गुरुवार, 4 दिसंबर 2025

स्वास्थ्य जानने का सबसे स्वतंत्र और सटीक तरीका

 

सूत्र 1 — स्वास्थ्य जानने का सबसे स्वतंत्र और सटीक तरीका “Avasthā” है

  • कुंडली में स्वास्थ्य, रोग, शारीरिक दोष को समझने के कई तरीके हैं।

  • परंतु Avasthā (Sayana, Upavesana, Netrapani… कुल 12) स्वास्थ्य का सबसे स्वतंत्र और सबसे सटीक तरीका है।

  • क्योंकि Avasthā अन्य योगों की तरह "दूसरे नियमों पर निर्भर" नहीं रहती।

👉 अर्थ:
Avasthā = ग्रह उस समय किस “शारीरिक/मानसिक अवस्था” में है → वही तय करता है कि कौन-सा रोग होगा।


🔱 सूत्र 2 — सबसे कम मिलने वाला योग सबसे ज़्यादा प्रभावी होता है

  • जब किसी ग्रह की Avasthā एक दुर्लभ स्थिति में पड़ती है → प्रभाव ज़ोरदार होता है।

  • सामान्य योग → प्रभाव बहुत हल्का होता है।

👉 अर्थ:
Avasthā rare है → इसलिए health prediction ज़्यादा sharp देता है।


🔱 सूत्र 3 — प्रत्येक ग्रह के लिए Avasthā निकालने की एक निश्चित गणितीय विधि है

Avasthā निकालने के लिए 6 बातें नोट करनी होती हैं:

  1. ग्रह जिस नक्षत्र में है → उसका क्रमांक

  2. ग्रह सूर्य से कौन-से क्रम में है

  3. ग्रह का नवांश — पहला, दूसरा, तीसरा…

  4. जन्म नक्षत्र (चंद्रमा का नक्षत्र) का क्रमांक

  5. सूर्योदय से जन्म तक कितने घटी

  6. लग्न का क्रमांक (मेष=1, वृषभ=2…)

👉 सबको फॉर्मूला में डालें:

[(a × b × c) + (d + e + f)] ÷ 12

→ जो शेष (remainder) आए
→ वही ग्रह की Avasthā


🔱 सूत्र 4 — 12 Avasthā = 12 शारीरिक/मानसिक अवस्थाएँ

  1. Sayana — शरीर गिरेगा / बीमारी देगा

  2. Upavesana — chronic problem

  3. Netrapani — आंख/सिर की समस्या

  4. Prakasana — जलन/त्वचा/rectum

  5. Gamana — सिर, joints

  6. Aagamana — खून/आंत

  7. Sabha — nervous

  8. Aagama — पानी, swelling

  9. Bhojana — food-related

  10. Nrityalipsa — strong health

  11. Kautuka — curiosity / mild

  12. Nidra — weakness, piles

(सटीक रोग तो ग्रह-वार नीचे दिए गए सूत्रों से तय होते हैं।)


🔱 सूत्र 5 — ग्रह जिस Avasthā में हो, वही रोग देता है

पुस्तक ने स्पष्ट लिखा है:

✔ स्वास्थ्य में Avasthā सबसे accurate संकेत देती है

✔ ग्रह की ताक़त, दिग्निटी, दृष्टि देखकर intensity तय करें

उदाहरण:

  • Sun + Sayana → liver, heart

  • Moon + Netrapani → आंख

  • Mars + Agamana → piles

  • Saturn + Upavesana → arthritis

  • Rahu + Netrapani → head injury

  • Ketu + Netrapani → tooth + spine


CHAPTER 12 — प्रयोग विधि (step-by-step)

(100% आपकी पुस्तक के अनुसार — बिना कुछ जोड़े)


🧮 STEP 1 — 9 ग्रहों की Avasthā निकालें

ऊपर दिए गए 6 factors लिखें
फॉर्मूला लगाएँ
12 से भाग देकर remainder लें
→ वही Avasthā नंबर


🔍 STEP 2 — Avasthā का सीधा स्वास्थ्य अर्थ देखें

उदाहरण:

  • Moon in “Upavesana” → दाँत

  • Saturn in “Nidra” → lifelong disease

  • Rahu in “Netrapani” → head injury


🩺 STEP 3 — Avasthā को राशि + भाव + दृष्टि से cross-check करें

उदाहरण:
Moon + Netrapani
→ अगर मकर/कुंभ में है → eyesight बहुत खराब
→ अगर चल राशि में है → बीमारी जल्दी ठीक


🔱 STEP 4 — गंभीरता (severity) तय करें

  • ग्रह exalted हो → रोग mild

  • debilitated हो → रोग तेज

  • 6, 8, 12 में हो → chronic

  • malefic दृष्टि पड़े → बढ़ेगा

  • benefic दृष्टि पड़े → घटेगा


🎯 STEP 5 — उम्र निकालें (planetary periods से)

उस ग्रह की दशा/अंतर/प्रतिदशा में ही
Avasthā वाले रोग प्रकट होते हैं।

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