शुक्रवार, 12 दिसंबर 2025

27 नक्षत्र → 4th नक्षत्र → Tree Based Remedy

 

अश्विनी (1) → 2 → 3 → 4 → भरणी → कृत्तिका → रोहिणी → → 4th = (अश्विनी +3) = मृगशिरा

इसी तरह सभी के लिए 4th दिया है।


1) अश्विनी → 4th = मृगशिरा

Tree: खदिर (Acacia)
➡ Remedy: खदिर या बबूल का छोटा टुकड़ा पर्स में रखें।


2) भरणी → 4th = आर्द्रा

Tree: खैर
➡ Remedy: खैर या बबूल की लकड़ी का छोटा टुकड़ा घर में उत्तर में रखें।


3) कृत्तिका → 4th = पुनर्वसु

Tree: बांस (Bamboo)
➡ Remedy: घर में एक छोटा बांस का पौधा/टुकड़ा रखें।


4) रोहिणी → 4th = पुष्य

Tree: पीपल
➡ Remedy: पीपल की 1 सूखी पत्ती किताब में रखें।


5) मृगशिरा → 4th = आश्लेषा

Tree: नागकेसर
➡ Remedy: नागकेसर का एक दाना साथ रखें।


6) आर्द्रा → 4th = मघा

Tree: वाट (बरगद)
➡ Remedy: बरगद की जटा (हवाई जड़) का धागा रखें।


7) पुनर्वसु → 4th = पूर्वाफाल्गुनी

Tree: पलाश
➡ Remedy: पलाश का फूल/सूखी पत्ती पुस्तक में रखें।


8) पुष्य → 4th = उत्तराफाल्गुनी

Tree: अरंडी (Castor)
➡ Remedy: अरंडी का बीज पर्स में रखें।


9) आश्लेषा → 4th = हस्त

Tree: आम (Mango)
➡ Remedy: आम की सूखी पत्ती रखें।


10) मघा → 4th = चित्रा

Tree: कैत (Gmelina / Gambhari)
➡ Remedy: गैंभारी/कैत की लकड़ी का छोटा टुकड़ा रखें।


11) पूर्वाफाल्गुनी → 4th = स्वाति

Tree: अरजुन
➡ Remedy: अरजुन की छाल का छोटा टुकड़ा।


12) उत्तराफाल्गुनी → 4th = विशाखा

Tree: कपास
➡ Remedy: कपास का रुई का छोटा गोला साथ रखें।


13) हस्त → 4th = अनुराधा

Tree: जामुन
➡ Remedy: जामुन का बीज सुखाकर रखें।


14) चित्रा → 4th = ज्येष्ठा

Tree: बेल (Bael)
➡ Remedy: बेल का पत्ता/फूल पूजा स्थान पर रखें।


15) स्वाति → 4th = मूल

Tree: सौंफ (Fennel Plant)
➡ Remedy: सौंफ की थोड़ी मात्रा प्रतिदिन रखें/खाएँ।


16) विशाखा → 4th = पूर्वाषाढ़ा

Tree: मनसा/ओड़िया बेल
➡ Remedy: उसकी लकड़ी/पत्ती का छोटा टुकड़ा रखें।


17) अनुराधा → 4th = उत्तराषाढ़ा

Tree: कठफला (Nutmeg/Jaiphal tree)
➡ Remedy: जायफल साथ रखें या सुंघें।


18) ज्येष्ठा → 4th = श्रवण

Tree: आक (Madar)
➡ Remedy: आक की सूखी पत्ती घर के बाहर रखें (भीतर नहीं)।


19) मूल → 4th = धनिष्ठा

Tree: कुसुम (Ceylon olive)
➡ Remedy: कुसुम की सूखी पत्ती/फूल।


20) पूर्वाषाढ़ा → 4th = शतभिषा

Tree: अशोक
➡ Remedy: अशोक की पत्ती को पास रखें।


21) उत्तराषाढ़ा → 4th = पूर्वाभाद्रपद

Tree: जामुन (same family)
➡ Remedy: जामुन की छाल/बीज रखें।


22) श्रवण → 4th = उत्तराभाद्रपद

Tree: आक/पंड्या
➡ Remedy: आक की जड़ (बहुत छोटी) बाहर रखें।


23) धनिष्ठा → 4th = रेवती

Tree: खैर
➡ Remedy: खैर/बबूल की लकड़ी रखें।


24) शतभिषा → 4th = अश्विनी

Tree: तुलसी (Ashwini Tree symbolically Tulsi)
➡ Remedy: तुलसी का पत्ता जल में डालकर पिएँ।


25) पूर्वाभाद्रपद → 4th = भरणी

Tree: आंवला
➡ Remedy: आंवला/आंवला पत्ती रखें।


26) उत्तराभाद्रपद → 4th = कृत्तिका

Tree: पीपल (symbolic for Kritika fire purification)
➡ Remedy: पीपल की एक सूखी पत्ती।


27) रेवती → 4th = रोहिणी

Tree: जामुन
➡ Remedy: जामुन का बीज या सूखा पत्ता रखें।

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