सूत्र 1 — स्वास्थ्य जानने का सबसे स्वतंत्र और सटीक तरीका “Avasthā” है
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कुंडली में स्वास्थ्य, रोग, शारीरिक दोष को समझने के कई तरीके हैं।
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परंतु Avasthā (Sayana, Upavesana, Netrapani… कुल 12) स्वास्थ्य का सबसे स्वतंत्र और सबसे सटीक तरीका है।
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क्योंकि Avasthā अन्य योगों की तरह "दूसरे नियमों पर निर्भर" नहीं रहती।
👉 अर्थ:
Avasthā = ग्रह उस समय किस “शारीरिक/मानसिक अवस्था” में है → वही तय करता है कि कौन-सा रोग होगा।
🔱 सूत्र 2 — सबसे कम मिलने वाला योग सबसे ज़्यादा प्रभावी होता है
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जब किसी ग्रह की Avasthā एक दुर्लभ स्थिति में पड़ती है → प्रभाव ज़ोरदार होता है।
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सामान्य योग → प्रभाव बहुत हल्का होता है।
👉 अर्थ:
Avasthā rare है → इसलिए health prediction ज़्यादा sharp देता है।
🔱 सूत्र 3 — प्रत्येक ग्रह के लिए Avasthā निकालने की एक निश्चित गणितीय विधि है
Avasthā निकालने के लिए 6 बातें नोट करनी होती हैं:
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ग्रह जिस नक्षत्र में है → उसका क्रमांक
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ग्रह सूर्य से कौन-से क्रम में है
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ग्रह का नवांश — पहला, दूसरा, तीसरा…
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जन्म नक्षत्र (चंद्रमा का नक्षत्र) का क्रमांक
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सूर्योदय से जन्म तक कितने घटी
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लग्न का क्रमांक (मेष=1, वृषभ=2…)
👉 सबको फॉर्मूला में डालें:
[(a × b × c) + (d + e + f)] ÷ 12
→ जो शेष (remainder) आए
→ वही ग्रह की Avasthā
🔱 सूत्र 4 — 12 Avasthā = 12 शारीरिक/मानसिक अवस्थाएँ
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Sayana — शरीर गिरेगा / बीमारी देगा
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Upavesana — chronic problem
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Netrapani — आंख/सिर की समस्या
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Prakasana — जलन/त्वचा/rectum
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Gamana — सिर, joints
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Aagamana — खून/आंत
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Sabha — nervous
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Aagama — पानी, swelling
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Bhojana — food-related
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Nrityalipsa — strong health
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Kautuka — curiosity / mild
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Nidra — weakness, piles
(सटीक रोग तो ग्रह-वार नीचे दिए गए सूत्रों से तय होते हैं।)
🔱 सूत्र 5 — ग्रह जिस Avasthā में हो, वही रोग देता है
पुस्तक ने स्पष्ट लिखा है:
✔ स्वास्थ्य में Avasthā सबसे accurate संकेत देती है
✔ ग्रह की ताक़त, दिग्निटी, दृष्टि देखकर intensity तय करें
उदाहरण:
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Sun + Sayana → liver, heart
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Moon + Netrapani → आंख
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Mars + Agamana → piles
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Saturn + Upavesana → arthritis
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Rahu + Netrapani → head injury
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Ketu + Netrapani → tooth + spine
⭐ CHAPTER 12 — प्रयोग विधि (step-by-step)
(100% आपकी पुस्तक के अनुसार — बिना कुछ जोड़े)
🧮 STEP 1 — 9 ग्रहों की Avasthā निकालें
ऊपर दिए गए 6 factors लिखें
फॉर्मूला लगाएँ
12 से भाग देकर remainder लें
→ वही Avasthā नंबर
🔍 STEP 2 — Avasthā का सीधा स्वास्थ्य अर्थ देखें
उदाहरण:
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Moon in “Upavesana” → दाँत
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Saturn in “Nidra” → lifelong disease
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Rahu in “Netrapani” → head injury
🩺 STEP 3 — Avasthā को राशि + भाव + दृष्टि से cross-check करें
उदाहरण:
Moon + Netrapani
→ अगर मकर/कुंभ में है → eyesight बहुत खराब
→ अगर चल राशि में है → बीमारी जल्दी ठीक
🔱 STEP 4 — गंभीरता (severity) तय करें
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ग्रह exalted हो → रोग mild
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debilitated हो → रोग तेज
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6, 8, 12 में हो → chronic
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malefic दृष्टि पड़े → बढ़ेगा
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benefic दृष्टि पड़े → घटेगा
🎯 STEP 5 — उम्र निकालें (planetary periods से)
उस ग्रह की दशा/अंतर/प्रतिदशा में ही
Avasthā वाले रोग प्रकट होते हैं।
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