चिकित्सा के क्षेत्र में दुनिया ने काफी तरक्की कर ली है। लेकिन आज भी स्वास्थ्य कि क्षेत्र में प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग को सर्वाधिक भरोसेमंद और अचूक माना जाता है। ऐलोपैथिक दवाइयां रोग के लक्षणों को दबाती और नष्ट करती है, जबकि प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद और योग का लक्ष्य बीमारी को दबाना नहीं बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत करके हर बीमारी को जड़ से मिटाना होता होता है। आयुर्वेद के अंतर्गग नीबू के प्रयोग को बेहद फायदेमंद और गुणकारी माना गया है। नीबू में ऐसे कई दिव्य गुण होते हैं जो पेट संबंधी अधिकांस बीमारियों को दूर करने में बेहद कारगर होता है।
खुल कर भूख न लगना, कब्ज रहना, खाया हुआ पचाने में समस्या आना, खट्टी डकारें आना, जी मचलाना, एसिडिटी होना, पेट में जलन होना....ऐसी ही कई बीमारियों में नीबू का प्रयोग बहुत फयदेमंद और कारगर सिद्ध हुआ है।
सावधानिया
- नीबू की तासीर ठंडी मानी गई है, इसलिये शीत प्रकृति के लोगों को इसका प्रयोग कम मात्रा में ही करना चाहिये।
-जहां तक संभव हो नीबू का प्रयोग दिन में ही करना चाहिये, शाम को या रात में प्रयोग करने से सर्दी-जुकाम होने की
संभावना रहती है।
- व्यक्ति अगर किसी अन्य बीमारी से ग्रसित हो तो उसे किसी जानकार आर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श के बाद ही नीबू
का सेवन करना चाहिये।
शुक्रवार, 15 अप्रैल 2011
11 मुनक्का रोज खाओ और कब्ज को भूल जाओ
अनियमित खानपान और अप्राकृतिक रहन सहन ने अनचाहे ही आज कई बीमारियों को पैदा कर दिया है। ऐसा ही एक रोग है- कब्ज। वैसे तो पेट की यह समस्या बेहद आम होती है, लेकिन इसके दुष्परिणाम बहुत घातक हो सकते हैं।
कहा तो यहां तक जाता है कि हर रोग की जड़ें किसी न किसी रूप में कब्ज से ही जुड़ी होती हैं। कब्ज इतनी आम बीमारी हो चुकी है कि अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि लगातार कब्ज के रहने से उनके स्वास्थ्य पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है।
कब्ज व्यक्ति की कार्यक्षमता को तो घटाती ही है, इससे व्यक्ति का विकास भी रुक जाता है। लेकिन हर समस्या के भीतर ही उसके समाधान के बीज भी छुपे होते हैं। सामान्य दिखने वाली लेकिन बेहद गंभीर इस समस्या का एक बेहद कारगर और सरल उपाय यह है-
-प्रतिदिन भोजन करने के बाद में तथा सोने से एक घंटा पहले दूध के साथ उबाली गईं 11- बडी़ दाखें खूब चबा-चबाकर खाएं, तथा ऊपर से उस दूध को भी पी जाएं जिसमें इन दाखों को उबाला गया था। लगातार कुछ ही दिनों तक इस प्रयोग को करने से लाभ नजर आने लगता है। सुबह उठकर 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीकर टहलने से भी कब्ज की समस्या में तत्काल फायदा होता है।
कहा तो यहां तक जाता है कि हर रोग की जड़ें किसी न किसी रूप में कब्ज से ही जुड़ी होती हैं। कब्ज इतनी आम बीमारी हो चुकी है कि अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन उन्हें पता नहीं होता कि लगातार कब्ज के रहने से उनके स्वास्थ्य पर कितना बुरा प्रभाव पड़ता है।
कब्ज व्यक्ति की कार्यक्षमता को तो घटाती ही है, इससे व्यक्ति का विकास भी रुक जाता है। लेकिन हर समस्या के भीतर ही उसके समाधान के बीज भी छुपे होते हैं। सामान्य दिखने वाली लेकिन बेहद गंभीर इस समस्या का एक बेहद कारगर और सरल उपाय यह है-
-प्रतिदिन भोजन करने के बाद में तथा सोने से एक घंटा पहले दूध के साथ उबाली गईं 11- बडी़ दाखें खूब चबा-चबाकर खाएं, तथा ऊपर से उस दूध को भी पी जाएं जिसमें इन दाखों को उबाला गया था। लगातार कुछ ही दिनों तक इस प्रयोग को करने से लाभ नजर आने लगता है। सुबह उठकर 1-2 गिलास गुनगुना पानी पीकर टहलने से भी कब्ज की समस्या में तत्काल फायदा होता है।
