शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2012

जानिए अपर लिप के बालों से कैसे पायें छुटकारा

अप्‍पर लिप के बालों को हटाना काफी दर्दरहित होता है। पर इन्‍हें हटाना भी काफी जरुरी होता है क्‍योंकि इससे चेहरा भद्दा और गंदा लगता है। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू पायों के बारे में बताएगें जिन्‍हें आपको आज़माने में दिक्‍कत भी नहीं आएगी और दर्द भी नहीं होगा। 

घरेलू उपायों से छुपाएं अप्‍पर लिप के बालों को- 

1.अप्‍पर लिप को हटाने का सबसे सरल उपाय है हेयर रिमूवल क्रीम। इसे अपने होंठों के ऊपर लगाएं और थोड़ी देर बाद गीली रुई से साफ कर लें। 

2.दूसरा सरल उपाय है, हल्‍दी पेस्‍ट को लगाना। इस पेस्‍ट को उस स्‍थान पर लगाएं और फिर देखें की बालों का रंग कैसे हल्‍का हो जाता है। यह एक ब्‍लीच के रुप में कार्य करता है। 

3.दही भी एक प्राकृतिक ब्‍लीचिंग एजेंट के रुप में जाना जाता है। दही में पाया जाने वाला एसिड उस स्‍थान के बालों का रंग हल्‍का कर उस स्‍थान को कोमल बना देता है। 

4. हर रात सोने से पहले हल्‍दी और शहद का पेस्‍ट अपने होंठों के ऊपर लगाएं। इससे बालों की ग्रोथ धीरे धीरे कम हो जाएगी। 

5. चुकंदर या गाजर के रस को ताज़ी क्रीम मे मिला कर होंठों के ऊपर मालिश करने से वह स्‍थान गुलाबी हो जाएगा। हर समय चेहरे के बाल निकलवाने से उस स्‍थान पर झुर्रियां पड़ जाती हैं इसलिए कोशिश करें कि घर पर ही बाल निकाल लें।

घर पर कैसे करें बालों को कर्ल

आजकल लड़कियों के लिए रोज नई-नई हेयरस्‍टाइल बनाना मानों जैसे आम बात हो चुकी है। पल में सीधे बाल तो पल में कर्ली। पर क्‍या रोज़ इन हेयरस्‍टाइल को बदलने के चक्‍कर में ब्‍यूटि पार्लर के चक्‍कर लगाना जरुरी है। क्‍या मनपसंद हेयरस्‍टाइल को हम घर में ही नहीं बना सकते। कभी-कभी आपके मन में ऐसे सवाल जरुर उठते होगें। हमने आपको पिछले लेख में बालों को स्‍ट्रेट करने का तरीका बताया था इसलिए आज हम आपको बालों को कर्ली करना भी बताएगें। चलिए जानते हैं कि घर में किस तरह से आप अपने बालों को कर्ली कर सकती हैं। 

बालों को घर में कर्ली करने के टिप्‍स- 

1.अपने बालों को शैम्‍पू करें और उन्‍हें कंघी की मदद से अंदर की ओर ब्‍लो ड्राय करें। अगर कर्ल करने में आपको परेशानी आ रही है तो आप इसके लिए सीरम, बॉबी पिन और हेयर स्‍प्रे भी इस्‍तमाल कर सकती हैं। 

2.आप फोम रोलर खरीद सकती हैं और उससे गीले बालों को ऊपर की ओर मोड़ कर कस के बांध लें। नीचे के बालों के लिए बडे़ रोलर का यूज़ करें और आगे के बालों के लिए छोटे रोलर का यूज़ करें। इसके बाद ब्‍लो ड्राय करें और सावधानी से उन्‍हें निकाल कर क्‍लिप या पिन लगा कर बालों को सेट कर लें। 

3.अगर आपको लचकदार कर्ल बाल चाहिए तो हेयर स्‍ट्रेटनर का इस्‍तमाल करते हुए बालों को वेवी लुक दें। आप इस हेयरस्‍टाइल बिना परेशानी के रोज़ आज़मा सकती हैं। 

