अश्विनी
➡ सुबह खाली पेट 1 चम्मच शहद।
भरणी
➡ काले तिल की एक चुटकी जेब में।
कृत्तिका
➡ देसी घी का दीपक रोज 2 मिनट देखें।
रोहिणी
➡ गुलाबी/हल्का लाल कपड़ा शनिवार को पहनें।
मृगशिरा
➡ इत्र/सुगंध हल्का-सा लगाएँ।
आर्द्रा
➡ कपूर घर में रोज 1 बार जलाएँ।
पुनर्वसु
➡ घर में चावल की छोटी कटोरी रखें।
पुष्य
➡ छोटा मोर पंख अपने पास रखें।
आश्लेषा
➡ रोज नींबू पानी पिएँ (ऊर्जा संतुलन)।
मघा
➡ घर के पितरों को जल अर्पित करें।
पूर्वाफाल्गुनी
➡ गुलाब-सुगंध का प्रयोग करें।
उत्तराफाल्गुनी
➡ किसी को दिन में 1 बार मुस्कुराकर मदद करें।
हस्त
➡ चाँदी का छोटा-सा टुकड़ा रखें।
चित्रा
➡ हल्का-सा लाल रंग का कुछ पहनें।
स्वाति
➡ इतरी/सुगंध की हल्की हवा कमरे में।
विशाखा
➡ हल्दी को तिजोरी/पर्स में रखें।
अनुराधा
➡ कपूर+लौंग हफ्ते में 1 बार जलाएँ।
ज्येष्ठा
➡ रात को सिरहाने मोर पंख।
मूला
➡ किसी भी पेड़ की जड़ में थोड़ा जल।
पूर्वाषाढ़ा
➡ 1 चुटकी गुड़ दिन में।
उत्तराषाढ़ा
➡ सफेद कपड़ा/रुमाल साथ रखें।
श्रवण
➡ एक छोटा-सा शंख घर में रखें।
धनिष्ठा
➡ तांबे का सिक्का जेब में।
शतभिषा
➡ ठंडा पानी/नींबू से ऊर्जा साफ रखें।
पूर्वाभाद्रपद
➡ रोज 2 मिनट दीपक की लौ देखें।
उत्तराभाद्रपद
➡ नाक में हल्की-सी चंदन सुगंध।
रेवती
➡ बिस्तर/कमरे में मोर पंख — विशेष Remedy।
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