जवानी में सफेद बाल, फिक्र छोडें और करें यह अचूक उपाय
बदलती हुई जीवनशैली में पूरे शरीर के साथ-साथ बालों की समस्या भी दिनों-दिन बढ़ती ही जा रही है। बालों का झडऩा और समय से पहले ही सफेद हो जाना आज एक महामारी का रूप ले चुका है।
तमाम कोशिशों और दवाइयों के बावजूद बालों का झडऩा और सफेद होना रुक ही नहीं पाता है। क्योंकि बालों के झडऩे या सफेद होने के पीछे सिर्फ शारीरिक कारणों का ही हाथ नहीं होता है बल्कि मानसिक परेशानियां जैसे तनाव आदि की भी अहम् भूमिका होती है।
सिर्फ दवाइयों से ही अगर बालों की समस्या का हल निकलता तो शायद अमीर वर्ग के लोगों को इससे निजात मिल चुकी होती, किन्तु ऐसा नहीं है।
असल में बालों की समस्या के पीछे कई कारण होते हैं, अत: सभी कारणों पर काम किये बगैर समस्या का हल नहीं निकल सकता। लेकिन हमने यहां कुछ ऐसे अनुभवी और सौ-प्रतिशत कारगर तरीके बताए हैं जो हर हाल में बालों की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। तो आइये देखें कि वे उपाय क्या हैं-
- किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में क्षमतानुसार नियमित रूप से शीर्षासन का अभ्यास करें
- रात को सोते समय नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।
- भोजन में सलाद और फलों का सेवन अवश्य करें।
- प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर तक मोर्निग वॉक पर अवश्य जाएं।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, चाय, कॉफी जैसी चीजों यथा संभव दूर रहें।
- तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें, ध्यान आदि का सहारा लें
तमाम कोशिशों और दवाइयों के बावजूद बालों का झडऩा और सफेद होना रुक ही नहीं पाता है। क्योंकि बालों के झडऩे या सफेद होने के पीछे सिर्फ शारीरिक कारणों का ही हाथ नहीं होता है बल्कि मानसिक परेशानियां जैसे तनाव आदि की भी अहम् भूमिका होती है।
सिर्फ दवाइयों से ही अगर बालों की समस्या का हल निकलता तो शायद अमीर वर्ग के लोगों को इससे निजात मिल चुकी होती, किन्तु ऐसा नहीं है।
असल में बालों की समस्या के पीछे कई कारण होते हैं, अत: सभी कारणों पर काम किये बगैर समस्या का हल नहीं निकल सकता। लेकिन हमने यहां कुछ ऐसे अनुभवी और सौ-प्रतिशत कारगर तरीके बताए हैं जो हर हाल में बालों की समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं। तो आइये देखें कि वे उपाय क्या हैं-
- किसी जानकार व्यक्ति के मार्गदर्शन में क्षमतानुसार नियमित रूप से शीर्षासन का अभ्यास करें
- रात को सोते समय नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।
- भोजन में सलाद और फलों का सेवन अवश्य करें।
- प्रतिदिन 3 से 4 किलोमीटर तक मोर्निग वॉक पर अवश्य जाएं।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं, चाय, कॉफी जैसी चीजों यथा संभव दूर रहें।
- तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें, ध्यान आदि का सहारा लें
छोटे-छोटे टिप्स
१--निम्बू का अचार अगर खराब होने लगे तो अचार को किसी बर्तन मे निकाल कर सिरका डाल कर पका लीजिये
अचार फिर से नया हो जायेगा।
२--निम्बू के अचार में नमक के दाने पड जाते हैअचार डालते समय ही थोडी पीसी चीनी भी बुरक दे तो ये दाने नही
पडेगें | और अगर पड गये है तो भी थोडी पीसी चीनी बुरक दीजिये अचार नया सा हो जायेगा।
४--आम का अचार बनाते समय जब फांको में नमक हल्दी लगाकर रखती है तब उनपर १-२ चम्मच पीसी चीनी भी बुरक दीजिये इससे जहा सारी फाकें पानी छोड देगीं वही अचार की रगतं भी साफ़ सुथरी बनी रहे गी अचार चमकीला बनेगा।