4.अगर बाल छोटे हैं तो उन्‍हें ब्‍लो ड्रायर, कंघी और छोटे रोलर की मदद से कर्ल किया जा सकता है। आप चाहें तो पेपर स्‍ट्रिप के इस्‍तमाल से भी यह काम कर सकती हैं। 

5.कोमल बालों के लिए आपको सॉफ्टनर का इस्‍तमाल करना होगा। अमोनिया बेस्‍ड और कठोर शैम्‍पू का प्रयोग बिल्‍कुल न करें अगर आपको अपने कर्ल कोमल और मुलायम बनाने हों तो। 

बालों में मेंहदी के फायदे

बालों की समस्‍या के लिए हिना एक प्राकृतिक उपचार है। सदियों से हमरी दादी-नानी इसके प्रयोग से लाभ उठाती आ रहीं हैं। इसको लगाने के लिए आपको किसी महंगे सलून में जाने की जरुरत नहीं पडे़गी। बल्कि इसको आसानी से घर बैठे ही बालों में लगाया जा सकता है। इसको बालों में लगाने से बाल जड़ से मजबूत बनते हैं और अगर सिर में रुसी है तो वह भी चली जाती है। चालिए जानते हैं इसके और गुणं- 

हिना का चुनाव अपनी जरुरत के हिसाब से करें- 

1.रुसी से मुक्‍ती के लिए- दही में 4 चम्‍मच हिना पाउडर मिलाइये। उसके बाद एक अलग बरतन में चाय की पत्‍तियों को पानी में खौला कर उसका पानी हिना पाउडर में डाल दीजिए। अब इस मिश्रण में नींबू नीचोड कर फ्रिज में पूरी रातभर रहने दीजिए। इसके बाद इस मिश्रण को तेल लगे हुए बालों में लगाइये और एक घंटे बाद बालों को धो लीजिए। 

2. बालों में रंग चढ़ाने के लिए- एक कटोरे में चार चम्‍मच हिना पाउडर डाल कर उसमें कॉफी पाउडर मिलाएं। इसमें पानी मिलाएं और रात भर ऐसे ही रहने दें। सुबह अपने बिना शैंपू लगे हुए बालों पर इसको लगा लें। इसको 1 घंटे तक के लिए अपने सिर पर लगाए रखें और फिर सादे पानी से धो लें। उसी रात अपने बालों पर तेल लगा लें और दूसरे दिन अपने बालों को शैंपू से धो लें। इससे आपके बालों में रंग चढ़ जाएगा और वह खूबसूरत भी लगने लगेगें। 

3. मुलायम सिल्‍की बालों के लिए- दो अंडे तोड़ कर हिना पाउडर में मिलाएं। थोड़ा सा पानी डाल कर इसे पेस्‍ट बना कर तुरंत लगा लें और एक घंटे बाद इसे शैंपू से धो लें। बालों को शैंपू से ही धोना चाहिए वरना अंडे की बदबू आपको पेरशान कर देगी।

प्राकृतिक चिकित्‍सा: स्‍वस्‍थ रहने का विज्ञान

स्‍वास्‍थ्‍य को जीवन की एक बहुत महत्‍वपूर्ण निधी माना जाता है। स्‍वास्‍थ्‍य एंव रोग के विषय में प्राकृतिक चिकित्‍सा के अपने कुछ मौलिक सिद्धांत हैं, जिसके उल्‍लंघन पर तमाम रोग होते हैं। हमारे आस पास यानी की हमारी प्राकृति में ही इतनी अनमोल चीज़े छुपी हुई हैं कि अगर हम उनको अपने सेहत को सुधारने के लिए प्रयोग करेगें तो हम हमेशा ही मुस्‍कुराता हुआ जीवन जीएगें। चलिए जानते हैं कि प्रकृति में ऐसी कौन सी चीजे हैं जिनसे हमें लाभ मिल सकता है। 

