदिर (कर्नाटक – मुकुर्ती/गोकर्ण) में ध्वज चढ़ाएँ।

🌕 16. विशाखा – इन्द्र–अग्नि

→ रेमेडी: इन्द्र मंदिर (त्रिची/कांची) में केसर/कपूर चढ़ाएँ।


🔥 17. अनुराधा – मित्र (सूर्य मित्र देवता)

→ रेमेडी: सूर्य मित्र पूजा – किसी भी सूर्य स्थल पर गुड़ दान।

🔥 18. ज्येष्ठा – इन्द्र

→ रेमेडी: इन्द्रेश्वर मंदिर (कांची/त्रिची) में लाल चावल अर्पित करें।

🔥 19. मूल – निरृति

→ रेमेडी: निरृति देवी पीठ (तमिलनाडु) या किसी शक्ति पीठ में लाल वस्त्र दान।


🌳 20. पूर्वाषाढ़ा – अपः (जल देवता)

→ रेमेडी: किसी जल तीर्थ (गंगा, गोदावरी, कावेरी) में दीपदान।

🌳 21. उत्तराषाढ़ा – विश्वदेव

→ रेमेडी: विश्वेश्वर महादेव मंदिर, वाराणसी में पूजा।

🌳 22. श्रवण – विष्णु

→ रेमेडी: तिरुपति / बद्रीनाथ / जगन्नाथ — किसी भी विष्णु मंदिर में दर्शन।


🌙 23. धनिष्ठा – वसु

→ रेमेडी: वसु देवालय या किसी भी शिव-ध्वनि वाले मंदिर में ढोल/नगाड़ा चढ़ाएँ।

🌙 24. शतभिषा – वरुण

→ रेमेडी: वरुण देव मंदिर (सोमनाथ क्षेत्र / मुंबई तट) में जल कलश अर्पित करें।

🌙 25. पूर्वाभाद्रपदा – अज एकपाद

→ रेमेडी: अज-एकपाद शिवालय (कर्नाटक) में हवन।


🔱 26. उत्तराभाद्रपदा – अहिर्बुधन्य (नाग-रूप शिव)

→ रेमेडी: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में अभिषेक।

🔱 27. रेवती – पूषा (पोषण)

→ रेमेडी: पूषा देवता मंदिर (तमिलनाडु/केरल) में घी-दीप जलाएँ।

सोमवार, 31 मार्च 2025

इस फ़ार्मूले के हिसाब से पता कर सकती हैं अपनी शुभ दिशाऐं

महिलाएँ ...इस फ़ार्मूले के हिसाब से पता कर सकती हैं अपनी शुभ दिशाऐं।  



तो ये है इस फ़ार्मूले का राज... 👇


जन्म वर्ष के केवल आख़री दो अंकों का योग कीजिये उदाहरण के लिए किसी की date of birth 7-6-1971 है आपको सिर्फ़ वर्ष के आख़री दो अंक यानि 7 और 1 का ही योग करना है  

अगर योग करने पर 4, 5, 7, या 8 आये तो आप ईस्ट ग्रुप के व्यक्ति हैं और यदि 1, 2, ,3, 6, या 9 आये तो आपका ग्रुप वेस्ट होगा। 


अभी कुछ दिन पहले की बात है एक महिला मेरे आफिस में अपनी जन्मपत्री दिखाने आयी ... वह एक गंभीर रोग से पीड़ित थी उन्हौने बताया की डाक्टर ने मुझे तुरन्त आँपरेशन करवाने की सलाह दी है। 

मैने उनको समझाया की आपको इसमें जल्दबाज़ी नही करनी चाहिए आपके ग्रहों के हिसाब से ...आपका आने वाला समय ...ज़्यादा ख़राब है और अगर आपरेशन करवाना ज़्यादा ज़रूरी हो तो ...क्योंकि आपका ग्रुप वेस्ट है इसलिए आपके घर से जो डाक्टर ईशान, वायव्य, पश्चिम या नैऋत्य दिशा में रहता हो या उसका अस्पताल इस दिशा में हो .आपको उसी से इलाज करवाना चाहिए। 

