अगर कोई कहे कि ताली बजाओ और तमात बीमारियों ससुरक्षित हो जाओ, तो शायद किसी को यकीन न हो, लेकिन यह कोई सुखद कल्पना नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक सत्य है।
खुखी का इजहार करने के लिये इंसान के पास कई तरीके होते हैं। हंसना, नाच-कूद करना, मुस्कुराना या हिप-हिप हुर्रे जैसी कोई आवाज निकालना। लेकिन एक तरीका ऐसा भी है, जो आपकी खुशी को बढ़ाने के साथ-साथ आपको सेहत को भी दुरुस्त करता है। यह तरीका है- ताली बजाने का।
हम जब खुश होते हैं तो ताली बजाते हैं लेकिन ताली मात्र खुशी का इजहार करने के लिए नहीं बजायी जाती बल्कि यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत बनाता है। इस तरह से आपका शरीर एक प्रकार के सुरक्षा कवच में आ जाता है, जिस कारण बीमारियां आप तक पहुंच ही नहीं पातीं।
जब आप अपनी दोनों हथेलियों को जोर-से एक-दूसरे पर मारते हैं। इस दौरान हाथों के सारे बिंदु दब जाते हैं और धीरे-धीरे शरीर में व्याप्त रोगों का सुधार होता है। लगातार ताली बजाने से शरीर के श्वेत रक्त कण मजबूत होते है, जिसके परिणामस्वरूप मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता की वृद्धि होती है।
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