1.संतुलित खान-पान: स्‍वस्‍थ रहने के इन तरीको को में से सबसे पहला स्‍थान संतुलित खान पान का है। ताजे फल और हरी पत्‍तेदार सब्जियां व अंकुरित अन्‍न इस दृष्ति से सर्वाधिक उपयुक्‍त है। ये आहार स्‍वास्‍थ्‍य को उन्‍नत करने के साथ साथ रोगों से दूर रखते हैं। 

2.मिट्टी से उपचार: शरीर पर तरह तरह की मिट्टियों का लेप लगाने से लाभ होता है। हमारे शरीर को शीतलता देने के लिए मिट्टी का प्रयोग किया जाता है। यह शरीर के दूषित पदार्थ को घोल कर एंव अवशोषित कर पूरे शरीर से बाहर निकाल देती है। 

3.पानी से उपचार: स्‍वस्‍छ, ताजे एवं शीतल जल से अच्‍छी तरह से स्‍नान करना जल चिकित्‍सा का एक बढियां रुप है। इससे शरीर के सभी रंद्र खुल जाते हैं, यही नहीं शरीर में हल्‍कापन और स्‍फूर्ती भी आती है। 

4.उपवास भी है फायदेमंद: उपवास को प्राचीन समय से स्‍वस्‍थ्‍य रहने का उत्‍तम साधन माना जाता है। उपवास पाचन प्रणाली को विश्राम देने की प्रक्रिया में खर्च होने वाली ऊर्जा, शरीर से बीमारियों को बाहर निकालने में लग जाती है, यही उपवास का उद्देश्‍य भी है। अगर आपको स्‍वस्‍थ्‍य रहना है तो हफ्ते में एक दिन जरुर उपवास करें। 

5.मालिश भी है जरुरी: मालिश भी स्‍वस्‍थ रहने के लिए आवश्‍यक है, इसका प्रयोग अंग प्रत्‍यंगों को पुष्‍ट करने हुए शरीर के रक्‍त संचार को उन्‍नत करने में होता है। मालिश से शरीर निरोगे रहता है और स्‍फूर्ति बनी रहती है।

कैसी भी हो खांसी, बंद हो जाएगी कालीमिर्च के कुछ दानों को ऐसे चबाने से...

काली मिर्च को मसाले के रूप में पुराने समय से ही उपयोग में लाया जाता है। पिसी काली मिर्च सलाद, कटे फल या दाल शाक पर बुरक कर उपयोग में ली जाती है। इसका उपयोग घरेलु इलाज में भी किया जा सकता है।आज हम आपको बताने जा रहे हैं कालीमिर्च के कुछ ऐसे ही रामबाण प्रयोग।

- काली मिर्च 20 ग्राम, सोंठ पीपल, जीरा व सेंधा नमक सब 10-10 ग्राम मात्रा में पीस कर मिला लें। भोजन के बाद आधा चम्मच चूर्ण थोड़े से जल के साथ फांकने से मंदाग्रि दूर हो जाती है। 



- चार-पांच दाने कालीमिर्च के साथ 15 दाने किशमिश चबाने से खांसी में लाभ होता है।



- कालीमिर्च सभी प्रकार के संक्रमण में लाभ देती है। 



- यदि आपका ब्लड प्रेशर लो रहता है, तो दिन में दो-तीन बार पांच दाने कालीमिर्च के साथ 21 दाने किशमिश का सेवन करे। 

- त्वचा पर कहीं भी फुंसी उठने पर, काली मिर्च पानी के साथ पत्थर पर घिस कर अनामिका अंगुली से सिर्फ फुंसी पर लगाने से फुंसी बैठ जाती है। 



- काली मिर्च को सुई से छेद कर दीये की लौ से जलाएं। जब धुआं उठे तो इस धुएं को नाक से अंदर खीच लें। इस प्रयोग से सिर दर्द ठीक हो जाता है। हिचकी चलना भी बंद हो जाती है। 



- काली मिर्च 20 ग्राम, जीरा 10 ग्राम और शक्कर या मिश्री 15 ग्राम कूट पीस कर मिला लें। इसे सुबह शाम पानी के साथ फांक लें। बावासीर रोग में लाभ होता है। 



- शहद में पिसी काली मिर्च मिलाकर दिन में तीन बार चाटने से खांसी बंद हो जाती है। 



- आधा चम्मच पिसी काली मिर्च थोड़े से घी के साथ मिला कर रोजाना सुबह-शाम नियमित खाने से नेत्र ज्योति बढ़ती है। 

बादाम की इस अनजानी खूबी को जानकर आप बोल उठेंगे...ओह!



