गुरुवार, 20 नवंबर 2025

हर तिथि के अलग-अलग “मुख्य सूत्र + Remedies + Personality

 

(Pratipada)

मुख्य सूत्र:

“नई शुरुआत तब ही सफल जब दिमाग साफ़ और Ego कम हो।”

Personality:

  • जल्दी उत्साहित, जल्दी थकान

  • नए काम शुरू करने में माहिर

  • छोटी-सी बात से भी रास्ता बदल लेते हैं

  • मूड बहुत जल्दी बदलता है

Remedies:

  • सुबह जल चढ़ाएँ

  • 10 मिनट शांति में बैठें — “What is my priority?” पूछें

  • ब्राह्मण या गाय को सादा खाना दें


⭐ २. द्वितीया (Dwitiya)

मुख्य सूत्र:

“सहयोग में शक्ति है — अकेले मत चलो।”

Personality:

  • बेहद Adjustable

  • रिश्तों को बहुत महत्व देते

  • दूसरों की Problem अपने ऊपर ले लेते हैं

Remedies:

  • एक लाल/पीला फूल जल में बहाएँ

  • 1 व्यक्ति की मदद बिना शर्त करें


⭐ ३. तृतीया (Tritiya)

मुख्य सूत्र:

“कर्म आपकी पहचान बनाता है।”

Personality:

  • Creative mind

  • हाथों का काम, कला, डिज़ाइन, लिखावट मजबूत

  • बेचैनी बहुत

Remedies:

  • माँ दुर्गा को लाल सिंदूर या लाल चावल अर्पित करें

  • दिन की शुरुआत 3-minute Breath Control exercise


⭐ ४. चतुर्थी (Chaturthi)

मुख्य सूत्र:

“अड़चनें भेजी जाती हैं ताकि आपकी इच्छा-परीक्षा हो सके।”

Personality:

  • Strong will

  • पर गुस्सा और stubbornness भी

  • मेहनत करवाकर फल देती है

Remedies:

  • गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ

  • पिता/बॉस के साथ बहस न करें


⭐ ५. पंचमी (Panchami)

मुख्य सूत्र:

“ज्ञान को पचाना सीखो, न कि सिर्फ़ इकट्ठा करना।”

Personality:

  • बहुत तेज़ दिमाग

  • सोचना–सोचना–ओवरथिंक करना

  • निर्णय में delay

Remedies:

  • नाग देवता को कच्चा दूध अर्पित

  • सोमवार/शुक्रवार को सफ़ेद वस्त्र पहनें


⭐ ६. षष्ठी (Shashthi)

मुख्य सूत्र:

“Discipline = सफलता”

Personality:

  • Perfect planner

  • Health conscious

  • Doubt ज़्यादा करते हैं

Remedies:

  • छोटी कन्या को भोजन कराएँ

  • रोज़ 15 मिनट सूरज की रोशनी लें


⭐ ७. सप्तमी (Saptami)

मुख्य सूत्र:

“Self-confidence ही आपकी Life-force है।”

Personality:

  • Leadership

  • Royal attitude

  • Ego hurt होने पर निराश हो जाते हैं

Remedies:

  • सूर्य को जल

  • पिता/Teacher को Respect


⭐ ८. अष्टमी (Ashtami)

मुख्य सूत्र:

“अंदर का युद्ध जीतोगे तो बाहर सब आसान।”

Personality:

  • Intense

  • Deep thinker

  • Hidden anger

  • Occult/medicine inclination

Remedies:

  • देवी को काले तिल

  • अन्नदान


⭐ ९. नवमी (Navami)

मुख्य सूत्र:

“इसके भीतर दिव्यता है — इसका संरक्षण करें।”

Personality:

  • Spiritual

  • Pure heart

  • Justice-oriented

Remedies:

  • माता को लाल फल

  • किसी जरूरतमंद को चप्पल/जूते दान


⭐ १०. दशमी (Dashami)

मुख्य सूत्र:

“Authority संभालना सीखो — इससे भागो मत।”

Personality:

  • Administrative skills

  • Organized

  • सबको चलाने की क्षमता

Remedies:

  • पीपल को जल

  • Official papers/works को मंगल–शनि के दिन avoid करें


⭐ ११. एकादशी (Ekadashi)

मुख्य सूत्र:

“Mind purification = Life purification।”

Personality:

  • Highly intuitive

  • Less attachment

  • बहुत Spiritual growth capability

Remedies:

  • एकादशी व्रत

  • ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’


⭐ १२. द्वादशी (Dwadashi)

मुख्य सूत्र:

“Balance is your superpower.”

Personality:

  • Calm

  • Harmonizer

  • Family-oriented

  • Laziness possible

Remedies:

  • तुलसी जल

  • घर में शांति बनाए रखें


⭐ १३. त्रयोदशी (Trayodashi)

मुख्य सूत्र:

“RESET — आत्मा का असली संदेश याद कर।”

Personality:

  • Extremely difficult to influence

  • Truth-reminder

  • Cut-through illusions

  • Shiva-energy inside

Remedies:

  • जलाभिषेक

  • “ॐ नमः शिवाय”

  • समय बर्बाद करने वालों से दूरी


⭐ १४. चतुर्दशी (Chaturdashi)

मुख्य सूत्र:

“अपने भय को खत्म करो — असली शक्ति वहीं छिपी है।”

Personality:

  • Fearless

  • Sharp mind

  • Quick success–quick fall possibility

Remedies:

  • रुद्राभिषेक

  • घर की सफ़ाई → Negative energy release


⭐ १५. पूर्णिमा/अमावस्या

पूर्णिमा (Purnima)

मुख्य सूत्र:

“दिल–दिमाग दोनों पूरे खुले रहते हैं।”

Personality:

  • Emotional

  • Creative

  • Compassionate

Remedies:

  • चंद्र जल

  • दूध–चावल दान


अमावस्या (Amavasya)

मुख्य सूत्र:

“Darkness = inner cleansing.”

Personality:

  • Deep psychic nature

  • Sensitive

  • अचानक परिवर्तन

Remedies:

  • पितरों को जल

  • दीपदान


⭐ यह 15 तिथियाँ अब वापस उल्टी दिशा में कृष्ण पक्ष की बनकर 30 पूरी होती हैं

कृष्ण पक्ष = शुद्धिकरण, अवरोध हटाना
शुक्ल पक्ष = निर्माण, विकास

कृष्ण पक्ष का गुण वही रहता है, बस दिशा उलटी हो जाती है।

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