५--आम के मीठे अचार में थोडा सा अदरक भी कस कर
मिला दीजिये अचार अधिक पौष्टिक व चटपटा बनेगा।
६--आप के पास चटनी बनाने के लिये यदी कुछ नही है तब भी आप चटनी का मजाले सकते है कोइ भी खट्टा फ़ल जैसे--अलुचा,खट्टासेव,हरी कच्ची ईमली, अनार या रसभरी,लेकर हरी मिर्च,नमक के साथ पीस कर चटनी बना लीजिये अनोखा स्वाद देगी
छोटी छोटी बाते पर बडे काम की
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1 --चाय पार्टी में अगर आप खुब सूरत टॊकरी में तरह तरह के ताजे फल सजा के रखेंगी तो टेबल तो खूबसूरत दिखेगी ही और मेन्यू में फ़लों की ताजगी भी आजाएगी।
2--केले अगर आप ने ज्यादा खालिये है तो आप एक इलायची खा लीजिये जल्दी ही हजम होजाएगा
3--अगर आप सब्जियां छिलकर उबालें तो उसका पानी नही फ़ेकें पानी मे अनेक पोष्टिक तत्व होते है इसे आप दाल या करी मे इस्तेमाल कर सकते है।
4--निम्बू का रस निचोड्ने से पहले यदी उनको कुछ देर तक गरम पानी में रखदे तो दोगुना रस निकलेगा।
5--आलु उबालते समय उसमें थोडा सा नमक भी डाल दीजिये।आलू का छिलका तुरन्त उतर जयेगा।
6--आलू को उबालने से पहले २० मिनट तक ठंडेपानी में रखीये। फ़िर आग पे रखीये इससे आलू बहुत कम समय में ही गल जायेंगे आप अजमाके तो देखीये
7--सेव केला आदि फ़ल काटने के बाद काले पडजाते है अत: उनमे नीम्बू के रस का छिड्काव कर दें तो काले नही पडेगें
छोटी-छोटी बाते बडे काम की
- थोडे से गाढे दही में अगर शहद फ़ेट कर उसे सलाद के उपर डालकर तो देखीये सलाद का मजा ही दुगना हो जायेगा सलाद गुण कारी व पोष्टिक भी हो जायेगी।
- बनाने से पहले यदी साबुत मसुर की दाल को कडाही मे हल्का सा भुन कर फिर बनाइये अधिक सोंधी बनेगी।
- कई बार गर्मी में दोसे का घोल बहुत खट्टा हो जाता है अगर दोसे का घोल ज्यादा खट्टा हो गया है तो--उस में२,३ गिलास पानी दाल कर रख दें १/२ घटें बाद उपर का पानी धीरे से निकाल दें खटास कम होजाएगी।
- इडली बनाने से पहले कभी भी घोल को चलाएं नही रात में ही घोल को बहुत अच्छे से चला कर रखदें इससे इडली बहुत फ़ूली हुई और सोफ़्ट बनेगी। जरा अजमाकर तो देखीये
- हम कई बार तरह- तरह की जानवरो की शकल बनादेते है सलाद में,अब जब भी खाने के लिये सलाद की प्लेट सजायें , तो उसमें किसी जीव जंतु की डिजाइन ना बना कर फ़ुल पत्तियों के डिजाइन बनाएं जीव जतुं का आकार देख कर अक्सर लोगो का मन उसे खाने का नही करता है
- सलाद बनाने से पहले सब्जीयों में को कुछ देर फ़्रीजर मे रखें फिर सलाद काटें आसानी से कटेगा खुबसुरत दिखेगा।
- टमाटर, पपीता, खरबूजा, सेव आदी फ़ल काटते समय उनका जो रस हाथ म पर लग जाता है उसे चेहरे पर व कोहनियों पर मल लें सुखने पर स्नान कर लें त्वचा कमनीय हो जाए
छोटे-छोटे टिप्स 1
सभी रोजमर्रा की समस्याओ को सुलझाने के लिये ही ये छोटे-छोटे टिप्स प्रस्तुत है आशा है कि ये आप के काम को आसान व सुविधाजनक बनाने में मददगार होगें****
***अंडा फ़्राई करते समय घी में थोडा सा सिरका डाल दें इससे घर में जो अंडे कि गंध फ़ैल जाती है वह नही फ़ैलेगी।
***अंडॊ को उबालते समय पानी मे थोडा सा नमक भी डाल दीजिये ईससे अडां फ़ूटेगा नही और आसानी से निकल भी जायेगा।
***आमलेट को अधिक स्पंजी बनाने के लिये नोन स्टिक पैन को आग पर गर्म करेऔर घी डाल दीजिये और फ़ेटे हुए अडें का घोल डाल कर कांटे से और फ़ेटे। सिकते समय ही उसमें हवा अधिक भर जायेगी आमलेट स्पंजी बन जाये जायेगा।
***अगर रसोई का कोई भी बर्तन बहुत अधिक चिकना हो गया है और साफ़ नही हो रहा हो तो बचीहुई चाय की पत्तियों को बर्तन को अच्छी तरह से रगडे फ़िर साबुन से धोलें सारी चिकनाइ दुर हो जाएगी
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