सभी 12 लग्नों के लिए
👉 Bādhakeś (बाधकेश) कौन-सा भाव है
👉 वह भाव किस राशि में आता है
👉 कौन-सा ग्रह बाधकेश बनता है
यह शुद्ध पाराशरी नियम (Bādhaka Sthāna सिद्धांत) पर आधारित है —
यही नियम आपके PDF / Word डॉक्यूमेंट की नींव है।
🔱 BĀDHAKESH NIRNAY KA MŪL SŪTRA
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चर लग्न (मेष, कर्क, तुला, मकर) → 11वाँ भाव बाधक
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स्थिर लग्न (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) → 9वाँ भाव बाधक
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द्विस्वभाव लग्न (मिथुन, कन्या, धनु, मीन) → 7वाँ भाव बाधक
अब इसी सूत्र से पूरा टेबल देखें 👇
🌟 सभी लग्नों के लिए बाधकेश भाव, राशि और ग्रह
| लग्न | लग्न का स्वभाव | बाधक भाव | बाधक राशि | बाधकेश ग्रह |
|---|---|---|---|---|
| मेष | चर | 11वाँ | कुंभ | शनि |
| वृषभ | स्थिर | 9वाँ | मकर | शनि |
| मिथुन | द्विस्वभाव | 7वाँ | धनु | गुरु |
| कर्क | चर | 11वाँ | वृषभ | शुक्र |
| सिंह | स्थिर | 9वाँ | मेष | मंगल |
| कन्या | द्विस्वभाव | 7वाँ | मीन | गुरु |
| तुला | चर | 11वाँ | सिंह | सूर्य |
| वृश्चिक | स्थिर | 9वाँ | कर्क | चंद्र |
| धनु | द्विस्वभाव | 7वाँ | मिथुन | बुध |
| मकर | चर | 11वाँ | वृश्चिक | मंगल |
| कुंभ | स्थिर | 9वाँ | तुला | शुक्र |
| मीन | द्विस्वभाव | 7वाँ | कन्या | बुध |
🧠 इसे कैसे समझें (बहुत सरल भाषा में)
🔸 बाधकेश क्या करता है?
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वही ग्रह अचानक रुकावट,
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काम बनते-बनते बिगड़ना,
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देरी, धोखा, मानसिक या संबंधों की बाधा
देता है — अगर वह पीड़ित (afflicted) हो।
🔸 बाधकेश हमेशा बुरा नहीं होता
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अगर बाधकेश शुभ हो / मजबूत हो →
वही ग्रह रक्षा कवच भी बन जाता है।
🔑 एक बहुत ज़रूरी नियम
बाधा वहीं से आती है जहाँ हम अटकते हैं —
और मुक्ति भी वहीं से मिलती है।
इसलिए:
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बाधकेश को समझना,
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उसे दुश्मन नहीं, शिक्षक मानना,
यही Bādhaka System का सार है।
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