शुक्रवार, 6 मई 2011

Bimari 2

गाँठ

शरीर में कहीं गठान हो तो प्रारम्भिक स्थिति में तो गाँठ बैठ जाती है और बढ़ी हुई स्थिति में पककर फूट जाती है।



अतिसार में

दूध को नाभि में भरकर थोड़ी देर लेटने से अतिसार में आराम होता है।



चोट-मोच और गठिया रोग में

चोट-मोच और गठिया रोग में सूजन पर इसके दूध का लेप करने से आराम मिलता है। यह सूजन को बढ़ने से रोकता है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Featured post

बीमारी क्यों आती है?

 हर वस्तु, हर विचार, हर #व्यापार, हर #रिश्ता – सब कुछ #पंचतत्व से बना है। नाम बदले, रूप बदले, स्वाद बदले – लेकिन #तत्व नहीं बदलता। चावल व...