अश्विनी (1) → 2 → 3 → 4 → भरणी → कृत्तिका → रोहिणी → → 4th = (अश्विनी +3) = मृगशिरा
इसी तरह सभी के लिए 4th दिया है।
1) अश्विनी → 4th = मृगशिरा
Tree: खदिर (Acacia)
➡ Remedy: खदिर या बबूल का छोटा टुकड़ा पर्स में रखें।
2) भरणी → 4th = आर्द्रा
Tree: खैर
➡ Remedy: खैर या बबूल की लकड़ी का छोटा टुकड़ा घर में उत्तर में रखें।
3) कृत्तिका → 4th = पुनर्वसु
Tree: बांस (Bamboo)
➡ Remedy: घर में एक छोटा बांस का पौधा/टुकड़ा रखें।
4) रोहिणी → 4th = पुष्य
Tree: पीपल
➡ Remedy: पीपल की 1 सूखी पत्ती किताब में रखें।
5) मृगशिरा → 4th = आश्लेषा
Tree: नागकेसर
➡ Remedy: नागकेसर का एक दाना साथ रखें।
6) आर्द्रा → 4th = मघा
Tree: वाट (बरगद)
➡ Remedy: बरगद की जटा (हवाई जड़) का धागा रखें।
7) पुनर्वसु → 4th = पूर्वाफाल्गुनी
Tree: पलाश
➡ Remedy: पलाश का फूल/सूखी पत्ती पुस्तक में रखें।
8) पुष्य → 4th = उत्तराफाल्गुनी
Tree: अरंडी (Castor)
➡ Remedy: अरंडी का बीज पर्स में रखें।
9) आश्लेषा → 4th = हस्त
Tree: आम (Mango)
➡ Remedy: आम की सूखी पत्ती रखें।
10) मघा → 4th = चित्रा
Tree: कैत (Gmelina / Gambhari)
➡ Remedy: गैंभारी/कैत की लकड़ी का छोटा टुकड़ा रखें।
11) पूर्वाफाल्गुनी → 4th = स्वाति
Tree: अरजुन
➡ Remedy: अरजुन की छाल का छोटा टुकड़ा।
12) उत्तराफाल्गुनी → 4th = विशाखा
Tree: कपास
➡ Remedy: कपास का रुई का छोटा गोला साथ रखें।
13) हस्त → 4th = अनुराधा
Tree: जामुन
➡ Remedy: जामुन का बीज सुखाकर रखें।
14) चित्रा → 4th = ज्येष्ठा
Tree: बेल (Bael)
➡ Remedy: बेल का पत्ता/फूल पूजा स्थान पर रखें।
15) स्वाति → 4th = मूल
Tree: सौंफ (Fennel Plant)
➡ Remedy: सौंफ की थोड़ी मात्रा प्रतिदिन रखें/खाएँ।
16) विशाखा → 4th = पूर्वाषाढ़ा
Tree: मनसा/ओड़िया बेल
➡ Remedy: उसकी लकड़ी/पत्ती का छोटा टुकड़ा रखें।
17) अनुराधा → 4th = उत्तराषाढ़ा
Tree: कठफला (Nutmeg/Jaiphal tree)
➡ Remedy: जायफल साथ रखें या सुंघें।
18) ज्येष्ठा → 4th = श्रवण
Tree: आक (Madar)
➡ Remedy: आक की सूखी पत्ती घर के बाहर रखें (भीतर नहीं)।
19) मूल → 4th = धनिष्ठा
Tree: कुसुम (Ceylon olive)
➡ Remedy: कुसुम की सूखी पत्ती/फूल।
20) पूर्वाषाढ़ा → 4th = शतभिषा
Tree: अशोक
➡ Remedy: अशोक की पत्ती को पास रखें।
21) उत्तराषाढ़ा → 4th = पूर्वाभाद्रपद
Tree: जामुन (same family)
➡ Remedy: जामुन की छाल/बीज रखें।
22) श्रवण → 4th = उत्तराभाद्रपद
Tree: आक/पंड्या
➡ Remedy: आक की जड़ (बहुत छोटी) बाहर रखें।
23) धनिष्ठा → 4th = रेवती
Tree: खैर
➡ Remedy: खैर/बबूल की लकड़ी रखें।
24) शतभिषा → 4th = अश्विनी
Tree: तुलसी (Ashwini Tree symbolically Tulsi)
➡ Remedy: तुलसी का पत्ता जल में डालकर पिएँ।
25) पूर्वाभाद्रपद → 4th = भरणी
Tree: आंवला
➡ Remedy: आंवला/आंवला पत्ती रखें।
26) उत्तराभाद्रपद → 4th = कृत्तिका
Tree: पीपल (symbolic for Kritika fire purification)
➡ Remedy: पीपल की एक सूखी पत्ती।
27) रेवती → 4th = रोहिणी
Tree: जामुन
➡ Remedy: जामुन का बीज या सूखा पत्ता रखें।
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