अगर आप डायबिटीज से परेशान है तो यह खबर आपके लिए खुशखबर है कि अपने प्रतिदिन के नाश्ते में बादाम को भी शामिल करें। अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिसिन तथा पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि बादाम खाने में से हानि कारण कोलेस्ट्रॉल का स्तर घटता है साथ ही इंसुलिन को सक्रिय करता है। इससे ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है।



 भारत में इस बीमारी से हैरान-परेशान लोगों की संख्या दिनो-दिन बढ़ती ही जा रही है। आंकड़े तो बताते हैं कि अकेले भारत देश में ही डायबिटीज से ग्रसित लोगों की संख्या 5 करोड़ के स्तर को पार कर चुकी है।



बादाम डायबिटीज में फायदेमंद है यह बात तो हालिया शोध से पता चली है लेकिन इसके दूसरे कई चमत्कारी गुणों के विषय में तो अधिकांश भारतवासी परिचित हैं ही। कमजोर स्मरण शक्ति, मानसिक तनाव, स्नायुदौर्बल्य, हड्डियों की कमजोरी, बौद्धिक क्षमता की कमी...आदि कई बेहद कठिन समस्याओं में भी बादाम का प्रयोग बहुत ही फायदेमंद है।

गुरुवार, 9 फ़रवरी 2012

ब्‍लीच की जलन से पाएं मुक्‍ती

त्‍वचा काली पड़ जाने पर अक्‍सर आपकी ब्‍यूटीशियन आपको ब्‍लीच करवाने की सलाह देती होगी। पर इसके प्रयोग से त्‍वचा में जलन, लाल चकत्‍ते तथा खुजली मचना आम बात है।ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि ब्‍लीच में मौजूद कठोर रसायन त्‍वचा के लिए बिल्‍कुल भी अच्‍छे नहीं होते। चलिए आज बात करते हैं ब्‍लीच की जलन से आखिर मुक्‍ती कैसे पाई जाए। 

ब्‍लीच की जलन को इस तरह कम करें- 

1.जब भी आप ब्‍लीच करवा कर आईं हो तो अपना मुंह ताज़े पानी से धोएं। यह जलन को धीरे धीरे कम कर देगा। और ध्‍यान रखे की उस दिन कभी भी साबुन या लोशन का प्रयोग न करें। 

2.त्‍वचा पर जलन को कम करने के लिए उस पर बर्फ से मसाज करें इससे जलन कम हो जाएगी। आप चाहें तो एलो वेरा जेल को आइस्‍क्‍यूब ट्रे में जमा कर उससे मसाज करें। 

3.कभी भी ब्‍लीच करवाने के बाद सूरज की रौशनी में सीधे नहीं आना चाहिए वरना त्‍वचा मे जलन और खुजली बढ़ सकती है। इससे त्‍वचा और खराब हो सकती है। आपको ठंडे दूध में रुई भिगों कर अपने चेहरे को साफ करना चाहिए इससे राहत मिलती है। 

4.अपने चेहरे को नारियल पानी से धोएं क्‍योंकि यह एक प्राकृतिक ब्‍लीच बर्न उपचार है। इसका पानी चेहरे पर पड़े लाल दाग को तुरंत ठीक करता है। 

5.अगर आपको अपनी त्‍वचा अंदर से साफ और हाइड्रेटे रखनी है तो पर्याप्‍त कद्दू का जूस या फिर खीरे का जूस पीएं। इन उपायों को आज़माने के बाद आपकी त्‍वचा में कोई परेशानी नहीं आएगी। 

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