उन्हौने जिस अस्पताल के बारे में बताया वो उनके घर से अग्निकोण में था। 

मैने उनको समझाया की आपके घर से ...उत्तर, पुर्व, अग्निकोण व दक्षिण दिशा से ...आपको लाभ होने की संभावना कम है इसलिए मेरी राय में आपको इस दिशा में रहने वाले किसी भी डाक्टर से आपरेशन नही करवाना चाहिए क्योंकि आपका केस पहले से काफ़ी बिगड़ा हुआ है और हम जो भी प्रयास कर सकते हैं हमको ज़रूर करने चाहिए। 


उस समय तो उन्हौने मेरी बात मान ली और चली गयी ...पर घर पहुँचने के बाद रिश्तेदार व परिवार के लोगो के दबाव में आकर उसी अस्पताल में आपरेशन करवा लिया जिसके लिए मैने मना कर दिया था।

और रिज़ल्ट ये निकला की आपरेशन के बाद उनकी हालत बिगड़ती ही चली गयी और आज वह इस दुनिया में नही है।  


इस फ़ार्मूले से ...किसी व्यक्ति के साथ उसका सबसे बुरा किस किस दिशा में रहने वाले लोग कर सकते हैं इसका पता बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है और 99 प्रतिशत मामलों में ये सही सिद्ध होता है। 


नोट - मेरा उदेश्य सिर्फ आप सभी मित्रों का ज्ञानवर्धन करना है  किसी भी व्यक्ति के मन में भय या अंधविश्वास उत्पन्न करना नही है 

इस फ़ार्मूले का उपयोग ...चिकित्सक से परामर्श लेते समय केस की गंभीरता को देखते हुए किया गया है 

सामान्य परिस्थितियों में भी इसका उपयोग करना अनिवार्य हो ऐसा ज़रूरी नही है। 

शिक्षा, व्यापार,नौकरी, इन्वेस्टमेंट और विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय इस फ़ार्मूले का ध्यान रखा जाये तो ज़्यादा लाभदायक सिध्द होता है।  


एस के मेहता 

अध्यक्ष - वास्तु परामर्श एवं अनुसंधान केन्द्र जयपुर।

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तो ये है इस फ़ार्मूले का राज... 


जन्म वर्ष के केवल आख़री दो अंकों का योग कीजिये उदाहरण के लिए किसी की date of birth 7-6-1981 है आपको सिर्फ़ वर्ष के आख़री दो अंक यानि 8 और 1 का ही योग करना है  

अगर योग करने पर 1 , 6, 7 , या 9 आये तो आप ईस्ट ग्रुप के व्यक्ति हैं और यदि 2 ,3, 4 , 5 या 8 आये तो आपका ग्रुप वेस्ट होगा। 


कई साल पहले की बात है जयपुर शहर के एक बहुत बडे व्यवसायी का अपहरण हो गया था 

मुख्यमंत्री व गवर्नर तक पीड़ित परिवार के घर ढाँढस बँधाने गये थे। 

उस समय इलाक़े के SP को मैने बताया की सर जिस व्यक्ति का अपहरण हुआ है वह वेस्ट ग्रुप का व्यक्ति है इसलिए उसका अपहरण करके उसको  (उसकी सबसे अशुभ दिशा यानी) अग्निकोण में ले जाने की संभावना है। 

पुलिस उसको शहर के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम इलाक़े में तलाश कर रही थी पर संयोग से वो अग्निकोण में ही मिला था। 


इस फ़ार्मूले से ...किसी व्यक्ति के साथ उसका सबसे बुरा किस किस दिशा में रहने वाले लोग कर सकते हैं इसका पता बड़ी आसानी से लगाया जा सकता है और 99 प्रतिशत मामलों में ये सही सिद्ध होता है। 


नोट - फ़िलहाल ये फ़ार्मूला मैने सिर्फ़ पुरुष मित्रों के लिए बताया है महिलाओं का गणित अलग है इसलिए वो अपना ग्रुप जानने के लिए मेरी अगली पोस्ट का इंतज़ार करें।

मेरे पास जो भी ज्ञान है उस पर आप सभी मित्रों का पूरा अधिकार है 😍इसलिए आपके समक्ष …प्रस्तुत कर रहा हूँ इस आशा के साथ की आप इसे अधिक से अधिक संख्या में शेयर करके जन कल्याण की भावना से सभी लोगों तक पहुँचाने में मेरी मदद करेंगे।

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